उत्तराखंड विधानसभा चुनावः टूटे कई मिथक, गंगोत्री का बरकरार, सीएम के तीन चेहरे हारे, देखें पूरी सूची
उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में इस बार कई मिथक टूट रहे हैं। सिर्फ एक मिथक बरकरार रहने की संभावना है। मिथक ये है कि यहां एक बार कांग्रेस और एक बार बीजेपी की सरकार बनती है। ये मिथक फिलहाल अब तक हुई मतगणना के आधार पर टूटता नजर आ रहा है।
उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में इस बार कई मिथक टूट रहे हैं। सिर्फ एक मिथक बरकरार रहने की संभावना है। मिथक ये है कि यहां एक बार कांग्रेस और एक बार बीजेपी की सरकार बनती है। ये मिथक इस बार के चुनाव में टूट गया है। वहीं, दूसरा मिथक ये था कि उत्तराखंड से कोई शिक्षा मंत्री दोबारा चुनाव नहीं जीता। ये मिथक भी टूट गया और शिक्षामंत्री अरविंद पांडे ने गदरपुर से 1179 वोटों से जीत हासिल की। यह भी पहला मौका है, जब प्रदेश में किसी शिक्षा मंत्री ने जीत हासिल की।अब तीसरा मिथक ये है कि गंगोत्री विधानसभा सीट से जो भी प्रत्याशी चुनाव जीतता है, प्रदेश में सरकार भी उसी के दल की बनती है। ये मिथक यूपी के समय से ही चला आ रहा है। इस सीट पर बीजेपी प्रत्याशी ने जीत दर्ज की और प्रदेश में बीजेपी को पूर्ण बहुमत मिला है। की सरकार उत्तराखंड में बनने जा रही है। यानी कि ये मिथक बरकरार रहने वाला है। अब यदि वोटों की बात की जाए तो प्रदेश में बीजेपी ने 47, कांग्रेस ने 19 और अन्य ने तीन सीटों पर जीत दर्ज की।
उत्तराखंड में भाजपा कांग्रेस और आप के मुख्यमंत्री चेहरे चुनाव हार गए हैं। लालकुआं सीट से कांग्रेस प्रत्याशी एवं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत चुनाव हार गए हैं। भाजपा सरकार में बीते चार जुलाई को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद पुष्कर सिंह धामी के नाम और चेहरे पर भाजपा ने चुनाव लड़ा, लेकिन खटीमा में वे कांग्रेस प्रत्याशी भुवन कापड़ी से चुनाव हार गए हैं। वहीं, सीएम के तीसरे चेहरे आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी कर्नल अजय कोठियाल भी चुनाव हार गए।
देखें किस सीट पर किस प्रत्याशी ने हासिल की जीत













