हरीश रावत बोले, भाजपा की बोलती बंद, कल फिर करेंगे भाजपा पर हमला

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत सरकारी नौकरियों के सवाल पर उत्तराखंड की भाजपा सरकार पर लगातार हमले कर रहे हैं। आज फिर उन्होंने सरकारी नौकरियों का मुद्दा उठाया, वहीं नर्सों की भर्ती का मुद्दा भी दूसरे एंगिल से उठा दिया। साथ ही पशुओं को लगाए जाने वाले टीकाकरण में भी धांधली का इशारा किया।
सोशल मीडिया के जरिये अपनी बात को सरकार के समक्ष रखने वाले हरीश रावत ने नौकरी के सवाल पर भाजपा पर फिर कटाक्ष किया। उनके नौकरी के मुद्दे को उठाने पर पहले ही भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत दावा कर चुके हैं कि भाजपा के शासनकाल में सात लाख लोगों को नौकरियां दी गई हैं। इसके बाद तो मानो हरीश रावत एक एक विभागों को लेकर सोशल मीडिया में चर्चा करते नजर आ रहे हैं। आज उन्होंने नौकरी के मुद्दे सहित तीन पोस्ट शेयर की। जो इस प्रकार हैं-
यूँ जब से मैंने, राज्य बनने के बाद से अब तक सरकारी विभागों में हुई नियुक्तियों का ब्योरा जारी किया है। भाजपा की बोलती बंद है। अब 7 लाख-7 लाख कहने वाले चुप्पी साध गये हैं। फिर भी मेरा दायित्व है कि मैं नौकरियों को लेकर अपने शासनकाल के सभी तथ्यों को राज्य की जनता के सम्मुख रखूं। कल मैं पुलिस, होमगार्ड और पीआरडी विभाग में हमारे कार्यकाल में जो नियुक्तियां हुई, उसकी जानकारी अपने Facebook पर आप सबसे साझा करूँगा। ताकि भाजपा के लोग 7 लाख और 801 कहना भूल जाएं।
नर्सिंग भर्ती पर दिलाया ध्यान
हरीश रावत ने नर्सिंग की भर्ती को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि- सरकार के अव्यावहारिक कदम, लोगों की जिंदगी के लिये बहुत भारी हो जा रहे हैं। नर्सिंग के। मेडिकल कॉलेजेज में नर्सिंग के पदों को भरने की विज्ञप्ति निकाली। पहले तो उसमें ही कुछ ऐसी गलती कर दी गई, जिससे इस राज्य के बच्चों के लिये लगभग दरवाजे बंद हो गये थे। खैर मुख्यमंत्री जी ने बात को समझा और आदेश को संशोधित करने की बात कही। मगर जो पद निकाले गये उन पदों पर पहले से ही मेडिकल कॉलेजेज में जो नर्सिंग स्टाफ काम कर रहा है, उसके विषय में कुछ भी नहीं सोचा गया।
उन्होंने आगे लिखा कि- हमारी सरकार ने ऐसे सभी कार्यरत लोगों के नियमितीकरण के आदेश दिये थे, जिन्हें वर्तमान सरकार ने रद्द कर दिया है। आप सीधी भर्ती से पदों को भरना चाहते हैं, अच्छी बात है। मगर जो पहले से कार्यरत हैं, उनके भविष्य को बचाने की भी सरकार की ही जिम्मेदारी है। जिला अस्पताल व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी नर्सिंग स्टाफ के सामने अनिश्चित भविष्य है। सरकार सीधी भर्ती करे। मगर एक शासनादेश के जरिये इस बात को स्पष्ट कर दें कि मेडिकल कॉलेजज आदि में कार्यरत नर्सिंग स्टाफ की सेवाएं यथावत बनी रहेंगी।
उन्होंने कहा कि-वर्षों से कार्यरत नर्सिंग स्टाफ के लिये परीक्षा में बैठकर उत्तीर्ण होना लगभग असंभव है। क्योंकि ये लोग पढ़ाई को वर्षों पहले ही छोड चुकें हैं। उनकी अभी तक की सेवाओं को वेटेज देना भी एक समाधान हो सकता है, परंतु यह भी पूर्णतः न्याययोजित नहीं है।
पशुओं के टीकारण में जताई चिंता
हरीश रावत ने सोशल मीडिया में कहा कि- हमारे हरिद्वार, देहरादून सहित कुछ जिलों में पशुओं में फुट एंड माउथ डिजीज बहुत प्रचलित है। इससे पशुओं की असामयिक मौत हो जाती है। हर वर्ष इसके लिये वैक्सीनेशन लगाये जाते हैं। मगर अप्रूव्ड जो है वो वैक्सीनेशन सरकार उपलब्ध करवाती है और लगवाती है।
उन्होंने कहा कि- इस वर्ष बड़े लंबे समय से पशुओं को ऐसे वैक्सीनेशन लगाये गये हैं, जिनके सैंपल फेल हो चुके हैं। राज्य सरकार की जानकारी में है, लेकिन राज्य सरकार ने उसका कोई संज्ञान नहीं लिया। आज सैकड़ों पशुओं की जिंदगी हमारे देहरादून और हरिद्वार जनपद में खतरे में है।




