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September 29, 2026

भारी बारिश के बीच उत्तराखंड कांग्रेस का सीएम आवास घेराव, हिरासत में लिए गए कई नेता

उत्तराखंड के नैनीताल जिले के हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कार्यक्रम स्थल के ‘शुद्धिकरण’ के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सीएम आवास घेराव किया। हालांकि, देहरादून के हाथीबड़कला के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और पुलिस के बीच धक्का मुक्की हुई। प्रदर्शन में प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा भी शामिल हुई। इस पर कांग्रेसी सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। बाद में कई कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

सुबह कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता परेड मैदान में एकक्ष हुए। वहां से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आमजन ने मुख्यमंत्री आवास कूच किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि हल्द्वानी में कांग्रेस के कार्यक्रम स्थल का ‘शुद्धिकरण’ केवल कांग्रेस का अपमान नहीं, बल्कि उत्तराखंड की उस साझा संस्कृति, सामाजिक सौहार्द और लोकतांत्रिक परंपरा का अपमान है। राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन किसी राजनीतिक दल के कार्यक्रम स्थल को ‘अशुद्ध’ बताकर उसका शुद्धिकरण करना समाज में नफरत और विभाजन की मानसिकता को बढ़ावा देना है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

कांग्रेस ने सवाल उठाया कि यदि भाजपा सरकार वास्तव में “सबका साथ, सबका विकास” की बात करती है तो ऐसी विभाजनकारी मानसिकता के खिलाफ उसकी स्पष्ट कार्रवाई क्यों नहीं दिखाई देती? कांग्रेस ने सरकार से इस पूरे प्रकरण पर जवाब देने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस दौरान कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान आपसी भाईचारे और सामाजिक समरसता से है, न कि नफरत और भेदभाव से। भाजपा को स्पष्ट करना होगा कि वह संविधान और लोकतंत्र के साथ खड़ी है या समाज को बांटने वाली ताकतों के साथ है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि हल्द्वानी में हुआ ‘शुद्धिकरण’ लोकतंत्र और उत्तराखंड की सामाजिक चेतना पर हमला है। कांग्रेस किसी भी कीमत पर धर्म और जाति के नाम पर समाज को बांटने की राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी और इसके खिलाफ संघर्ष जारी रखेगी। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि उत्तराखंड की धरती पर किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल को ‘शुद्ध’ और ‘अशुद्ध’ बताने की मानसिकता संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। सरकार को इस मामले में अपनी चुप्पी तोड़कर जवाब देना चाहिए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं कांग्रेस की प्रदेश चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि भाजपा की राजनीति अब विकास के सवालों से हटकर समाज में विभाजन पैदा करने तक पहुंच गई है। हल्द्वानी की घटना उत्तराखंड की गंगा-जमुनी और समरस संस्कृति का अपमान है। कांग्रेस की प्रदेश चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड को नफरत और भेदभाव की प्रयोगशाला नहीं बनने दिया जाएगा। जनता भाजपा की इस विभाजनकारी राजनीति का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

CWC सदस्य एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा ने कहा कि कांग्रेस के कार्यक्रम स्थल का ‘शुद्धिकरण’ करना भाजपा की उस सोच को उजागर करता है, जो राजनीतिक विरोध को सामाजिक वैमनस्य में बदलना चाहती है। कांग्रेस संविधान और सामाजिक बराबरी के लिए मजबूती से खड़ी है। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं CWC सदस्य गुरदीप सिंह सप्पल ने कहा कि लोकतंत्र में विचारों का विरोध हो सकता है, लेकिन किसी राजनीतिक कार्यक्रम को ‘अशुद्ध’ बताना लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान है। कांग्रेस इस मानसिकता के खिलाफ हर मंच पर आवाज उठाएगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी ने कहा पर कि हल्द्वानी की घटना ने उत्तराखंड की राजनीति में भाजपा की विभाजनकारी सोच को बेनकाब किया है। सरकार को बताना चाहिए कि दोषियों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई हुई। विधायक विक्रम सिंह नेगी ने कहा कि उत्तराखंड के लोग भाईचारे और शांति में विश्वास रखते हैं। ‘शुद्धिकरण’ जैसी घटनाएं देवभूमि की संस्कृति को कलंकित करती हैं और कांग्रेस इन्हें कतई स्वीकार नहीं करेगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल एवं पूर्व विधायक जीतराम ने भी सभा को संबोधित किया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह विरोध केवल हल्द्वानी की एक घटना के खिलाफ नहीं, बल्कि उस मानसिकता के खिलाफ है जो राजनीतिक असहमति को जाति, धर्म और कथित शुद्ध-अशुद्ध के पैमाने पर तौलना चाहती है। कांग्रेस ने कहा कि संविधान हर नागरिक को समान अधिकार और सम्मान देता है तथा उत्तराखंड में सामाजिक सौहार्द के साथ कोई खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने बढ़ते महिला अपराध, युवाओं में बेरोजगारी एवं भर्ती परीक्षाओं की अनियमितताओं, किसानों की समस्याओं, जमीनों की अनियंत्रित नीलामी और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर भी भाजपा सरकार को घेरा। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि हल्द्वानी ‘शुद्धिकरण’ प्रकरण में न्याय और दोषियों पर कार्रवाई होने तक उसका संघर्ष जारी रहेगा। साथ ही जनहित से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर भी कांग्रेस सड़क से सदन तक जनता की आवाज बुलंद करती रहेगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

