भारत की कल्पना के मुताबिक बेहद सधा हुआ बजट: डॉ. विजय धस्माना
देहरादून के डोईवाला स्थित स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू) के कुलपति व भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) उत्तराखंड के पूर्व अध्यक्ष डॉ.विजय धस्माना ने कहा कि अमृत काल का यह पहला बजट समृद्ध और समावेशी भारत की कल्पना के लिए अच्छा और सधा हुआ बजट है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
हेल्थ सेक्टर की मजबूती पर जोर
कोविड संकट के बाद हेल्थ सेक्टर की तरफ सरकार का विशेष फोकस रहा है। सरकार भी यह समझ चुकी है कि देश के स्वास्थ्य के लिए अच्छा है आम-आदमी का स्वस्थ होना। स्वास्थ्य उपकरण के निर्माण पर बजट में उचित प्रावधान किए गए हैं। इसके लिए इंजीनियरिंग और मेडिकल सेक्टर में मल्टीडिसिप्लिनरी कोर्सेस (Multidisciplinary Courses) शुरू किए जाएंगे। देश में भी स्वास्थ्य उपकरण बन सकेंगे। इससे उपकरण की कीमत में कमी होगी। इससे मरीजों के उपचार व स्वास्थ्य जांचों की कीमत में कमी दर्ज होगी, जिसका प्रत्यक्ष रुप से फायदा मरीजों को मिलेगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
नर्सों की कमी हो सकेगी दूर
150 नए नर्सिंग कॉलेज खोलने का प्रस्ताव है, उससे जो हेल्थकेर सेक्टर मजबूत होगा। मरीजों के उपचार में नर्सिंग केयर सबसे अहम मानी जाती है। देश में नर्सों की बेहद कमी है, नए नर्सिंग कॉलेज खोले जाने से नर्सों की कमी को दूर किया जा सकेगा साथ ही हेल्थ केयर डिलिवरी सिस्टम मजबूत होगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
स्वास्थ्य के क्षेत्र में रिसर्च को मिलेगा बढ़ावा
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) अभी तक सामान्यत: गवर्नमेंट मेडिकल संस्थानों को ही स्वास्थ्य के क्षेत्र में शोध के लिए फंड देता था, लेकिन इस बजट में प्राइवेट मेडिकल कॉलेज और संस्थान को भी शामिल करने प्रस्ताव किया गया है। यह एक सराहानीय कदम है। इससे देश में जो बहुत अच्छे प्राइवेट मेडिकल कॉलेज और संस्थान हैं वह आईसीएमआर के साथ मिलकर मेडिकल फील्ड में रिसर्च की जो फैसिलिटीज मिलेंगी उसका लाभ उठा सकते हैं। इससे स्वास्थ्य के क्षेत्र में जो भी रिसर्च होगी उसका सीधा-सीधा फायदा आम जनता को मिलेगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
एग्री स्टार्टअप के लिए युवाओं को प्रोत्साहित करेगा बजट
भारत को कृषि प्रधान देश भी माना जाता है। ऐग्रिकल्चर सेक्टर के लिए बजट में जो भी फैसले लिए गए वह सभी स्वागतयोग्य हैं। पिछले एक दशक में जिस तरह एग्री स्टार्ट-अप की संख्या में बढ़ोतरी हुई है, उसको देखते हुए एग्री स्टार्ट-अप के लिए युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए एक एग्रीकल्चर एक्सीलेरेटर फंड का गठन एक बहुत ही बढ़िया फैसला है। ऐग्रिकल्चर सेक्टर में जो भी स्टार्टअप होंगे उन्हें सपोर्ट मिलेगा। ग्रामीण युवकों को एग्री स्टार्ट-अप शुरू करने में काफी मदद मिलेगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
देश में स्टार्टअप सेक्टर का बढ़ेगा ग्राफ
देश के आर्थिक विकास के लिए एंटरप्रेन्योरशिप बेहद जरूरी है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है। सरकार ने देश में स्टार्टअप इकोसिस्टम को और आगे बढ़ाने पर बजट में फोकस किया है। आम बजट में स्टार्टअप सेक्टर के लिए इनकम टैक्स बेनेफिट के साथ-साथ कई अन्य सहूलियतों का भी प्रावधान किया है। इससे देश में नए नए स्टार्टअप्स आएंगे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
एयरपोर्ट से बढ़ेगी इकोनॉमी
किसी भी देश की इकोनॉमी की तरक्की के लिए जरूरी है उसकी राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कनेक्टिविटी अच्छी हो। 50 नए एयरपोर्ट बनाने व उच्चीकरण के लिए इस बजट में प्रस्ताव रखा गया है जो कि सराहानीय कदम है। 50 नए एयरपोर्ट डेवलप होंगे, इससे भी हमारे देश की इकोनॉमी को बढ़ाने में मदद मिलेगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेक्टर में मजबूत बनेगा देश
आधुनिक युग के पैमानों पर तरक्की के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आज की जरूरत बन गया है। वर्तमान दौर में सारे सेक्टर में बेहद एडवांस तरीके से काम किया जा रहा है। इस क्षेत्र को आगे बढ़ाने के लिए देश में तीन नए सेंटर ऑफ एक्सिलेंस बनाने का ऐलान स्वागत योग्य है।

Bhanu Prakash
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भानु बंगवाल
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



