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February 15, 2026

उत्तराखंड में आफत की बारिश, पांच की मौत, ऊंची चोटियों में बर्फबारी, कई सड़कें बंद, चारधाम यात्रा रोकी

उत्तराखंड में पिछले 24 घंटे से लगातार बारिश के कारण पांच व्यक्तियों की मौत हो गई। सचिव आपदा प्रबंधन एसए मुरुगेशन ने इसकी पुष्टि की।

उत्तराखंड में लगातार बारिश का दौर जारी है। लगातार बारिश के चलते उत्तराखंड में दो दिन का रेड अलर्ट जारी है। भारी बारिश की संभावना के मद्देनजर चारधाम यात्रा को फिलहाल रोका गया है। यात्रियों को इन दिनों यात्रा न करने का सलाह दी गई है। साथ ही आज के राज्य के अधिकांश जिलों में पहली कक्षा से लेकर 12वीं तक के स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखा गया है। उत्तराखंड में पिछले 24 घंटे से लगातार बारिश के कारण पांच व्यक्तियों की मौत हो गई। सचिव आपदा प्रबंधन एसए मुरुगेशन ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि राज्य में 20 स्थानों पर भारी वर्षा हुई है। इस दौरान पौड़ी जिले की की लैंसडौन तहसील के अंतर्गत एक मकान की छत गिरने से तीन व्यक्तियों की मौत हुई है, जबकि दो घायल हैं। चंपावत में एक महिला और उसके बेटे की मौत हो गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी पल-पल की खबर ले रहे हैं। सीएम धामी ने मुख्य सचिव और सभी जिलाधिकारियों से बात की। सीएम धामी ने कहा सभी इंतजाम कर लिए गए हैं। साथ ही अलर्ट जारी किया गया है। वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने भी सीएम धामी को फोन कर हालात की जानकारी ली।
पौड़ी गढ़वाल के जयहरीखाल प्रखंड में भारी बरसात के चलते गिरे मलबे में दबने से दो नेपाली महिला मजूदरों समेत एक बच्ची की मौके पर मौत हो गई है, जबकि अन्य दो घायल हुए है। प्रखंड के लैंसडौन-गुमखाल मोटर मार्ग में ग्राम समखाल के निकट भारी बरसात के चलते पहाड़ी से मलबा गिरने लगा। घटना स्थल के निकट ही काम कर रहे मजदूर सड़क से सौ मीटर नीचे झोपड़ी बनाकर रह रहे थे। मलबा झोपड़ी के ऊपर गिरने के कारण झोपड़ी में रहने वाली समूना(50) पत्नी नियाज हाल निवासी समखाल, सपना(40) पत्नी लिंगडा और अलीसा(चार साल) पुत्री सपना की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, निजाज पुत्र मुमताज(55) हाल निवासी समखाल और सविया(16) पुत्री नियाज घायल हुए है।
घायलों को उपचार के लिए 108 आपातकालीन सेवा से प्राथमिक स्वास्थ केंद्र जयहरीखाल में भर्ती करवाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद घायलों को कोटद्वार के लिए रेफर कर दिया गया। सभी मजदूर समखाल में निर्माणाधीन एक होटल में कार्य कर रहे थे। सोमवार को बरसात तेज होने की बजह से मजदूर अपनी झोपड़ी में ही थे। भारी बरसात के चलते गिरे मलबे से मजदूर तो बाहर निकलने में कामयाब रहे, लेकिन महिला और मासूम की अंदर ही मलबे में दबने के कारण मौत हो गई।
चंपावत के सेलाखोला गांव में आवासीय मकान के मलबे की चपेट में आने से एक महिला व उसके बेटे की मौत हो गई। घटना की जानकारी के बाद तत्काल रेस्क्यू शुरू कर दिया गया। काफी मशक्कत के बाद महिला और उसके बेटे के शव को मलबे से निकाला जा सका। रविवार को 11:30 बजे के करीब सेलाखोला गांव में आनंद सिंह मौनी के आवासीय मकान और और कच्ची रसोई में मकान के पीछे करीब 20 मीटर की ऊंचाई से भारी मात्रा में मलबा गिर गया। मलबा अंदर घुसने से वहां मौजूद कलावती देवी (48) पत्नी आनंद सिंह मौनी और उसका पुत्र 17 वर्षीय आनंद सिंह मौनी दब गए। जिनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के वक्त आनंद सिंह मौनी किसी काम से बाजार गए हुए थे जिससे उनकी जान बच गई।
सीएम ने लिया अपडेट
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय स्थित राज्य आपदा कन्ट्रोल रूम से प्रदेश में हो रही वर्षा की जानकारी ली। उन्होंने राष्ट्रीय राजमर्गों एवं अन्य सम्पर्क मार्गों की जानकारी भी ली। जिलाधिकारी पौड़ी एवं जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग से मुख्यमंत्री ने फोन से वार्ता कर ताजा अपडेट लिया। जिलाधिकारी पौड़ी ने जानकारी दी गई कि तहसील लैंसडौन के क्षेत्रान्तर्गत छप्पर गिरने से 03 लोगों की मृत्यु हो गई, जबकि 02 लोग घायल हो गये थे। घायलों को हायर सेंटर रैफर किया गया है। जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग ने जानकारी दी कि केदारनाथ में कल तक 06 हजार श्रद्धालु थे। जिसमें से चार हजार वापस आ गये हैं। शेष 02 हजार सुरक्षित स्थानों पर है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित किया जाय कि बारिश के कारण यदि कोई राजमार्ग बाधित होता है, तो उनमें आवगमन जल्द सुचारु करने के लिए पूरी व्यवस्था हो। जिन क्षेत्रों में अधिक वर्षा हो रही हैं, वहां विशेष सतर्कता बरती जाय। मुख्यमंत्री सुबह से सभी जिलाधिकारियों से अपडेट ले रहे हैं। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव आपदा प्रबंधन एस.ए. मुरूगेशन, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी रिद्धिम अग्रवाल, जितेन्द्र सोनकर, डॉ. आनन्द श्रीवास्तव आदि उपस्थित थे।

