Loksaakshya Social

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

July 28, 2026

सामान्य गति से आगे बढ़ रहा मानसून, पांच दिन के भीतर इन राज्यों में होगी मूसलाधार बारिश, जानिए उत्तराखंड का मौसम

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि मानसून सामान्य गति से आगे बढ़ रहा है और अगले दो दिनों में इसके महाराष्ट्र पहुंचने की संभावना है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि मानसून सामान्य गति से आगे बढ़ रहा है और अगले दो दिनों में इसके महाराष्ट्र पहुंचने की संभावना है। मौसम विज्ञान कार्यालय ने इसके साथ ही 10 और 11 जून को अरुणाचल प्रदेश में और अगले पांच दिनों तक असम व मेघालय में मूसलाधार बारिश (204.4 मिलीमीटर से अधिक) की चेतावनी दी है। गौरतलब है कि देश में वार्षिक बारिश में 70 प्रतिशत बारिश मानसूनी हवाओं से होती है और इसे कृषि आधारित अर्थव्यवस्था के लिए जीवनरेखा माना जाता है।
आईएमडी के वैज्ञानिक आर. के. जेनामणि ने बताया कि मानसून ने 29 मई को केरल तट पर दस्तक दी और 31 मई से सात जून के बीच दक्षिण एवं मध्य अरब सागर, पूरे केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में पहुंच गया था। जेनामणि ने पत्रकारों से कहा कि मानसून में कोई विलंब नहीं है। अगले दो दिनों में इसके महाराष्ट्र पहुंचने की संभावना है और उसके बाद के दो दिनों में पूरे मुंबई में मानसून पहुंच जाएगा।
उन्होंने कहातेज हवाएं हैं और अगले दो दिन में बादल बनने लगेंगे। जेनामणि ने बताया कि अगले दो दिनों में गोवा और महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश तथा तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। आईएमडी ने पिछले महीने बताया था कि इस साल दक्षिण पश्चिम मानसून सामान्य रहेगा और गत 50 साल के औसत 87 सेंटीमीटर वर्षा के मुकाबले 103 प्रतिशत बारिश होगी। यह लगातार सातवां साल होगा जब जून से सितंबर के बीच देश में सक्रिय रहने वाले मानूसन के दौरान देश में सामान्य वर्षा होगी।
जेनामणि ने बताया कि अगले कुछ दिनों तक अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। असम में पिछले महीने भी बाढ़ आ चुकी है। मानसून पूर्व हुई भारी बारिश और उससे आई बाढ़ की वजह से सड़क, रेल पटरियों और पुलों सहित अवसंरचना को भारी नुकसान हुआ। जब जेनामणि से पूछा गया कि दिल्ली-एनसीआर और देश के पश्चिमोत्तर भारत तक क्या मानसून सामान्य तारीख तक पहुंच जाएगा तो उन्होंने कहा कि अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। पिछले साल आईएमडी ने पूर्वानुमान लगाया था कि दिल्ली तक मानूसन 27 जून की सामान्य तारीख से दो सप्ताह पहले ही पहुंच जाएगा, लेकिन यह 13 जुलाई को पहुंचा जो गत 19 साल में सबसे देरी से पहुंचने का रिकॉर्ड है।
उत्तराखंड में मौसम का हाल
इन दिनों उत्तराखंड गर्मी से तप रहा है। मैदानी इलाकों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से पार पहुंच रहा है। ऐसे में अब पर्वतीय जिलों के लिए राहत की खबर ये है कि कि नौ जून से कई पर्वतीय जिलों में बारिश का सिलसिला शुरू हो गया। जो कि आगे भी चलता रहेगा। बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में गुरुवार को बारिश हुई। वहीं, मैदानी इलाके शुष्क रहेंगे। ऐसे में मैदानी इलाकों में तापमान में ज्यादा गिरावट की संभावना नहीं है। हालांकि पिछले दिनों तक मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान 40 से 42 डिग्री तक पहुंच रहा था। अगले चार पांच दिनों तक मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान 39 से 41 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। वहीं, पर्वतीय इलाकों में अधिकतम तापमान 28 से 30 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है।
गर्मी का ओरेंज अलर्ट
हालांकि, उत्तराखंड में 13 जून तक पर्वतीय जिलों में बारिश की संभावना है। फिलहाल 13 जून तक कई इलाकों में बारिश हो सकती है। इसके बावजूद पर्वतीय इलाकों में कुछ स्थानों पर और मैदानी क्षेत्र में भी कहीं कहीं ऊष्ण लहर की स्थिति बने रहने की संभावना है। ऐसे में 13 जून तक गर्मी का ओरेंज अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही फसलों को नुकसान, जंगलों में आग की घटनाओं में बढ़ोत्तरी की संभावनाएं जताई गई है।
उत्तराखंड में मौसम का हाल
राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, 13 जून तक पर्वतीय जिलों में उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल, चंपावत जिले में कहीं कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश गर्जन के साथ हो सकती है। राज्य के अन्य इलाकों में मौसम शुष्क रह सकता है। इस दौरान कुछ स्थानों पर तेज सतही हवाएं चलने की संभावना भी है।