स्वयंवर की तिथि हुई 20 मार्च, दूल्हे का होगा चयन, शपथ ग्रहण को भव्य और दिव्य बनाने का दावा, धामी और निशंक की मुलाकात के मायने
उत्तराखंड में कौन सीएम होगा, अभी इस पर पर्दा पड़ा हुआ है। हालांकि आला नेताओं ने विधायक दल के नेता का चयन कर दिया है और अभी फिलहाल इसे गोपनीय रखा गया है। सिर्फ स्वयंवर के जरिये नेता चुनने की औपचारिकता पूरी की जानी है। अब स्वयंवर की तिथि भी 19 मार्च की बजाय 20 मार्च की जा रही है। कारण ये है कि कुमाऊं में कई स्थानों पर 19 मार्च को होली मनाई जा रही है। ऐसे में सभी विधायकों ने इस दिन विधानमंडल दल की बैठक में पहुंचने में असमर्थता जाहिर की है। इस पर संगठन ने यह तय किया है कि 20 मार्च को देहरादून में भाजपा विधानमंडल दल की बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें सभी विधायकों को अनिवार्य तौर पर पहुंचने के लिए संदेश भेजा गया है। इस बैठक में भाजपा आलाकमान की ओर से पर्यवेक्षक के तौर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश राज्यमंत्री मीनाक्षी लेखी सह पर्यवेक्षक के तौर पर शामिल होंगे।भव्य और दिव्य होगा सीएम का शपथ ग्रहण समारोह
हालांकि दूल्हे के पता नहीं है, लेकिन शपथ ग्रहण की तैयारी उत्तराखंड भाजपा ने कर दी है। दावा किया जा रहा है कि नई सरकार के सीएम का शपथ ग्रहण भव्य और दिव्य होगा। इसके लिए प्रदेश प्रभारी ने संगठन के पदाधिकारियों को जरुरी निर्देश दिए। पार्टी के मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम ने वर्चुअल बैठक मे प्रदेश पदाधिकारियों और व्यवस्थाओं से जुड़े वरिष्ठ नेताओं के साथ विस्तृत चर्चा की।
प्रदेश प्रभारी ने कहा कि समारोह मे समाज के सभी वर्गों की भागेदारी की जानी चाहिए। समाज मे प्रतिष्ठित विभिन्न क्षेत्रों मे समाज के लिए प्रेरणा का कार्य करने वाले लोगो के बीच यह शपथ हो जिसका प्रदेश साक्षी बने इसके लिए पूरी तैयारी की जाय। इसमें मातृ शक्ति, बुद्धिजीवी और जन सरोकारो से जुड़े सभी वर्ग सम्मिलित हो। बैठक मे प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक तथा महामंत्री संगठन अजेय कुमार भी मौजूद रहे। बैठक का संचालन पार्टी के प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार ने किया।
सवाल कौन बनेगा सीएम
उत्तराखंड में सीएम को लेकर तरह तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। कई लोग तो पूर्व सीएम पुष्कर सिंह धामी को ही सीएम पद का प्रबल दावेदार मान रहे हैं। उनका कमजोर पक्ष ये है कि वह खुद चुनाव हार गए। वहीं, यूपी में कम मतों के अंतर से हारने वालों को इस बार मंत्रिमंडल में जगह नहीं देने की बात चल रही है। ऐसे में उत्तराखंड में सीएम पद के लिए बीजेपी हारे हुए विधायक पर क्या दाव खेल सकती है, ये भी सवाल उठते हैं। हालांकि हाल ही में कार्यवाहक सीएम धामी और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक को केंद्रीय नेताओं ने दिल्ली बुलाया था। उनकी पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात भी हुई। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि उन्हें सीएम बनाया जाएगा। वहीं, ये भी सवाल है कि जब पूर्व में त्रिवेंद्र सिंह रावत और तीरथ सिंह रावत को सीएम पद से हटाया गया था तो उन्हें भी दिल्ली तलब किया गया था। वैसे सीएम पद के अन्य दावेदारों में कई नेताओं के नाम उछाले जा रहे हैं। इनमें सांसद से लेकर विधायक भी हैं। अब देखना ये है कि बीजेपी आलाकमान की कृपा दृष्टि किस पर टिकती है। हालांकि कई नेता दिल्ली दरबार तक गणेश परिक्रमा कर चुके हैं।
कार्यवाहक सीएम ने दी होली की बधाई
उत्तराखंड के कार्यवाहक मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को होली पर्व की शुभकामनाएं दी है। होली पर्व की पूर्व संध्या पर उन्होंने कहा कि होली रंग और उल्लास के त्यौहार के साथ ही हमारी समृद्ध संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है। हर्षोल्लास के वातावरण में मनाया जाने वाला यह पर्व सामाजिक समरसता तथा एकता की भावना को सुदृढ़ करता है। भगवान बदरी विशाल और बाबा केदार से यही मंगल कामना है कि रंगों का यह त्यौहार प्रदेश में समृद्धि और उन्नति का रंग लेकर आए और लोगों में स्नेह, सद्भाव और भाईचारा बना रहे।
धामी और निशंक की मुलाकात के मायने
उत्तराखंड के कार्यवाहक सीएम पुष्कर सिंह धामी ने आज पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं लोकसभा सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक के देहरादून स्थित आवास पर पहुंचकर उन्हें होली के पावन पर्व की शुभकामनाएं दी। इसकी जानकारी खुद धामी ने सोशल मीडिया में पोस्ट के जरिये दी। ऐसे में इस मुलाकात के भी कई मायने निकाले जा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि पुष्कर सिंह रावत को आलाकमान ये बता चुका है कि सीएम कौन होगा। ऐसे में उनकी निशंक से मुलाकात के भी मायने निकाले जा रहे हैं। सूत्र कहते हैं कि हो सकता है कि निशंक के नाम पर मुहर लगा दी गई हो। फिलहाल ऐसी संभावनाएं भी जताई जा रही है कि इस बार भी बीजेपी नेतृत्व सारे दावेदारों से इतर किसी नए चेहरे के नाम की घोषणा कर सबको चौंका सकता है।




