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March 26, 2026

सीएम धामी ने राज्य जनजातीय महोत्सव किया प्रतिभाग, मंत्रिमंडल के सदस्यों से की चर्चा, दिए ये सुझाव

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परेड ग्राउंड देहरादून में राज्य जनजातीय शोध संस्थान उत्तराखंड की ओर से आयोजित उत्तराखंड राज्य जनजातीय महोत्सव 2026 में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर देश के 12 राज्यों से आए जनजातीय वर्ग के प्रतिनिधियों ने अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और परंपराओं के माध्यम से महोत्सव को राष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने थारू लोक गायिका स्वर्गीय रिंकू देवी राणा एवं दर्शन लाल को ‘आदि गौरव सम्मान’ से सम्मानित किया। साथ ही, समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 14,272.185 लाख रुपये की पेंशन ‘वन क्लिक’ के माध्यम से लाभार्थियों के खातों में हस्तांतरित की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि यह आयोजन केवल एक महोत्सव नहीं, बल्कि जनजातीय समाज की जीवंत विरासत, सादगीपूर्ण जीवन-दर्शन और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि यह मंच जनजातीय भाई-बहनों की पीढ़ियों से संजोई गई लोक परंपराओं और संस्कृति को व्यापक पहचान दिला रहा है तथा राज्य जनजातीय शोध संस्थान को इस भव्य आयोजन के लिए साधुवाद दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज भारतीय संस्कृति की समृद्ध विविधता और प्राचीन परंपराओं का सशक्त आधार है। यह समाज प्रकृति के साथ संतुलित जीवन जीते हुए सतत विकास और सहअस्तित्व का मार्ग दिखाता है तथा सीमांत क्षेत्रों में रहते हुए राष्ट्र की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समरसता में महत्वपूर्ण योगदान देता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में आवश्यकता है कि जनजातीय परंपराओं, पारंपरिक ज्ञान और स्थानीय उत्पादों को संरक्षित करते हुए नई पीढ़ी तक प्रभावी रूप से पहुंचाया जाए। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के सम्मान, स्वाभिमान और विकास के लिए अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही सुशासन की पहचान है। इसी सोच के तहत ‘एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय’, ‘प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान’, ‘वन धन योजना’ और ‘प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन’ जैसी योजनाएं लागू की गई हैं, जिनसे शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर सृजित हुए हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय ऐतिहासिक है। साथ ही, देशभर में आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों के संग्रहालय स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे नई पीढ़ी प्रेरणा ले सके। उन्होंने कहा कि यह गर्व का विषय है कि संथाल समाज की बेटी श्रीमती द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन हैं, जो जनजातीय समाज की बढ़ती भागीदारी का प्रमाण है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी इसी दिशा में कार्य करते हुए जनजातीय समाज के जीवन स्तर को सुधारने के लिए निरंतर प्रयासरत है। प्रतिवर्ष जनजातीय महोत्सव और जनजातीय खेल महोत्सव के आयोजन का निर्णय लिया गया है। प्रदेश के 128 जनजातीय गांवों को चिन्हित कर उनके समग्र विकास की दिशा में कार्य किया जा रहा है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए कालसी, मेहरावना, बाजपुर और खटीमा में एकलव्य विद्यालय संचालित हैं, जबकि चकराता और बाजपुर में नए विद्यालय निर्माणाधीन हैं। छात्रवृत्ति, आश्रम पद्धति विद्यालयों और तकनीकी शिक्षा के माध्यम से युवाओं को सशक्त किया जा रहा है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने बताया कि जनजातीय युवाओं के लिए आईटीआई संस्थान, प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु निःशुल्क कोचिंग, तथा मासिक छात्रवृत्ति की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त, चार जनपदों में जनजाति कल्याण अधिकारियों की नियुक्ति, बेटियों के विवाह के लिए आर्थिक सहायता, तथा शोध संस्थान के लिए कॉर्पस फंड की स्थापना की गई है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम जनमन योजना के अंतर्गत बुक्सा और राजी जनजाति क्षेत्रों में बहुउद्देशीय केंद्र स्थापित किए गए हैं। साथ ही, पिथौरागढ़ में नए एकलव्य विद्यालय के लिए केंद्र से अनुरोध किया गया है। उन्होंने बताया कि समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत 9 लाख से अधिक लाभार्थियों को मार्च माह की पेंशन के रूप में 142 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जारी की गई है, जो सरकार की संवेदनशीलता का प्रमाण है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय युवाओं को यूपीएससी, पीसीएस और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु देहरादून में ‘आदि लक्ष्य संस्थान’ स्थापित किया जा रहा है, जिसमें बहुउद्देशीय हॉल का निर्माण भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने जनजातीय समाज को केवल वोटबैंक के रूप में देखा, जबकि वर्तमान सरकार उनके सम्मान और विकास के लिए प्रतिबद्ध है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, विधायक श्रीमती सविता कपूर, अपर सचिव संजय सिंह टोलिया, समाज कल्याण विभाग के अधिकारी, विभिन्न राज्यों से आए जनजातीय प्रतिनिधिमंडल तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

मंत्रीगण जनपद वार भ्रमण कर योजनाओं की करेंगे जमीनी समीक्षा
कैबिनेट बैठक के उपरांत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ बैठक कर राज्य के विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन व्यवस्था को लेकर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों से अपेक्षा की कि वे जनपदों का नियमित भ्रमण कर संचालित विकास योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर वास्तविक प्रगति का आकलन करें। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता योजनाओं का धरातल पर प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनपद स्तर पर विकास कार्यों की निरंतर निगरानी से न केवल योजनाओं की गुणवत्ता बेहतर होगी, बल्कि जनता का विश्वास भी मजबूत होगा। उन्होंने मंत्रीगणों से कहा कि वे स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों से संवाद स्थापित कर योजनाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी लें। जन- मन की समस्याओं के त्वरित समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभागीय मंत्री अपने विभागों की नियमित और गहन समीक्षा करें। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों से जुड़े विभागों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर भी विशेष बल दिया। सड़क, पेयजल, ऊर्जा, सिंचाई और भवन निर्माण जैसे विभाग यदि समन्वित रूप से कार्य करें तो विकास परियोजनाएं तय समय-सीमा में पूर्ण की जा सकती हैं और जनता को शीघ्र लाभ मिल सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जन अपेक्षाओं के अनुरूप विकास को नई गति देने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का समग्र और संतुलित विकास ही सरकार का मूल लक्ष्य है, और इसके लिए नीति निर्माण से लेकर क्रियान्वयन तक हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित की जा रही है।
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Bhanu Bangwal

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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।

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