देहरादून में मलिन बस्तिवासियों में भय का माहौल, कब चल जाए बुलडोजर, लेंगे कानूनी रायः राजकुमार
कोर्ट के निर्देश पर उत्तराखंड सरकार देहरादून में रिस्पना नदी के किनारे वर्ष 2016 के बाद से बने भवनों को अवैध मानते हुए बुलडोजर चलाने की तैयारी कर रही है। वहीं, इसे लेकर विपक्षी दलों और संगठनों की ओर से आंदोलन शुरू हो चुके हैं। लोगों का कहना है कि उजाड़ने से पहले मानवीयता के आधार पर बस्तियों में रह रहे लोगों के विस्थापन की व्यवस्था की जाए। कोर्ट, कानून, राजनीति के बीच बस्तियों में रहने वाले लोगों में भय का माहौल है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
रिस्पना नदी के किनारे वर्ष 2016 के बाद बने हुए भवनों को तोड़ने की सरकार की तैयारी के विरोध में देहरादून में राजपुर रोड के पूर्व विधायक एवं कांग्रेस नेता राजकुमार की अध्यक्षता में बॉडीगार्ड मलिन बस्ती में एक बैठक आहूत की गई। इस मौके पर राजकुमार ने कहा कि मलिन बस्ती वालों में आक्रोश और मायूसी व्याप्त है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का इस मामले में हस्तक्षेप न करने से लोग मायूस हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि इस मामले में हस्तक्षेप कर मलिन बस्तियों के लोगों के आवासीय भवनों को बचाया जाए। उनको जीने का अधिकार दिया जाए। पूर्व विधायक राजकुमार ने कहा कि इन बस्तियों में रहने वालों के पास कई साल से राशन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर कार्ड, बिजली और पानी के बिल कलेक्शन समेत कई सरकारी सुविधाओं के प्रमाण हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि बस्तियों में रहने वालों के पास आवासीय भवनों में रहने के अन्य सरकारी प्रमाण भी मौजूद हैं। ऐसे में उनका बेदखल किया जाना मानवीयता के खिलाफ है। इस मामले में मुख्यमंत्री को तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए। पूर्व विधायक राजकुमार ने कहा कि इस मामले में कांग्रेस पार्टी जल्द ही अधिवक्ताओं की न्यायिक राय लेकर कोर्ट में शरण लेगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
बैठक के बाद कांग्रेस ने इस मामले में नगर निगम की उपेक्षा को देखते हुए प्रदर्शन भी किया। बैठक में कांग्रेस के पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा, पूर्व पार्षद दीप चौहान, परवेंद्र ओबराय, प्रेम राज, सोनू, चमन लाल, नितिन, विकास, राधेश्याम आदि मौजूद थे।
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Bhanu Prakash
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भानु बंगवाल
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।