कई लोगों ने थामा कांग्रेस का दामन
इस अवसर पर बड़ी संख्या में अपने-अपने क्षेत्र के स्थापित नेताओं ने कांग्रेस पार्टी का दामन थामा। कांग्रेस ज्वाइन करने वालों में रुड़की के पूर्व महापौर यशपाल राणा, हरिद्वार के पूर्व प्रधानाचार्य मनोज कुमार सैनी, यमकेश्वर कोटद्वार से पूर्व प्रमुख भुवनेश खर्कवाल, नगर पालिका पुरोला के पूर्व अधिशासी अधिकारी भजनलाल आर्य, पुरोला से ही एडवोकेट सचिन कुमार रामकुमार वालिया एवं रविंद्र आनंद शामिल रहे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

सभा का संचालन प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने किया। मुख्यमंत्री आवास घेराव और हल्ला बोल कार्यक्रम में मुख्य रूप से पूर्व स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल, कांग्रेस पार्टी के विधायकों में ममता राकेश, सुमित हृदेश, हरीश धामी, मयूख महर, मदन बिष्ट, मनोज तिवारी, वीरेंद्र जाती, रवि बहादुर, विक्रम नेगी, काजी निजामुद्दीन, लखपत बुटोला, पूर्व राष्ट्रीय सचिव प्रकाश जोशी, पूर्व कैबिनेट मंत्री शूरवीर सिंह सजवान, पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा, महेंद्र पाल, पूर्व विधायक रामयश सिंह, जोत सिंह गुनसोला, ललित फर्स्वाण, हमेश खर्कवाल, महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष अध्यक्ष ज्योति रौतेला, प्रदेश प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसोनी, विशाल भोजक, हेमा पुरोहित, विकास नेगी, सभी विभागों और प्रकोष्ठों के अध्यक्ष मदनलाल, सुशील राठी, अभिनव थापर, नरेशानंद, राजवीर सिंह चौधरी, दिनेश कौशल, गौरव कुमार, देहरादून जिला पंचायत अध्यक्ष सुखविंदर कौर, उपाध्यक्ष अभिषेक सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष एवं मीडिया चेयरमैन राजीव महर्षि, देहरादून महानगर कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ जसविंदर गोगी समेत सभी जिलों एवं महानगरों के अध्यक्ष शामिल रहे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

हरीश रावत ने एक घंटे रखा मौन व्रत
इसी मामले को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने नई दिल्ली स्थित आवास में एक घंटे का मौन व्रत रखा। हरीश रावत पिछले कुछ महीनों से स्वास्थ्य लाभ के लिए नई दिल्ली में हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कुछ अनचाहे कारण और अदृश्य शक्तियां बार-बार ऐसी स्थिति पैदा कर दे रही हैं कि मैं उत्तराखंड की ओर प्रस्थान की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा हूं। उत्तराखंड में अस्पृश्यता व अपमानकारी छुआछूत को संरक्षण दे रही शक्तियों के खिलाफ संघर्ष चल रहा है। इस संघर्ष में अपनी भागीदारी को दर्ज करने के लिए सात सितंबर को अपने दिल्ली स्थित आवास पर एक घंटे का मौन व्रत रखूंगा और भगवान से प्रार्थना करूंगा कि छुआछूत, सामाजिक भेदभाव पैदा करने वाली शक्तियों को पराजित करे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

ये है प्रकरण
गौरतलब है कि आठ अगस्त को उत्तराखंड के नैनीताल जिले में हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली थी। उनकी रैली के बाद 10 अगस्त को कुछ लोगों ने रैली स्थल पर हवन किया और गंगाजल से शुद्धिकरण का ड्रामा किया। इस मामले को खड़गे ने राज्यसभा में भी उठाया। वहीं, कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने नई दिल्ली में प्रेस वार्ता कर इस मामले में उत्तराखंड बीजेपी अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की भी मांग की। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने कहा कि महेंद्र भट्ट ने शुद्धिकरण का समर्थन किया। ऐसे शुद्धिकरण करने वालों के साथ ही बीजेपी  के प्रदेश अध्यक्ष  के खिलाफ एससी, एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज होना चाहिए। वहीं, बीजेपी नेताओं का कहना है कि रामलीला मैदान में धार्मिक नारे लगाए गए। इसलिए वहां शुद्धिकरण किया गया। इस मामले में पुलिस ने रविवार 30 अगस्त, 2026 को बताया कि हल्द्वानी में वाल्मीकि समुदाय के एक सदस्य की शिकायत के बाद राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि कांग्रेस नेता ने एआईसीसी प्रमुख के कार्यक्रम स्थल पर आयोजित एक धार्मिक अनुष्ठान को जातिवादी रंग दिया।
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Bhanu Bangwal

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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।