कोरोना ने तोड़ी युवक की कमर, टैंपो की किश्त नहीं कर पाया जमा और फांसी के फंदे में झूला
कोरोनाकाल में लोगों के बेरोजगार होने की भयावाह तस्वीर सामने आ रही है। एक युवक का काम धंधा चौपट हुआ और वह टैंपो की किश्त तक जमा नहीं करा पाया।
कोरोनाकाल में लोगों के बेरोजगार होने की भयावाह तस्वीर सामने आ रही है। एक युवक का काम धंधा चौपट हुआ और वह टैंपो की किश्त तक जमा नहीं करा पाया। दबाव बढ़ने पर उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मामला उत्तराखंड के उधमसिंह नगर जिले में रुद्रपुर का है।जगतपुरा आवास विकास थाना ट्रांजिट कैम्प निवासी विशाल सागर उर्फ मोनू (25 वर्ष) पुत्र जगदीश लाल टैंपो चलाता था। उसने टैंपो के लिए कर्ज लिया था। कर्ज की मासिक किश्त जमा करने को लेकर वह परेशान था। बताया जा रहा है कि इसका जिक्र उसने मंगलवार को परिवार के सदस्यों से भी किया, लेकिन किसी ने उसकी बातों पर ज्यादा गौर नहीं किया। रात को करीब एक बजे तक वह घर के सदस्यों के साथ ही बैठा था। उसके बाद सोने के लिए अपने कमरे में चला गया।
आज सुबह उसकी मां उठी और विशाल को आवाज दी। भीतर से दरवाजा बंद था। खटखटाने पर कोई जवाब नहीं मिला तो मां ने घर के अन्य सदस्यों को उठाया। दरवाजा तोड़ कर जब परिजन कमरे में घुसे तो अंदर विशाल फंदे पर लटका हुआ था। उसने कमरे के पर्दे का फंदा बना फांसी लगा ली थी।

Bhanu Prakash
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भानु बंगवाल
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।






