खराब मौसम के चलते राहुल गांधी नहीं आ पाए उत्तराखंड, वीडियो संदेश से जताया खेद, भविष्य मे उत्तराखंड आने का किया वायदा
खराब मौसम के कारण लोकसभा में नेता विपक्ष एवं कांग्रेस नेता राहुल गांधी का का उत्तराखंड में दो दिवसीय कार्यक्रम रद्द हो गया। उन्हें आज चार जून को अल्मोड़ा में रैली को संबोधित करना था। इसके बाद दोपहर दो बजे पौड़ी में पूर्व सैनिक सम्मेलन में संवाद करना था। साथ ही कुमाऊं व गढ़वाल मंडल की रैली से राहुल गांधी को चुनावी शंखनाद करना था। कल पांच जून को देहरादून में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, विधायकों, पूर्व मंत्री व विधायकों, अनुषांगिक संगठनों के पदाधिकारियों, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों व पदाधिकारियों के साथ बैठक कर आगामी चुनाव कर रणनीति पर चर्चा का उनका कार्यक्रम तय था। ऐन वक्त पर अल्मोड़ा एवं पौड़ी तथा पांच जून को देहरादून का प्रस्तावित कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कांग्रेस नेत राहुल गांधी ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से इस असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया। साथ ही निकट भविष्य में पुनः उत्तराखंड दौरे पर आने की बात कही है। इस संदेश के जरिये कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। अल्मोड़ा में आयोजित पार्टी की जनसभा में खराब मौसम के कारण राहुल गांधी व्यक्तिगत रूप से तो नहीं पहुंच सके। उन्होंने दिल्ली से ही फोन के माध्यम से जनसभा को संबोधित किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
अपने संबोधन में राहुल गांधी ने देश की विदेश नीति, कृषि और शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार को जमकर आड़े हाथों लिया। बृहस्पतिवार को आयोजित जनसभा में राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार ने अमेरिका के सामने पूरी तरह सरेंडर कर दिया है। उन्होंने कहा कि आज हमारे देश की विदेश नीति को अमेरिका कंट्रोल कर रहा है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत को दबाव में ले रहा है और वह तय कर रहा है कि भारत को किस देश से तेल खरीदना चाहिए और किससे नहीं। विदेश नीति के साथ-साथ कांग्रेस नेता ने सरकार की घरेलू नीतियों पर भी तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि केंद्र की वर्तमान नीतियों के कारण देश की शिक्षा व्यवस्था और कृषि क्षेत्र गहरे संकट में हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
नीतियां आम जनता और किसानों के हित में न होकर कुछ चुनिंदा लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए बनाई जा रही हैं। जीएसटी का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि गलत तरीके से लागू की गई इस टैक्स व्यवस्था के कारण देश के छोटे-छोटे कारोबार बंद हो गए। इसके चलते रोजगार खत्म हो गए और पूरा व्यापार कुछ बड़े उद्योगपतियों के हाथों में सिमट कर रह गया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
संबोधन के अंत में राहुल गांधी ने अल्मोड़ा की जनता और कार्यकर्ताओं से वादा किया कि वे निराश न हों, वह बहुत जल्द दोबारा उनके बीच आएंगे। इसके बाद उन्होंने अपना भाषण समाप्त किया। कार्यक्रम के मंच पर मौजूद कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा ने खराब मौसम के कारण राहुल गांधी का दौरा रद्द होने की विधिवत घोषणा की और फोन के माध्यम से उनके जुड़ने की जानकारी दी। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व सीएम हरीश रावत, विधायक सुमित हृदयेश, मनोज तिवारी, यशपाल आर्या, प्रीतम सिंह, भुवन कापड़ी, हरीश धामी आदि मौजूद रहे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
राहुल गांधी का संबोधन
उत्तराखंड के मेरे प्यारे भाइयों और बहनों, आज मैं आप सबसे मिलना चाहता था। आपके बीच बैठकर आपकी बातें सुनना चाहता था। आपके सुख-दुख, आपकी आशाओं और आपकी चिंताओं को समझना चाहता था। दुर्भाग्य से मौसम की गंभीर खराबी के कारण ऐसा संभव नहीं हो पाया। आज सुबह मैं पंतनगर पहुँच गया था। वहाँ से हमें हेलिकॉप्टर द्वारा अल्मोड़ा में जनसभा के लिए जाना था, लेकिन मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए पायलट ने उड़ान भरने से साफ़ इनकार कर दिया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
मुझे आपसे बहुत सी बातें करनी थीं। उत्तराखंड की वर्तमान स्थिति पर, प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक मुद्दों पर, राज्य और आपके भविष्य पर और उन चुनौतियों पर जिनका सामना आज उत्तराखंड कर रहा है। पौड़ी गढ़वाल में पूर्व सैनिकों के साथ भी एक महत्वपूर्ण मुलाकात और बैठक निर्धारित थी। साथ ही कोटद्वार में दीपक के जिम जाने का भी कार्यक्रम था। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
प्रकृति के आगे हम सभी विनम्र हैं और सहयात्रियों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता। कई बार परिस्थितियाँ हमारी इच्छा के अनुरूप नहीं होतीं, लेकिन इससे मिलने की इच्छा और आपसे जुड़ाव कम नहीं होता। मैं आपसे वादा करता हूँ कि बहुत जल्द फिर उत्तराखंड आऊँगा। तब हम जल्दबाज़ी में नहीं, बल्कि पूरा समय निकालकर मिलेंगे, बात करेंगे, आपके विचार सुनेंगे और मिलकर प्रदेश के बेहतर भविष्य की दिशा में चर्चा करेंगे। जल्द ही मुलाकात होगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
मोदी सरकार सेनाओं में अग्निवीर लेकर आई, जिसमें चार साल सेवा देने की बात कही गई, लेकिन अगर अग्निवीर शहीद होगा तो देश उनके परिवार को सुरक्षा नहीं देगा। ये सेनाओं की नींव के खिलाफ है और हम इस सिस्टम के खिलाफ हैं। देश के करोड़ों युवा सेना में जाते हैं और जाने का सपना देखते हैं, जिसके लिए वो कड़ी मेहनत करते हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इसलिए हम चाहते हैं कि उनकी, उनके परिवारों की रक्षा की जाए। नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि देश का डिफेंस बजट सेना और सैनिकों की रक्षा में न जाकर, सीधे अडानी जैसे अरबपतियों की जेब में जाए। यही कारण है कि अग्निवीर जैसा सिस्टम लाया गया।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।


