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August 6, 2026

सीईओ ने लिया राजनैतिक दलों से एसआईआर पर फीडबैक, कांग्रेस नेता धस्माना ने उठाया झूठी शिकायतों का मुद्दा, बीएलओ जाएंगे बुजुर्ग और दिव्यांगों के घर 

उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बुधवार को मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से बैठक कर एसआईआर के सम्बंध में विस्तृत चर्चा कर फीडबैक प्राप्त किया। इस अवसर एसआईआर के नोटिस फेज में चल रही सुनवाई के सम्बंध में भी राजनैतिक दलों को विस्तृत प्रस्तुतीकरण के माध्यम से अवगत कराया। गौरतलब है कि उत्तराखंड में इन दिनों मतदाता सूची को लेकर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया चल रही है। इसी के तहत आयोजित बैठक में प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने भी एसआईआर के तहत थोक में झूठी शिकायतों का मुद्दा उठाया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राजनैतिक दलों से बैठक के दौरान बताया कि एसआईआर के दौरान किसी नागरिक को परेशानी ना हो, इसका पूर्ण रुप से ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने बैठक में बताया कि वर्तमान में 24 लाख नोटिसों के सापेक्ष लगभग 19 लाख (77 प्रतिशत) नोटिस बीएलओ के माध्यम से मतदाताओं तक पंहुच चुके हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि फार्म 6 के 93 हजार से अधिक, फार्म 7 के 1 लाख 39 हजार एवं फार्म 8 के 40 हजार से अधिक आवेदन अबतक प्राप्त हो चुके हैं। बैठक मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि फार्म 7 के लिए ईआरओ, एईआरओ स्तर पर सत्यापन के बाद नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

दावे-आपत्तियों की सघन जांच
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि दावे एवं आपत्तियों के चरण में एक मतदाता की ओर से अधिकतम 5 मामलों में दावे एवं आपत्तियां प्रस्तुत की जा सकती हैं। अगर किसी क्षेत्र में इससे इतर मामले आते हैं, तो इसके लिए नियत प्रावधानों के अनुसार ईआरओ स्वंय अपने स्तर विधिवत जांच एवं सत्यापन की कार्रवाही करेंगे। इसके अतरिक्त राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स एक दिन में अधिकतम 10 फार्म प्रस्तुत कर सकते हैं तथा पुनरीक्षण की अवधि में 30 फार्म प्रस्तुत करने पर ईआरओ द्वारा स्वंय अपने स्तर विधिवत जांच एवं सत्यापन की कार्रवाही की जाएगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम बताया कि सभी जनपदों को निर्देश दिए गए हैं सामान्य विसंगति वाले नोटिसों का बीएलओ दस्तावेज लेकर सत्यापित करते हुए अपने स्तर पर निस्तारण करें ताकि नागरिकों को अनावश्यक परेशान न होना पड़े। उन्होंने कहा कि जिन मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो पाई है उनपर विशेष फोकस करते हुए ईआरओ/एईआरओ स्तर पर सुनवाई कर नियमानुसार कार्यवाही करें। बैठक में भारतीय जनता पार्टी से राजकुमार पुरोहित, कांग्रेस से सूर्यकांत धस्माना, अमेंद्र बिष्ट, बीएसपी से सतेंद्र चोपड़ा, जसपाल, सीपीआई (एम) से अनंत आकाश उपस्थित रहे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

धस्माना ने उठाया थोक में झूठी शिकायतों का मुद्दा
बैठक में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि एसआईआर की आड़ में उत्तराखंड की विभिन्न विधानसभाओं में बिना पहचान के लोग ऑनलाइन थोक के भाव कांग्रेस विचारधारा के मतदाताओं की फर्जी शिकायत कर रहे हैं। इस आधार पर पात्र मतदाताओं को चुनाव आयोग द्वारा नोटिस जारी किए गए हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने उदाहरण देते हुए हरिद्वार जनपद के मंगलौर 45 विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर एक का उदाहरण दिया। बताया कि किसी मांगेलाल नाम के व्यक्ति ने बूथ के 29 के मतदाताओं की फर्जी शिकायत कर उनके नाम वोटर लिस्ट से हटाने का फार्म सात भरा। जो फार्म दस के रूप में योजित हुआ और उसके आधार पर जिन लोगों की शिकायत हुई उनको चुनाव आयोग का नोटिस दिया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने कहा कि जिनके पास अपने सभी आवश्यक दस्तावेज व प्रमाण हैं, जो उन्होंने बीएलओ को उपलब्ध कराए। वहीं, झूठी शिकायत करने वाले मांगेलाल का कोई अता पता नहीं है। शिकायतकर्ता की पहचान होना व शिकायत झूठी पाए जाने पर जन प्रतिनिधित्व कानून के तहत सज़ा का प्रावधान है। ऐसे में जब झूठी शिकायत करने वाले का जब कोई सही अता पता नहीं है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई कैसे होगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

कांग्रेस नेता धस्माना ने कहा कि यह काम कॉल सेंटरों से करवाया जा रहा है और इस पर रोक जरूरी है। उन्होंने मुख्य चुनाव अधिकारी से आग्रह किया कि आयोग अपनी तरफ से प्रेस व अन्य प्रचार माध्यमों से यह प्रचारित प्रसारित अवश्य करे कि किसी भी प्रकार की झूठी शिकायत पर कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। अन्य दलों के प्रतिनिधियों की यह आम राय थी कि साठ साल से ज्यादा उम्र के वरिष्ठ नागरिकों के नोटिस के निस्तारण का कार्य उनके घरों पर जा कर बीएलओ करें। इसे आयोग ने सहमति प्रदान करते हुए इसका आदेश जारी करने का निर्णय लिया। मुख्य चुनाव अधिकारी ने सभी दलों के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि एसआईआर में किसी भी प्रकार का पक्षपात नहीं होगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

बुजुर्ग-दिव्यांगों के घर जाएंगे बीएलओ, करेंगे नोटिसों का निस्तारण
उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बुधवार को कुमांऊ-गढ़वाल के मंडल आयुक्तों सहित सभी जनपदों के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कांन्फ्रेंस कर विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की समीक्षा की। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जनपदों के डीईओ को निर्देश दिए कि 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग एवं दिव्यांग मतदाताओं के घर पर जाकर जारी नोटिसों की सुनवाई करेंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश देते हुए कहा कि इस बात का विशेष ध्यान रहे कि विसंगति वाले नोटिसों के मामलों में बुजुर्ग एवं दिव्यांग मतदाताओं को अनावश्यक बूथ पर ना आना पड़े। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

समीक्षा बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जनपदों के डीईओ को फार्म 6, फार्म 7 एवं फार्म 8 के तहत अबतक प्राप्त आवेदनों को नियमानुसार जांच कर ससमय निस्तारण के निर्देश दिए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि दावे एवं आपत्तियों के चरण में किसी एक मतदाता द्वारा 5 से अधिक मामलों में दावे एवं आपत्तियां प्रस्तुत की जा रही हैं तो इसके लिए नियत प्रावधानों के अनुसार ईआरओ स्वंय अपने स्तर विधिवत जांच एवं सत्यापन की कार्रवाही करें। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने आयुक्त कुमांऊ दीपक रावत एवं आयुक्त गढ़वाल आनंद स्वरुप को अपने-अपने मंडलों में स्वयं जिलेवार विजिट कर सुपर चैकिंग के निर्देश दिए हैं। बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डा. विजय कुमार जोगदंडे, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास के अतरिक्त दोनों मंडलायुक्त एवं सभी जिलाधिकारी उपस्थित रहे।
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