उपनलकर्मियों ने सीएम धामी से की मुलाकात, समान कार्य समान वेतन के लिए जताया आभार, कांग्रेस बोली- सभी पर लागू हो ये व्यवस्था
उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट की बैठक में उपनल कर्मचारियों के लिए समान कार्य के लिए समान वेतन का प्रस्ताव पारित किया। हालांकि, 10 साल से काम कर रहे उपनलकर्मियों को इस व्यवस्था में शामिल किया गया है। इस फैसले के बाद सीएम पुष्कर सिंह धामी से उपनल कर्मचारियों ने भेंट कर इस निर्णय के लिए उनका आभार व्यक्त किया। वहीं, उत्तराखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष संगठन सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि ये व्यवस्था सभी उपनल कर्मचारियों पर लागू होनी चाहिए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से गुरुवार को कैबिनेट की बैठक के बाद सचिवालय में उपनल कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। इस अवसर पर उपनल कर्मचारियों ने समान कार्य–समान वेतन के संबंध में आज राज्य मंत्रिमंडल की ओर से लिए गए निर्णय के लिए मुख्यमंत्री एवं प्रदेश सरकार के प्रति आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
सरकार की ओर से जारी प्रेस नोट में कहा गया कि उपनल कर्मचारियों ने कहा कि यह निर्णय लंबे समय से चली आ रही उनकी मांगों को पूरा करने के साथ-साथ उनके सम्मान और आर्थिक सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस फैसले से प्रदेश के हजारों उपनल कर्मचारियों में उत्साह एवं विश्वास का वातावरण बना है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
पढ़ेंः धामी कैबिनेट के फैसलेः उपनलकर्मियों को समान कार्य का समान वेतन, यूसीसी में संशोधन, पढ़िए अन्य निर्णय
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार उपनल कर्मियों के हितों की रक्षा, उनके सम्मान और भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उपनल कर्मचारी राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनके योगदान को सरकार पूरी गंभीरता से मान्यता देती है। प्रदेश सरकार कर्मचारियों के कल्याण से जुड़े सभी मुद्दों पर संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। इस अवसर पर उपनल कर्मचारियों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि वे सरकार की नीतियों एवं निर्णयों के अनुरूप पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते रहेंगे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उपनल के सभी कर्मचारियों को मिले समान कार्य के लिए समान वेतन
उत्तराखंड में उपनल के माध्यम से राज्य में कार्यरत सभी साढ़े बाइस हजार कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन मिलना चाहिए। ना कि केवल दस वर्ष के कार्यकाल वालों को। यह बात एआईसीसी सदस्य व उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संगठन सूर्यकांत धस्माना ने धामी कैबिनेट के दस वर्ष की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने के निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए कही। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कांग्रेस नेता धस्माना ने कहा कि उच्च न्यायालय नैनीताल ने अपने आदेश में सभी कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने का आदेश दिया था। साथ ही कर्मचारियों के नियमितीकरण के मामले में योजना बना कर चरमबद्ध तरीके से समायोजन के लिए कहा था। धस्माना ने कहा कि उच्च न्यायालय के इस निर्णय को दो बार उच्चतम न्यायालय में एसएलपी के माध्यम से चुनौती राज्य सरकार ने दी। इसे खारिज करते हुए उच्चतम न्यायालय ने उच्च न्यायालय नैनीताल के आदेश को यथावत रखा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि सरकार का निर्णय फिर से एक बार उपनल कर्मचारियों के साथ धोखा है। क्योंकि केवल दस वर्षों को सेवा वालों को समान कार्य के लिए समान वेतन का आदेश उच्च न्यायालय के आदेशों का पूरा पालन नहीं है। क्योंकि सभी साढ़े बाइस हजार कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन नहीं दिया जा रहा और नियमितीकरण के मामले में धामी सरकार मौन है।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



