नहीं रहे वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र जोशी, बेटे की शादी के बाद बिगड़ी थी तबीयत, कोरोना ने ली जान

उत्तराखंड के जाने माने पत्रकार राजेंद्र जोशी नहीं रहे। वह करीब 59 साल के थे। आज एक निजी अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि देहरादून में 13 अप्रैल को उनके बेटे की शादी हुई थी। इसके बाद ही उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। वह कोरोना पॉजिटिव पाए गए। उनके साथ ही पत्नी भी कोरोना संक्रमित हो गई थी। आज सुबह उनका निधन हो गया।
राजेंद्र जोशी पहले ऋषिकेश में देहरादून रोड पर रहते थे। वहां उन्होंने वर्ष 1994 में वैली मेल सांध्य से पत्रकारिता शुरू की। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय सहारा में भी काम किया। साथ ही उनका अपना व्यवसाय भी था। देहरादून में आकर वह स्वतंत्र पत्रकारिता करने लगे। वह अपना वेब न्यूज पोर्टल चला रहे थे। इसके बाद वह देहरादून आ गए और जाखन में मकान बनाकर वहीं शिफ्ट हो गए थे। अपने पीछे वे पत्नी, बेटी और दो बेटों से भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
अभी कुछ दिन पहले ही उन्हें आरोग्यधाम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कोरोना संक्रमण उनके लंग्स तक पहुंच गया था। इसके चलते उनको बचाया नहीं जा सका राजेंद्र जोशी स्वतंत्र पत्रकार होने के साथ-साथ पत्रकार हित में काम करने वाले व्यक्ति भी थे। उनके निधन पर मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत समेत कई दिग्गजों ने शोक जताया है।
ऋषिकेश के वरिष्ठ पत्रकार हरीश तिवारी के मुताबिक खबरों को लेकर राजेंद्र जोशी में जुझारुपन और उत्सुकता पागलपन की हद तक थी। ऋषिकेश से ही उन्होंने राष्ट्रीय सहारा में शुरुआत की। उस समय उनका कभी भी लैंडलाइन पर फोन आ जाता था। अपनी तैयार की गई खबर को पढ़ाने के लिए। मैंने नटराज चौक स्थित उनके घर पर प्रचारक के रूप में त्रिवेंद्र जी और निशंक जी को आते देखा है।




बहुत दुखद समाचार, ओम् शान्ति?