उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों के चिह्निकरण की प्रक्रिया शुरू करने को लेकर जनवादी महिला समिति का प्रदर्शन
उत्तराखंड में राज्य आंदोलनकारियों के चिह्निकरण की प्रक्रिया दोबारा से शुरू करने को की मांग को लेकर लेकर जनवादी महिला समिति ने देहरादून स्तित जिला मुख्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया।
उत्तराखंड में राज्य आंदोलनकारियों के चिह्निकरण की प्रक्रिया दोबारा से शुरू करने को की मांग को लेकर लेकर जनवादी महिला समिति ने देहरादून स्तित जिला मुख्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया। इस दौरान उप नगर मजिस्ट्रेट के माध्यम से जिलाधिकारी को ज्ञापन प्रेषित किया। साथ ही हरियाणा में आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों पर लाठीचार्ज का विरोध किया गया। इस संदर्भ में जिला प्रशासन के माध्यम से हरियाणा सरकार तथा राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित किया।ज्ञापन में देहरादून के जिलाधिकारी से अनुरोध किया गया है कि पूर्व निर्यणानुसार आंदोलनकारियों के चिह्निकरण की प्रक्रिया शुरू की गई थी जो कि चुनाव आचार संहिता के चलते गत दो माह से स्थगित है। अब बिना देर किये इसे शुरू किया जाना चाहिए। ताकि छूटे हुऐ सभी आन्दोलकारियों को चिह्नित किया जा सके।
एक दूसरे ज्ञापन में राष्ट्रपति से महिलाओं के खिलाफ हिंसा रोकने, महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए बजट बढोतरी, महंगाई पर रोक लगाने, गैस, पैट्रोल तथा डीजल के बढे़ दामों को वापस लेने, बेरोजगारी खत्म करने की मांग की गई। हरियाणाके मुख्यमंत्री को प्रेषित में आगनवाड़ी कार्यकत्रियों व सेविकाओं पर लाठीचार्ज के दोषियों को दण्डित करने की मांग की गई। साथ ही सेवा से निकाली गईं आगनवाड़ी कार्यकत्रियों एव सेविकाओं की सेवा बहाली आदि की मांग की गई।
प्रदर्शन करने वालों में जनवादी महिला समिति की प्रान्तीय उपाध्यक्ष इन्दु नौडियाल, महामंत्री दमयन्ती नेगी, बृन्दा मिश्रा, विमला भट्ट, सीता रावत, कमला, कान्ति रावत, विमला रावत, चन्दा गुसाईं, राजेश्वरी अवस्थी, यशोदा रावत, कुसुमा बिष्ट, सत्या रावत, जानकी मेहरा, शान्ता उनियाल, राजेश्वरी, गौरादेवी, गुलाबी, कलावती, सरोज पाल, सतेश्वरी बहुगुणा आदि बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल थी।




