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January 28, 2026

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार सहित पांच लोगों की प्लेन क्रैश में मौत, तीन दिन का राजकीय शोक, जानिए उनके बारे में

महाराष्ट्र के बारामती में एक बड़ा हादसा हुआ है। यहां उपमुख्यमंत्री अजित पवार का विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में अजित पवार सहित पांच लोगों की मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही बारामती समेत पूरे महाराष्ट्र में शोक की लहर दौड़ गई। खुद पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने सीएम फडणवीस से घटना की जानकारी ली। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

एनसीपी नेता और महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार का विमान 35 मिनट तक आसमान में उड़ने के बाद लैंडिंग के दौरान दुर्घटना का शिकार हो गया। उड़ान भरने के बाद तकरीबन 35 मिनट तक सब कुछ सामान्य था। रनवे से उठते ही यह बिजनेस जेट अपनी तय ऊँचाई की ओर बढ़ रहा था और लैंडिंग के वक्त सब कुछ खत्म हो गया। कुछ ही पलों में प्लेन आग के गोले में तब्दील हो गया और चारों तरफ सिर्फ धुआं ही धुआं और मलबा नजर आया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजित पवार 66 साल के थे। हादसा बुधवार सुबह 8.45 बजे बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान हुआ। उनके चार्टर्ड प्लेन में अजित पवार के सुरक्षाकर्मी, दो पायलट और एक महिला क्रू मेंबर समेत पांच लोगों की जान गई। पवार महाराष्ट्र पंचायत चुनाव के लिए जनसभा को संबोधित करने बारामती जा रहे थे। महाराष्ट्र एविएशन डिपार्टमेंट के मुताबिक विमान बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के लिए अप्रोच कर रहा था। पहली बार में पायलट को रनवे साफ दिखाई नहीं दिया तो वह विमान को दोबारा ऊंचाई पर ले गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

पहली कोशिश नाकाम रहने के बाद बारामती के रनवे-11 पर दोबारा लैंडिंग की कोशिश की गई। इसी दौरान विमान रनवे से फिसलकर क्रैश हो गया। इसके तुरंत बाद उसमें आग लग गई। यह भी जानकारी मिली है कि लैंडिंग के दौरान पायलट ने कोई इमरजेंसी सिग्नल नहीं दिया था। उसने ‘मेडे’ कॉल भी नहीं किया था। घटना के समय बारामती के फ्लाइंग क्लब में कोई विमान उड़ान पर नहीं था। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

महाराष्ट्र के CM देवेंद्र फडणवीस ने आज स्कूलों की छुट्‌टी घोषित कर दी है। राज्य में 3 दिन के राजकीय शोक की घोषणा की गई है। अजित पवार का अंतिम संस्कार बारामती में किए जाने की संभावना है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

अजित पवार का राजनीति में सफर
अजित पवार का जन्म 22 जुलाई 1959 को महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के देओलाली प्रवरा गांव में हुआ था। अजित पवार शरद पवार के बड़े भाई अनंतराव पवार के बेटे थे। अनंतराव पवार मुंबई के मशहूर राजकमल स्टूडियो में काम करते थे। पिता के निधन के बाद अजित पवार को अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़कर परिवार की जिम्मेदारी संभालनी पड़ी। अजित पवार ने 1982 में एक सहकारी चीनी कारखाने के बोर्ड सदस्य के रूप में राजनीति में कदम रखा। इस दौरान उनके चाचा शरद पवार उस राजनीतिक दिग्गज बन चुके थे। उनके साथ मिलकर अजित पवार ने राजनीति की बारीकियों को सीखा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

वह राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के राजनेता थे लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले एनडीए में शामिल होकर उपमुख्यमंत्री का पदभार संभाल लिया। वह महाराष्ट्र विधानसभा में नेता हैं और मंत्री के रूप में अपने नवीनतम कार्यकाल में महाराष्ट्र के 8वें उपमुख्यमंत्री थे। वह भारत के पुणे जिले के संरक्षक मंत्री थे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

प्रभावशाली हस्ती थे अजित पवार
अजित अनंतराव पवार महाराष्ट्र की राजनीति में एक प्रभावशाली हस्ती थे। वे अपनी प्रशासनिक दक्षता, बेबाक बोलने की शैली और राज्य के राजनीतिक परिदृश्य को नया आकार देने में अपनी हालिया भूमिका के लिए जाने जाते थे। वे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे और देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महायुति सरकार में उपमुख्यमंत्री के पद पर थे। यह उनका छठा गैर कार्यकाल था। 2024 में चुनाव आयोग ने उनके गुट को “असली” NCP मान्यता दी थी और पार्टी का नाम और “घड़ी” चिह्न सौंपा। वे वित्त, योजना जैसे महत्वपूर्ण विभाग संभाल रहे थे और राज्य के वित्तीय प्रबंधन में उन्होंने खासी कुशलता दिखाई। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

1991 से लगातार सात बार विधायक चुने गए
अजित पवार बारामती विधानसभा से 1991 से लगातार सात बार विधायक चुने गए, हर चुनाव में भारी अंतर से जीते। उनका आधार सहकारी क्षेत्र में मजबूत था—16 साल तक पुणे जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष रहे, चीनी मिलों और दूध संघों पर गहरा प्रभाव। विभिन्न मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल में उन्होंने जल संसाधन, बिजली, ग्रामीण विकास जैसे प्रमुख विभाग संभाले। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

साहसिक फैसले
उनका राजनीतिक सफर साहसिक फैसलों से भरा रहा। नवंबर 2019 में फडणवीस के साथ मात्र 80 घंटे की सरकार बनाई, फिर चाचा शरद पवार के पास लौटे। जुलाई 2023 में NCP में विभाजन कर शिंदे सरकार में शामिल हुए, जिसने शरद पवार के 25 साल के नेतृत्व को चुनौती दी। अजीत पवार सुबह 6.00 बजे ही अपना दिन शुरू करने और मौके पर ही फैसले लेने के लिए जाने जाते थे। उनकी पब्लिक इमेज एक ऐसे नेता की थी जो साफ़-साफ़ बात करते थे कि अक्सर नागरिकों को गोलमोल वादे करने के बजाय तुरंत “हां” या “नहीं” बताते थे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

हालांकि अजित पवार सालों से राज्य की राजनीति में अपनी पकड़ बनाने में कामयाब रहे, लेकिन उनका करियर विवादों से भी घिरा रहा, जैसे 70,000 करोड़ का सिंचाई घोटाला और महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक मामले, लेकिन उन्होंने आरोपों से इनकार किया और कई क्लीन चिट मिलीं। दिग्गज नेता शरद पवार के भतीजे होने के बावजूद परिवार में फूट पड़ी, लेकिन 2026 की रिपोर्ट्स में स्थानीय चुनावों के लिए दोनों NCP गुटों में रणनीतिक गठबंधन या “दोस्ताना मुकाबला” की संभावना जताई गई थी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

महाराष्ट्र के साथ देश भर में शोक की लहर
अजीत पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार बारामती में सामाजिक-राजनीतिक कार्यों में सक्रिय हैं। लोकसभा चुनाव में बारामती से सुप्रिया सुले से हार के बाद सुनेत्रा को राज्यसभा भेजा गया था। इस त्रासदी से महाराष्ट्र और देश भर में शोक की लहर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत अन्य नेताओं ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है। वहीं जांच एजेंसियां हादसे के कारणों की गहन जांच कर रही हैं।
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Bhanu Bangwal

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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।

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