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July 9, 2026

उत्तराखंड में फिर कोरोना का विस्फोट, 1333 नए केस, आठ की मौत, 52 स्थानों पर लॉकडाउन, दून में नाइट कर्फ्यू

नाइट कर्फ्यू कोरोना कंट्रोल का कोई समाधान नहीं। जब तक दिन में भी कोरोना के नियमों का प्रभावशाली लोगों के साथ ही आमजन पालन नहीं करते तब तक कोरोना को नियंत्रित करने की बात करना महज मूर्खता होगी।

नाइट कर्फ्यू कोरोना कंट्रोल का कोई समाधान नहीं। जब तक दिन में भी कोरोना के नियमों का प्रभावशाली लोगों के साथ ही आमजन पालन नहीं करते तब तक कोरोना को नियंत्रित करने की बात करना महज मूर्खता होगी। उत्तराखंड में रविवार 11 अप्रैल को फिर से कोरोना का विस्फोट हुआ। साल के सबसे ज्यादा एक दिन में नए केस दर्ज किए गए। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक, 1333 नए संक्रमित मिले। 243 लोग स्वस्थ हुए। आठ लोगों की प्रदेश में कोरोना से मौत हुई। 7323 कोरोना के एक्टिव केस हैं।


प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 108812 हो गई है। इनमें से 97887 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। अब तक 1760 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है। देहरादून में रविवार को सर्वाधिक 592, हरिद्वार में 386 कोरोना संक्रमित मिले। नैनीताल जिले में 122 और उधमसिंह नगर में 104 लोग पॉजिटिव मिले।


52 स्थानों पर लॉकडाउन
कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए उत्तराखंड के 52 स्थानों पर लॉकडाउन लगाया गया है। वहीं, देहरादून नगर निगम, कैंट, क्लेमंटाउन क्षेत्र में रात दस बजे से सुबह पांच बजे तक नाइट कर्फ्यू भी लगाया जा रहा है। रात में वैसे भी अमूमन सड़कें खाली होती हैं। ऐसे में नाइट कर्फ्यू लगाना समझ से परे हैं। वहीं, दिन में बाजारों, सामाजिक व धार्मिक कार्यक्रमों के साथ ही राजनीतिक दलों के कार्यक्रमों में जुट रही भीड़ में नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं।


उत्तराखंड में बनाए गए 52 कंटेनमेंट जोन में देहरादून जिले में 27, हरिद्वार में छह, नैनीताल में 18, टिहरी जिले में एक कंटेनमेंट जोन है। इन क्षेत्र में किसी को भी घरों से बाहर निकलने की अनुमति नहीं है। एक तरह से यहां पूर्ण लॉकडाउन है। आवश्यक वस्तु के लिए यहां के लोगों के परिवार के एक सदस्य को ही मोबाइल वेन तक जाने की अनुमति है।