केंद्र सरकार ने निजी अस्पतालों में तय किए वैक्सीन के रेट, 150 रुपये सर्विस चार्ज अलग से, जानिए कंपनियों के टीकों की कीमत

केंद्र सरकार ने निजी अस्पतालों में कोरोना टीके लगाने के लिए अलग अलग वैक्सीन के अलग अलग रेट निर्धारित कर दिए हैं। इन कीमत में सर्विस चार्ज 150 अलग से जोड़ा गया है। यानी लोगों को वैक्सीन 150 रुपये नहीं, बल्कि भारी कीमत अदा करने के बाद लगेगी। इसे लेकर केंद्र सरकार ने नई कीमतें जारी कर दी हैं। वहीं, सरकारी अस्पतालों में कोरोना के टीके मुफ्त लगाने का पीएम मोदी ने एलान किया हुआ है।
केंद्र सरकार ने प्राइवेट अस्पतालों के लिए कोरोना वैक्सीन के अधिकतम रेट तय कर दिए हैं। कोविशील्ड का दाम 780 (600 वैक्सीन की कीमत+5 प्रतिशत GST+सर्विस चार्ज 150 रुपया) रुपये प्रति डोज है। कोवैक्सीन का दाम 1410 रुपये (1200 रुपया कीमत+60 रुपया जीएसटी+150 रुपया सर्विस चार्ज) प्रति डोज की गई है। स्पूतनिक-वी का दाम प्राइवेट अस्पतालों के लिए 1145 प्रति डोज (948 रुपया वैक्सीन+47 रुपया जीएसटी+ 150 रुपया सर्विस चार्ज) होगा। यानी आपको मुफ्त वैक्सीन लगानी है तो सरकारी टीकाकरण केंद्र में ही जाना होगा।
केंद्र सरकार ने वैक्सीन के रेट निर्धारित करने के साथ स्पष्ट किया कि हर रोज इसकी निगरानी की जाएगी। ज्यादा रेट वसूलने पर प्राइवेट कोविड वैक्सीनेशन सेंटर के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। केंद्र ने राज्यों से कहा है कि 150 रुपये सर्विस चार्ज से ज्यादा प्राइवेट अस्पताल न लें। इनकी निगरानी राज्य सरकारों को करनी है।
वैक्सीन खरीदने के लिए किए गए हैं ऑर्डर
केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने वैक्सीन के अधिकतम रेट तय करते हुए इसके बारे में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मेमोरेंडम भेजा है। नीति आयोग के सदस्य डॉ वीके पॉल ने आज कहा कि कुछ राज्यों ने पिछले महीने कहा था कि टीकों की खरीदी केंद्र द्वारा की जाए। उन्होंने कहा कि कोविशील्ड की 25 करोड़ डोज का ऑर्डर और कोवैक्सीन की 19 करोड़ डोज का ऑर्डर कंपनियों को दिया गया है। यह एडवांस ऑर्डर दिया गया है, जिसके लिए 30 फीसदी पेमेंट एडवांस में दिया जाएगा। केंद्र सरकार ने कुल 74 करोड़ वैक्सीन की डोज का एडवांस ऑर्डर दिया है। डॉ वीके पॉल ने कहा कि ई बायोलॉजिकल वैक्सीन सितंबर में मिलने की उम्मीद है, जिसके लिए 30 करोड़ डोज का ऑर्डर दिया गया है।
सारी जानकारी यहां मिलेगी
स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी लव अग्रवाल ने कहा कि मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ की वेबसाइट में सारी जानकारी उपलब्ध है। क्लीनिकल मैनेजमेंट इन्वॉल्व है। एक विस्तृत चर्चा के बाद गाइडलाइन जारी की जाती है जो DGHS की साइट पर गाइडलाइन एनालिसिस स्टेज पर है। फाइनल गाइडलाइन मिनिस्ट्री की साइट पर डाली जाएगी।




