ग्राफिक एरा में जीइएचयू लॉ रिव्यू जर्नल का विमोचन, 12 शोध पत्रों को किया गया शामिल
देहरादून स्थित ग्राफिक एरा पर्वतीय विश्वविद्यालय में आज जीइएचयू लॉ रिव्यू जर्नल के दूसरे संस्करण
का विमोचन किया गया। इसमें कानूनी और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों के शोध पत्र प्रकाशित किए गए हैं। जीइएचयू लॉ जर्नल का विमोचन करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ संजय जसोला ने कहा कि ग्राफिक एरा का यह जर्नल कानूनी शिक्षा के विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों की न्याय प्रक्रिया और कानूनी शिक्षा को सामाजिक परिपेक्ष में समझने में मददगार होगा।
उन्होंने ग्राफिक एरा के शोधार्थियों से उत्तराखंड के स्थानीय मुद्दों पर कानून से संबंधित विषय पर शोध करने पर भी जोर दिया। विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ लॉ के विभागाध्यक्ष डॉ विजेंद्र यादव ने जर्नल में छपे शोध पत्र की चयन प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों और लॉ कॉलेज के 25 शोधार्थियों ने अपने शोध पत्र रिव्यू के लिए भेजे। इसमें से 12 शोध पत्रों का जर्नल के लिए चयन किया गया।
जर्नल के बोर्ड ऑफ रिव्यूअर में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी मुंबई, इंडियन लॉ इंस्टीट्यूट दिल्ली, दिल्ली यूनिवर्सिटी, आईआईटी खड़गपुर जैसे संस्थानों के प्रोफेसर और विशेषज्ञ शामिल हैं। विश्वविद्यालय के डॉ. केपी नौटियाल ऑडिटोरियम में हुए इस समारोह में रजिस्ट्रार कैप्टन हिमांशु धूलिया, डीन रिसर्च डॉ. राजेश कुमार उपाध्याय, डॉ. नवतिका सिंह नौटियाल के साथ-साथ भीमताल, हल्द्वानी कैंपस के छात्र-छात्राएं और शिक्षकों ने भी ऑनलाइन माध्यम से प्रतिभाग किया।




