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July 22, 2026

video: उत्तराखंड के सीएम ने किया दावा, जब से देश आजाद हुआ आपदा में कभी नहीं मिली चीनी, कांग्रेस का पलटवार

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने उत्तरकाशी जिले में एक ऐसा दावा किया कि विपक्ष को हमला करने का मौका मिल गया है। उनका बयान चीनी को लेकर आया है।


उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने उत्तरकाशी जिले में एक ऐसा दावा किया कि विपक्ष को हमला करने का मौका मिल गया है। उनका बयान चीनी को लेकर आया है। उन्होंने दावा किया कि जबसे देश आजाद हुआ कभी भी आपदा के समय चीनी नहीं दी गई। हमने इसे तीन माह के लिए किया है।
इन दिनों उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत हर जिलों में जाकर कोविड केयर सेंटरों की व्यवस्थाएं देख रहे हैं। साथ ही वे अस्पतालों में पीपीई किट पहनकर व्यवस्थाओं को जांच रहे हैं। मौका मिलते ही शिलान्यास, लोकार्पण कर रहे हैं। साथ ही जनसभा करके लोगों को सरकारी की उपलब्धियां बता रहे हैं।
हाल ही में तीरथ कैबिनेट की बैठक में तय किया गया कि हर राशन कार्डधारक को हर माह दो किलो चीनी 25 रुपये के भाव से मिलेगी। प्रदेश सरकार के इस निर्णय का उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने मजाक उड़ाया। उन्होंने कहा कि कोरोनाकाल में हजारों लोग बेरोजगार हुए हैं। उन्हें आर्थिक सहायता की बजाय सरकार एक रुपये प्रति परिवार प्रतिदिन के हिसाब से राहत दे रही है। उन्होंने कहा कि बाजार में चीनी का भाव 40 रुपये है। ऐसे में एक किलो चीनी में कार्डधारकों को 15 रुपये और दो किलो में तीस रुपये की राहत दी गई है। यानी की महीने में एक परिवार को तीस रुपये की राहत है। जो कि प्रतिदिन के हिसाब से एक रुपये है।
पहले मिलती थी चीनी, फिर किया बंद
आपको ये बताना जरूरी है कि पहले राशन की दुकानों में चीनी मिलती थी। ये चीनी एक यूनिट पर एक किलो दी जाती थी। ऐसे में कोई राशन की दुकान से भले ही गेहूं या चावल न ले, लेकिन मिट्टी का तेल और चीनी खरीदने जरूर जाता था। कारण ये था कि बाजार भाव से काफी सस्ती चीनी राशन की दुकान में मिल जाती थी। बाद में इसे एक यूनिट पर चार सौ ग्राम कर दिया गया। फिर भाजपा सरकार ने राशन की दुकानों में चीनी का वितरण ही पूरे देश भर में बंद कर दिया।
मुख्यमंत्री का भाषण
सीएम ने उत्तरकाशी में कहा कि पहले राशन चार किलो मिलता था इस बार हमने बीस किलो कर दिया। ये बताने की जरूरत है और चीनी कभी नहीं मिली, जबसे देश आजाद हुआ। किसी भी दुख में, कष्ट में, कभी भी आपदा के समय चीनी नहीं मिली। हम तीन महीने चीनी दे रहे हैं। कल ही मैने पास किया।

 

विपक्ष का हमला
उत्तरकाशी की गंगोत्री विधानसभा सीट से पूर्व विधायक एवं कांग्रेस नेता विजयपाल सजवाण के पीए प्रताप पंवार का कहना है कि सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों से चीनी गायब करने का श्रेय भी भाजपा सरकार को ही जाता है। पहले इन दुकानों में बाजार भाव से कम कीमत में चीनी मिलती ती। उन्होंने सीएम के बयान पर ऐतराज जताया कि आजादी के बाद से विपदा के समय कभी चीनी नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि चाहे चमोली में बड़ा भूकंप आया हो या फिर उत्तरकाशी में। इसके अलावा वर्ष 2013 की आपदा के दौरान कांग्रेस सरकार ने प्रभावितों को राशन के साथ ही चीनी भी मुफ्त दी थी। उन्होंने कहा कि शादी के मौकों पर भी राशन की दुकानों में उपभोक्ताओं को सस्ती चीनी मिलती थी। वहीं प्रदेश सरकार 25 रुपये में चीनी उपलब्ध कराने की बात को पहली बार का दावा करके हवा में तीर चला रही है। उन्होंने सीएम से सवाल किया कि आप ऐसे बेतुके बयान कहां से लाते हो।