डॉ. प्रसाद ए वाडेगावकर बने स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के नए कुलपति
देहरादून के डोईवाला में स्थित स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू) जौलीग्रांट में डॉ. प्रसाद ए वाडेगावकर ने नए कुलपति के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। निवर्तमान कुलपति डॉ. राजेंद्र डोभाल ने उन्हें कुलपति का कार्यभार सौंपा। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के आदि-कैलाश सभागार में स्वागत समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माना ने डॉ. वाडेगावकर का स्वागत करते हुए उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। विश्वविद्यालय परिवार की ओर से भी नवनियुक्त डॉ. प्रसाद ए. वाडेगावकर कुलपति का अभिनंदन किया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
डॉ. प्रसाद ए. वाडेगावकर तीन दशकों से अधिक समय से उद्योग, शिक्षण, अनुसंधान और अकादमिक प्रशासन के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। वे संत गाडगे बाबा अमरावती विश्वविद्यालय में प्रो-वाइस चांसलर, जैव प्रौद्योगिकी विभाग में वरिष्ठ प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष तथा यूजीसी-ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट सेंटर के निदेशक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। उन्होंने डीबीटी, डीएसटी, यूजीसी और डीआरडीओ समर्थित शोध एवं इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का नेतृत्व भी किया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कुलपति के रूप में डॉ. वाडेगावकर का लक्ष्य एसआरएचयू को शोध-केंद्रित, बहुविषयक और सामाजिक रूप से जिम्मेदार विश्वविद्यालय के रूप में और मजबूत करना है। उनकी प्राथमिकताओं में चिकित्सा, फार्मास्युटिकल साइंसेज और एसटीईएम विषयों के बीच बेहतर समन्वय, ट्रांसलेशनल रिसर्च, उद्योग-अकादमिक सहयोग, शोध आधारित उद्यमिता तथा फैकल्टी डेवलपमेंट को बढ़ावा देना शामिल है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माना ने डॉ. वाडेगावकर का स्वागत किया और उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। डॉ. धस्माणा ने निवर्तमान कुलपति डॉ. राजेंद्र डोभाल के कार्यकाल को विश्वविद्यालय के लिए “स्वर्णिम काल” करार देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में संस्थान के रिसर्च पोर्टफोलियो में अभूतपूर्व विस्तार हुआ, विश्वविद्यालय ने नैक ए+ ग्रेड प्राप्त किया और एनआईआरएफ (NIRF) सहित क्यूएस आई-गेज रैंकिंग्स में उत्कृष्ट पायदान हासिल किए। उन्होंने डॉ. डोभाल के प्रति गहरा आभार व्यक्त करते हुए विश्वविद्यालय के भविष्य के विकास में उनके साथ निरंतर सहभागिता की बात कही। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
शिक्षा को शोध और नवाचार से जोड़ना प्राथमिकताः डॉ.वाडेगावकर
एसआरएचयू के नए कुलपति के रूप में डॉ. प्रसाद ए. वाडेगावकर ने कहा कि गुरुदेव डॉ. स्वामी राम की दृष्टि से प्रेरित विश्वविद्यालय में शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल पेशेवर रूप से सक्षम बनाना नहीं, बल्कि उन्हें जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार करना है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
डॉ. वाडेगावकर ने कहा कि शोध, व्यावहारिक अनुभव, उद्योग एवं क्लिनिकल एक्सपोजर, उद्यमिता और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से विद्यार्थियों को सीखने और प्रयोग करने के अधिक अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। उनका उद्देश्य एसआरएचयू को ऐसा शोध-केंद्रित और बहुविषयक विश्वविद्यालय बनाना है, जहां ज्ञान का सृजन समाज की आवश्यकताओं से जुड़ा हो और शिक्षा विद्यार्थियों को समाज में सार्थक योगदान के लिए तैयार करे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
बड़ा सपना देखें, सफलता और भी बड़ी होगी: डॉ. राजेंद्र डोभाल
अपने विदाई उद्बोधन में निवर्तमान कुलपति डॉ. राजेंद्र डोभाल ने विश्वविद्यालय के छात्रों और संकाय सदस्यों को प्रेरित करते हुए कहा कि “आप बड़ा सपना देखें, सफलता और भी बड़ी होगी।” उन्होंने जोर देकर कहा कि विश्वविद्यालय जिस तेजी से रिसर्च एवं डेवलपमेंट की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है, उस गति को बनाए रखना जरूरी है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण को आधार बनाकर निरंतर आगे बढ़ते रहने का आह्वान करते हुए उन्होंने विश्वविद्यालय के समस्त शैक्षणिक, चिकित्सीय और प्रशासनिक स्टाफ का तहे दिल से आभार जताया।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



