उत्तराखंड कांग्रेसः सीनियर नेताओं में गुटबाजी से परेशान दो नेताओं ने छोड़ी कांग्रेस
45 सालों तक पार्टी से जुड़े रहे कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता डॉ आरपी रतूड़ी ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही महिला प्रदेश उपाध्यक्ष कमलेश रमन ने भी पार्टी छोड़ दी है।
उत्तराखंड कांग्रेस की ग्रह चाल सही नहीं चल रही है। एक बार फिर से कांग्रेस को दो बड़े झटके लगे हैं। पार्टी में विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद से ही सीनियर नेताओं का इस्तीफे का दौर अब तक जारी है। 45 सालों तक पार्टी से जुड़े रहे कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता डॉ आरपी रतूड़ी ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही महिला प्रदेश उपाध्यक्ष कमलेश रमन ने भी पार्टी छोड़ दी है। दोनों सीनियर नेताओं के पार्टी छोड़ने के बाद अभी और पार्टी कार्यकर्ताओं के पार्टी छोड़ने की चर्चा है।डॉ आरपी रतूड़ी ने सोशल मीडिया में पोस्ट डालकर पार्टी के सीनियर नेताओं के बीच सोशल मीडिया में छिड़ी जुबानी जंग को ही कारण बताया है। रतूड़ी ने नेताओं के आपसी झगड़े की वजह से पार्टी कार्यकर्ताओं के हतोत्साहित होने की बात की है। जिस वजह से उन्होंने पार्टी छोड़ने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 की हार से भी पार्टी ने सबक नहीं लिया और हाल के चुनाव में भी हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि 2027 में भी कांग्रेस चुनाव जीतना नहीं चाहती है।
पार्टी नेताओं में चल रही है सियासी जंग
उत्तराखंड कांग्रेस में पूर्व सीएम हरीश रावत और पूर्व नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह के बीच चल रहा सियासी द्वंद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। चुनाव के ऐलान के बाद से ही दोनों में गुटबाजी चरम पर नजर आई। प्रदेश में कांग्रेस के अंदर सीनियर नेताओं में चल रही गुटबाजी का खामियाजा पार्टी कार्यकर्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। यही कारण है कि लंबे समय तक कांग्रेस के साथ जुड़े रहे सीनियर कार्यकर्ता और पदाधिकारी कांग्रेस का दामन छोड़ रहे हैं। हाल ही में कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जोत सिंह बिष्ट ने 40 साल तक कांग्रेस में रहने के बाद आम आदमी पार्टी ज्वाइन की। वहीं, अब 45 साल तक कांग्रेस के साथ रहे आरपी रतूड़ी और महिला प्रदेश उपाध्यक्ष कमलेश रमन ने भी कांग्रेस को अलविदा कह दिया। दोनों ने सोशल मीडिया में इस्तीफे का जिक्र किया है।



