कैग रिपोर्ट से साबित हो गया उत्तराखंड में जीरो वर्क सीएम हैं टीएसआर: रविंद्र जुगरान

उत्तराखंड में आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता रवींद्र जुगरान ने कैग की जारी रिपोर्ट में 305 करोड़ रुपये की वित्तीय अनिमियतता पर सरकार पर निशाना साधा। आप नेता ने कहा कि कैग की रिपोर्ट में टनकपुर जौलजीवी सड़क निर्माण से लेकर स्वास्थ्य सिस्टम पर गंभीर सवाल उठाए हैं। जो साफ तौर पर इस सरकार की नीति और नियति को दर्शाता है। सूबे में स्वास्थ्य मानकों के साथ खिलवाड़, ठेकेदारों से अधिकारियों की साठगांठ के चलते उनको फायदा पहुंचाने में किया गया भ्रष्टाचार, अपात्रों को पेंशन समेत कई गंभीर मामले इस रिपोर्ट में उजागर हुए।
आप कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में रवींद्र जुगरान ने कहा कि सामरिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण भारत नेपाल सीमा की सड़क के महत्व से खिलवाड़ किया गया। इसकी डीपीआर ही गलत बनाई है। 173 किलोमीटर सड़क का निर्माण प्रस्तावित था, जो सर्वे में महज 135 किलोमीटर निकली। लोकनिर्माण विभाग और ठेकेदार की लापरवाही से सरकार को अतिरिक्त 1.92 करोड़ का अतिरिक्त नुकसान झेलना पड़ा।
उन्होंने कहा कि मानकों को दरकिनार करते हुए 12 किलोमीटर सड़क भी बना दी। इसके अलावा 9.21 करोड़ गलत तरीके से अन्य मद में खर्च किए गए, जिसमें भी भ्रष्टाचार है। इसके लिए बीजेपी विधायक लंबे समय से अपनी सरकार के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। यहां तक वे सदन में अपनी ही सरकार के खिलाफ काम रोको प्रस्ताव भी लाए ।
इसके अलावा स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी कैग ने सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कैग के आधार पर सूबे में स्वास्थ्य सेवाएं भगवान भरोसे चल रही हैं। रिपोर्ट में बताया कि जिला अस्पताल, महिला अस्पताल केवल रेफरल सेंटर बन कर रह गए हैं। स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में उत्तराखंड 21 राज्यों में 17 स्थान पर है। रिपोर्ट में ये भी सामने आया कि सरकार अपने यहां स्वास्थ्य प्रबंधन में असफल रही। अस्पतालों में डॉक्टर, नर्सों की कमी है, कहीं उपकरण नहीं हैं, अगर कहीं है तो उनका उपयोग नहीं है। कैग ने माना है प्रदेश के लोगों के स्वास्थ्य सुधार में जबरदस्त काम करने की जरूरत है।
आप नेता ने कहा कैग की इस रिपोर्ट ने ये साबित कर दिया उत्तराखंड में पिछले कुछ सालों में कोई काम नहीं हुआ। अगर कुछ हुआ तो भ्रष्टाचार हुआ। इसमें अफसरों, ठेकेदारों और अपनो को फायदा पहुंचाने के लिए नियमों को ताक पर रखा गया। वित्तीय अनियमितताएं हुई। जनता के स्वास्थ्य के साथ जमकर खिलवाड़ किया गया। आप नेता ने कहा आज भी यहां पहाड़ी जिलों में स्वास्थ्य सेवाएं भगवान भरोसे है। जिला अस्पताल केवल रेफरल सेंटर की भूमिका में रह गए।
उन्होंने कहा कि महिला अस्पतालों की हालत बद से बदतर हैं, जो खुद इलाज मांग रहे। इसके अलावा कैग ने कई और गंभीर सवाल अपनी रिपोर्ट में सरकार पर लगाए जो सिर्फ यही दर्शाता है त्रिवेंद्र सरकार जीरो वर्क सीएम हैं। इनके राज में कोई काम तो नहीं हुआ, लेकिन भ्रष्टाचार से लेकर अफसरों की मिलीभगत से अपनो को फायदा दिलाने और नियमों को ताक पर रखने में ये सरकार अव्वल रही है।




