हरीश रावत ने इस विवि में भर्ती रद्द होने पर किए सवाल, बिजली बिलों पर कही ये बात, जानिए किसने कहा-हरीश मॉडल बेस्ट
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय में प्रोफेसरों सहित अन्य बड़े पदों की भर्तियों को रद्द करने पर भाजपा सरकार की मंशा पर सवाल उठाए।
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय में प्रोफेसरों सहित अन्य बड़े पदों की भर्तियों को रद्द करने पर भाजपा सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा शासन में ऐसा पिछले चार साल से चल रहा है। भर्ती परीक्षा बार बार रद्द की जा रही हैं। आने वाले चुनाव में जनता इनकी भर्ती भी रद्द कर देगी। वहीं, उन्होंने दिल्ली के सीएम केजरीवाल के उत्तराखंड में 300 यूनिट फ्री बिजली के वादे पर भी सवाल उठाए और फिर कांग्रेस की ओर से वादा किया कि ऐसी सुविधा चरणवार लागू की जाएगी।अगले साल विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सभी राजनीतिक दलों ने लोकलुभावन घोषणाओं के एजेंडे पर काम करना शुरू कर दिया है। वहीं, सत्ताधारी दल भाजपा भी नौकरियों से लेकर अन्य मुद्दों पर बढ़चढ़कर दावे कर रही है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 11 जुलाई को देहरादून पहुंचे और उन्होंने भी यहां की जनता को चार गारंटी दी। उन्होंने कहा कि यदि उत्तराखंड में आम आदमी पार्टी की सरकार बनेगी तो यहां के लोगों को 300 यूनिट फ्री बिजली दी जाएगी। पुराने बिजली के अनियमित बिलों को माफ किया जाएगा। बिजली कट नहीं होगा और किसानों को मुफ्त बिजली दी जाएगी।
अब उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सोशल मीडिया के जरिये भर्ती प्रक्रिया में सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि-आज फिर एक और भर्ती को रद्द करने का समाचार है। उन्होंने हिंदुस्तान समाचार पत्र में चांद मोहम्मद की रिपोर्ट को आधार बनाते हुए लिखा कि-आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय में प्रोफेसरों की, अन्य बड़े पदों की भर्तियों को रद्द किया गया है और कहा जा रहा है कि नये सिरे से विज्ञप्ति निकालेंगे। मैं पिछले 4 साल से लगातार देख रहा हूं कि भाजपा पूर्व में निकाली गई विज्ञप्तियों पर रोक लगाती है। जहां परीक्षाएं हो गई हैं उनमें भ्रष्टाचार ढूंढ करके। चाहे वो भ्रष्टाचार अब तक न मिला हो। उन परीक्षाओं को रद्द कर देती है और जहां परीक्षाएं हो जा रही हैं तो पदों में भारी कटौती कर दी जा रही है।
फिर हरीश रावत कहते हैं कि-तो भर्ती का शगुफा और रद्द करने का खेल। ये भाजपा की राजनीति से खाता है मेल। और अब इस खेल को नौजवान समझ गये हैं। और मुझे विश्वास है कि 2022 में वो भाजपा की भर्ती को भी अब रद्द कर देंगे।
हम दे सकते हैं 400 यूनिट तक फ्री बिजली, लेकिन..
दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के उत्तराखंड में सरकार बनने की स्थिति पर 300 यूनिट बिजली देने के वायदे पर हरीश रावत कहते हैं कि हम भी 400 यूनिट तक बिजली दे सकते हैं, यदि उत्तराखंड का बजट दिल्ली के बराबर होता। वह लिखते हैं कि- श्री केजरीवाल उपवाच। उत्तराखंड में 300 यूनिट बिजली प्रति परिवार फ्री देने का वादा। दिल्ली में मुख्यमंत्री के रूप में श्री Arvind Kejriwal जी का यह दूसरा टर्म है। और वहां लोगों को केवल 200 यूनिट तक बिजली फ्री दी जा रही है। 200 यूनिट से ज्यादा बिजली खर्च करने पर पूरा बिल वसूल किया जाता है।
उन्होंने आगे लिखा कि- सनद रहे दिल्ली में वाणिज्यिक पर 7 रुपया 75 पैसा पर यूनिट बिजली का बिल वसूला जाता है, जबकि उत्तराखंड में 5 रुपया 80 पैसा देना पड़ता है। फिर दिल्ली की आमदनी और उत्तराखंड की आमदनी का कोई मुकाबला नहीं है। यदि उत्तराखंड का बजट भी दिल्ली के वार्षिक बजट के बराबर हो तो कांग्रेस 400 यूनिट तक बिजली का बिल माफ कर देगी। राज्य के संसाधनों को देखकर हमारा वादा है कि सत्ता में आने के वर्ष 100 यूनिट और दूसरे वर्ष में 200 यूनिट तक बिजली मुफ्त देंगे।
केजरीवाल मॉडल से कहीं अच्छा हरीश रावत मॉडलः धीरेंद्र प्रताप
उत्तराखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल के तथाकथित केजरीवाल मॉडल से उत्तराखंड में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का “उत्तराखंड मॉडल” कहीं अच्छा था। उन्होंने केजरीवाल के उत्तराखंड अभियान को ढकोसला बताते हुए कहा कि उत्तराखंड की समस्याओं, उत्तराखंड के विकास, उत्तराखंड के सवालों और उत्तराखंड के इतिहास की जितनी समझ पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को है, इतनी किसी को नहीं है ।
उन्होंने कहा भाजपा घबराई हुई है और केजरीवाल यहां ड्रामा करके सत्ता में भागीदारी चाहते हैं। उनका इरादा उत्तराखंड का विकास नहीं है, बल्कि वह यहां पर सत्ता में काबिज होकर देश के नेता के रूप में अपनी पहचान बनाने की फिराक में हैं। उन्होंने कहा कि केजरीवाल की पार्टी का उत्तराखंड में खाता तक नहीं खुलेगा। कहा कि हरीश रावत और प्रीतम सिंह मिलकर भाजपा को तो हरायेगे ही, आप पार्टी को भी छठी का दूध याद दिला देंगे।




