जियो की स्मार्ट शॉप ऑफलाइन कारोबार को देगी ऑनलाइन वाली ताकत, क्यूआर से वाई-फाई के साथ और ऑफर
ग्राहक दुकान पर आया और चला गया तो अक्सर दुकानदार के पास उससे दोबारा जुड़ने का कोई आसान तरीका नहीं होता। जियो की ‘स्मार्ट शॉप’ इसी कमी को दूर करने की कोशिश है। सोशल मीडिया से ग्राहक तक पहुंचना, उसे शॉप पर लाना, क्यूआर स्कैन पर वाई-फाई और ऑफर देना और बाद में फिर से दुकान पर बुलाना, ये सब एक ही सिस्टम से किया जा सकेगा। यह टेक 7 से 10 अक्तूबर तक दिल्ली में चल रहे इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में दिखाई गई है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
हर फिजिकल दुकान का अपना एक कैचमेंट एरिया होता है यानी वह इलाका, जहां से उसके ज्यादातर ग्राहक आते हैं। ऐसे में दुकानदार के लिए जरूरी है कि वह अपने आसपास के ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचे। यहीं सोशल मीडिया काम आता है। जियो की ‘स्मार्ट शॉप’ पर दुकानदार हैप्टिक सोलो और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से इंस्टाग्राम पर अपना कैटलॉग तैयार कर सकता है। सोशल मीडिया पोस्ट बना सकता है। और सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से अपने कैचमेंट एरिया के ग्राहकों तक पहुंच सकता है। जस्टडायल और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर दिखे ग्राहक को शॉप तक लाना भी इसी सिस्टम का हिस्सा है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
एक बार ग्राहक शॉप पर पहुंचा तो फिर दुकान उसे कभी भूलेगी नही। ग्राहक चाहे तो शॉप पर लगे क्यूआर कोड को स्कैन कर वाई-फाई से जुड़ सकता है। यह केवल वाई-फाई के लिए नही है, शॉप पर उपलब्ध ऑफर और डिस्काउंट कूपन भी उसे तुरंत व्हाट्सऐप पर मिल जाएंगे। इसमें ग्राहक का फायदा तो है ही, दुकानदार को भी उससे डिजिटल तौर पर जुड़े रहने का रास्ता मिल जाएगा। जियो स्मार्ट शॉप का डैशबोर्ड दुकानदार को बता सकता है कि ग्राहक कब आया, किस आउटलेट पर आया, कितनी देर रुका और वह पहली बार आया है या रिपीट कस्टमर है। कई शॉप हों तो उनकी जानकारी भी एक ही डैशबोर्ड पर देखी जा सकती है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
यानी फंडा सीधा है, ग्राहक तक पहुंचो, उससे जुड़ो, उसकी विजिट को समझो, फिर से संपर्क करो और आखिर में उसे रिपीट ग्राहक में बदलो। जियो इसे सिर्फ वाई-फाई प्रोडक्ट नहीं, बल्कि ‘सिंगल पार्टनर, फुल स्टैक’ मॉडल के तौर पर दिखा रहा है। यानी अलग-अलग डिजिटल जरूरतों के लिए कई टूल और वेंडर जोड़ने के बजाय एक इंटीग्रेटेड रिटेल सॉल्यूशन। फिलहाल इसे टेक्नोलॉजी डेमो के तौर पर दिखाया गया है। बताते चलें कि कंपनी कितने सोशल मीडया प्लेटफॉर्म्स को इस सिस्टम से जोड़ेगी अभी साफ नही है।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



