दुस्साहसः डीजीपी की फेसबुक में बनाई फेक आइडी, मांग रहा लोगों से पैसे, डेढ़ घंटे में बंद कराई आइडी, छह टीम गठित
फेसबुक में फर्जी आइडी बनाकर लोगों के पैसे मांगने वालों का दुस्साहस देखिए। यहां तो उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार की ही फेस आईडी बना डाली। यही नहीं, आइडी बनाने वाला लोगों से राशि की भी मांग कर रहा है। ऐसे में उत्तराखंड पुलिस के लिए ऐसे साइबर अपराधियों को पकड़ना भी एक बड़ी चुनौती है। जो सीधे पुलिस के प्रदेश मुखिया तक को ही चुनौती दे रहा है। फिलहाल मामला संज्ञान में आने के डेढ़ घंटे के बाद पुलिस ने इस फर्जी आइडी को बंद करा दिया। अपराधी को पकड़ने के लिए छह टीमें गठित की गई हैं।पुलिस मुख्यालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक दिनांक 14 जून को पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार की फेक आईडी बनाई गई थी। इसमें पैसे मांगने की शिकायत संबंधी प्राथमिकी कोतवाली देहरादून में दर्ज की गई। प्राथमिक तौर पर अभियुक्त प्रोफेशनल साईबर अपराधी लग रहे हैं, जिनका कनेक्शन बिहार, झारखंड तथा राजस्थान से प्रतीत हो रहा है।
बनाई छह टीमें
पुलिस मुख्यालय के मुताबिक आज दिनांक 15 जून को पुलिस महानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था वी मुरूगेशन की अध्यक्षता में 06 टीमें बनाई गई हैं। जो इस प्रकरण की जांच करेंगी। साथ ही इन राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों से वार्ता की गई। जल्द ही इस प्रकरण का खुलासा कर लिया जायेगा।
इसके साथ ही पुलिस महानिरीक्षक ने पुलिस मुख्यालय स्थित सभागार में वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से पुलिस महानिरीक्षक कुमांयू परिक्षेत्र, पुलिस उपमहानिरीक्षक, गढवाल परिक्षेत्र एवं समस्त जनपदों के प्रभारियो के साथ जनपदों की कार्यवाहियों की समीक्षा की। साथ ही समस्त जनपद प्रभारियों को यह निर्देशित किया गया कि उनके जनपदों में रजिस्टर साईबर क्राईम से सम्बन्धित समस्त केसों का जल्द से जल्द निस्तारण किया जाए। इसके लिये अगर अन्य राज्यों में टीमों को भेजना पड़े तो वह भी किया जाए।
उपरोक्त वीडियो कान्फ्रेसिंग में पुलिस उपमहानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था नीलेश आनन्द भरणे, पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अजय सिंह, पुलिस अधीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था श्वेता चौबे के अतिरिक्त अन्य अधिकारियों ने ऑनलाईन प्रतिभाग किया।




