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July 21, 2024

पुलिस हिरासत में पिटाई के बाद मौत को लेकर युवा यूकेडी ने की निष्पक्ष जांच की मांग, डीआईजी से मिला प्रतिनिधिमंडल

1 min read

ऋषिकेश में हिरासत में एक व्यक्ति की पिटाई के बाद जेल में मौत के मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। युवा यूकेडी के प्रतिनिधिमंडल ने डीआईजी से मुलाकात की और निष्पक्ष जांच कर आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रतिनिधिमंडल युवा उक्रांद के केंद्रीय अध्यक्ष राजेंद्र बिष्ट के नेतृत्व में मिला। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस उप महानिरीक्षक (कानून) पी रेणुका से ऋषिकेश के रणवीर सिंह रावत की जेल मे मौत की निष्पक्ष जांच की मांग की। राजेंद्र बिष्ट ने कहा कि आरोपी पुलिसकर्मियों को निलंबित कर उन पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश कोतवाली में तैनात दो पुलिसकर्मी बिना वर्दी के रणवीर सिंह रावत के घर पहुंचे और उन्हें उठाकर ले गए। रणवीर की पत्नी का आरोप है कि उनके पति को जघन्य तरीके से मारा गया, चोट के निशान उनके शरीर पर थे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने पुलिस अधिकारियों को दिए गए अपने शिकायती पत्र के साथ ही चोट के निशान के फोटोग्राफ्स भी दिए हैं। रणवीर सिंह रावत को सुद्धोवाला जेल में भेजने के बाद उनकी पत्नी जब उन्हे मिलने गई तो पति ने बताया था कि उनके शरीर में दर्द हो रहा है। उन्हें नींद की गोली दी जा रही है। उसके बाद जब उनकी पत्नी शाम को घर पहुंचती है तो, फोन काल के जरिये पति की सूचना मिलती है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

यूकेडी के वरिष्ठ नेता पंकज व्यास ने कहा कि 25 जून को मौत होने के बाद पोर्टमार्टम रिपोर्ट तीन जुलाई को आती है। यह भी संदेहास्पद है। राज्य में इस प्रकार की घटना के बाद जनता में भी पुलिस के प्रति अविश्वास पैदा होना निश्चित है। साथ ही ऐसे पुलिस सिपाहियों मित्र पुलिस की छवि को बदनाम करने का कार्य किया जा रहा है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

केंद्रीय महामंत्री बृजमोहन सजवाण ने कहा मृतक रणवीर सिंह रावत विश्वनाथ बस सेवा में परिचालक था। उसकी पूर्व में किसी भी प्रकार की आपराधिक घटनाओं में संलिप्तता नहीं रही है। ऐसे में आम इंसान के साथ पुलिस का इस प्रकार का बर्ताव कई प्रश्न चिह्न खड़े करता है। केंद्रीय मीडिया प्रभारी किरन रावत कश्यप ने कहा इस विषय को लेकर उक्रांद शिष्ट मंडल ने कुछ दिन पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून अजय सिंह से बात की थी। साथ ही जांच होने तक आरोपियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की मांग की थी। अब तक किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नही की गयी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

प्रतिनिधिमंडल में युवा प्रकोष्ठ के महानगर अध्यक्ष परवीन चंद रमोला, केंद्रीय उपाध्यक्ष बहादुर सिंह रावत, भोला दत्त चमोली, अनूप बिष्ट, शैलेंद्र सिंह गुनसोला, गजेंद्र सिंह, मनीष रावत आदि शामिल थे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

ये है प्रकरण
ऋषिकेश के ढालवाला निवासी रणवीर सिंह रावत को 22 जून को सादे कपड़ों में घर पहुंची पुलिस उठा कर ले गई। रणवीर सिंह पर स्कूटी चोरी का आरोप लगा। पुलिस ने 23 तारीख को रणवीर सिंह को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। 25 जून को रणवीर सिंह की जेल में मौत हो गई। आरोप है कि रणवीर सिंह की बुरी तरह से पिटाई के चलते मौत हुई है। परिजनों ने इस मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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भानु बंगवाल
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।

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