कुमाऊं में लगातार बारिश के चलते मलबा आने से चंपावत एनएच पर आवाजाही बन्द हो गई। टनकपुर- पिथौरागढ़ हाईवे भी बंद है। यहां स्वाला से लेकर घाट तक चार जगह मलबा आने की सूचना है। प्रशासन ने प्रशासन ने टनकपुर ककराली गेट को भी बंद कर दिया है। वहीं, हल्द्वानी अल्मोड़ा हाइवे वीरभट्टी के पास मलबा आने से बंद हो गया है। वहीं, चारधाम की ऊंची चोटियों में बर्फबारी का दौर भी शुरू हो चुका है। वहीं गंगोत्री में भी बर्फबारी हुई।

एसडीआरएफ की 29 टीमें अलर्ट
इसके साथ ही राज्य में एसडीआरएफ ने 29 टीमें अलर्ट की हैं। इनमें देहरादून में सहस्त्रधारा, चकराता, टिहरी में ढालवाला (ऋषिकेश), कोटि कॉलोनी, ब्यासी(कौड़ियाला), उत्तरकाशी में उजेली, भटवाड़ी, गंगोत्री, बड़कोट, जानकीचट्टी, यमुनोत्री, पौड़ी गढ़वाल में श्रीनगर, कोटद्वार, सतपुली, चमोली में गौचर, जोशीमठ, पांडुकेश्वर, श्री बद्रीनाथ, रुद्रप्रयाग में सोनप्रयाग, अगस्तमुनि, लिनचोली, श्रीकेदारनाथ, पिथौरागढ़ में पिथौरागढ़, धारचूला, अस्कोट, बागेश्वर में कपकोट, नैनीताल में नैनी झील, खैरना, अल्मोड़ा में सरियापानी, ऊधमसिंहनगर में रुद्रपुर में टीमें तैनात की गई हैं।
मौसम का हाल
उत्तराखंड में 16 अक्टूबर की देर रात से शुरू हुआ बारिश का दौर जारी है। लगातार बारिश के चलते आज और कल का रेड अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, पिथौरागढ़ जिले में इन दो दिन 3500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी भी होगी। आज हरिद्वार और उधमसिंह नगर जिले में बहुत भारी बारिश की चेतावनी है। साथ ही उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा, नैनीताल, चंपावत, देहरादून और पौड़ी जिले में भी कहीं कहीं भारी से भारी बारिश का अनुमान है।
इस दौरान तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली चमकने की संभावना है। ओवावृष्टि का भी अनुमान है। 60 से 70 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की भी संभावना है। इसकी गति 80 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। 19 अक्टूबर को भी उत्तराखंड राज्य के गढ़वाल मंडल में उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पौड़ी जिले के साथ ही कुमाऊं मंडल के कुछ जिलों में भारी बारिश का अनुमान है। साथ ही ओलावृष्टि भी हो सकती है। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के मुताबिक, 20 अक्टूबर को पिथौरागढ़, नैनीताल और चंपावत जिले में कहीं कहीं हल्की से मध्यम बारिश गर्जन के साथ हो सकती है। इसके बाद 21 अक्टूबर से मौसम के शुष्क रहने की संभावना है।

Bhanu Bangwal

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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।

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