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June 15, 2024

उत्तराखंड में दोपहिया वाहन में पीछे बैठने वाले को भी हेलमेट जरूरी, चौपहिया वाहन में सभी बांधेंगे सीट बेल्ट, सीएस के निर्देश

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उत्तराखंड में अब यातायात व्यवस्था को दुरुस्त बनाने के लिए कई कड़े कदम उठाए जाएंगे। फेसलेस चालान सिस्टम को लागू करने की तैयारी चल रही है। साथ ही ट्रैफिक सिगनल को एएनपीआर तथा आरएलवीडी सिस्टम से अपग्रेड किया जाएगा। सबसे बड़ी खबर ये है कि दोपहिया वाहनो पर पीछे बैठने वालों के लिए हेलमेट पहनने एवं फॉर वीकल में सभी के लिए सीट बेल्ट के नियम को सख्ती से लागू किया जाएगा। इनके पालन के लिए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने परिवहन विभाग से राज्य में सड़क दुर्घटनाओं के बाद हुए डेथ ऑडिट के फलस्वरूप उठाए गए सुधारात्मक कदमों की जानकारी मांगी। इसके साथ ही उन्होंने पूरी तरह से फेसलेस चालान सिस्टम को लागू करने के निर्देश दिए है। राधा रतूड़ी ने सम्पूर्ण राज्य सीमा एवं सभी मुख्य मार्गों पर एएनपीआर कैमरों के साथ ही शहरों में ड्रोन कैमरों से ट्रैफिक व्यवस्था की मॉनिटरिंग एवं चालान के निर्देश दिए हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

सीएस ने शिक्षा विभाग को स्कूलों में सप्ताह में एक दिन बच्चों को सड़क सुरक्षा के सम्बन्ध में जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने ट्रैफिक सिगनल को एएनपीआर तथा आरएलवीडी सिस्टम से अपग्रेड करने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को सचिवालय में राज्य सड़क सुरक्षा कोष प्रबन्ध समिति की बैठक की अध्यक्षता के दौरान राज्य में सड़क दुर्घटनाओं को न्यूनतम करने के दृष्टिगत मुख्य सचिव ये निर्देस दिए। उन्होंने दोपहिया वाहनों पर पीछे बैठने वालों के लिए हेलमेट पहनने एव फॉर वीकल में सभी के लिए सीट बेल्ट के नियम को सख्ती से लागू करवाने के भी निर्देश दिए हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

रोड सेफटी की इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य की ट्रैफिक व्यवस्था को हाईटेक एवं अपडेट करने के दृष्टिगत मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सभी 13 जिलों में ड्रोन सेवाओं की व्यवस्था करने को कहा है। साथ ही ट्रैफिक सिगनल को एएनपीआर तथा आरएलवीडी सिस्टम से इंटिग्रेट व अपडेट करने, हाई टेक मोटर बाईक, कैमरों के साथ राडार स्पीड साइन बोर्ड, डिजिटल स्पीड साइन बोर्ड व वेरिएबल मेसेज डिस्पले बोर्ड लगाने, ट्रैफिक पुलिस कर्मियों हेतु बॉडी वॉर्न कैमरा, एल्कोमीटर / ब्रीथ एनालाइजर, पोर्टेबल साउण्ड सिस्टम जैसे आधुनिकतम टेक्नॉलाजी सिस्टम को लागू करने की वित्तीय एवं सैद्धान्तिक स्वीकृति दी है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

सीएस राधा रतूड़ी ने परिवहन एवं पुलिस विभाग को सड़क सुरक्षा एवं यातायात जागरूकता हेतु अधिकाधिक सोशल मीडिया के माध्यम से जन जागरूकता को कार्य करने के निर्देश दिए है। जीरो एक्सीडेंट राज्य के विजन के साथ कार्य करने की सख्त हिदायत देते हुए मुख्य सचिव राधा रतूडी ने लोक निर्माण विभाग को वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए  सुरक्षात्मक कार्यों के तहत क्रैश बैरियर लगाने, रोड डेलीनेटर व कैट आई, ब्लैक स्पॉट पर सुधारात्मक कार्य करने, पैरापिट एवं कॉशनरी साईन बोर्ड, रोड फर्नीचर रोड मार्किंग आदि कार्यों की वित्तीय एवं सैद्धान्तिक स्वीकृति दी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

बैठक के दौरान मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने हिट एण्ड रन तथा गुड़ समेरिटन के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए है। इसके साथ ही उन्होंने राज्य के मागों पर वैज्ञानिक तरीके से गति सीमा के निर्धारण की कार्ययोजना पर तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं । बैठक में जानकारी दी गई कि पिछले वर्ष 67 गुड समेरिटन को 10 लाख की धनराशि आवंटित की गई है। वर्ष 2024-26 में गुड़ समेरिटन योजना हेतु 10 लाख की धनराशि प्रस्तावित है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

विदित है कि गुड समेरिटन को प्रोत्साहित करने के लिए उत्तराखण्ड में सड़क एवं परिवहन मंत्रालय भारत सरकार की Good Samaritan स्कीम को विभागीय स्तर पर लागू किया गया है। इसमें Good Samaritan को नगद ईनाम और प्रशंसा पत्र दिया जाता है। उत्तराखण्ड राज्य में भी विभागीय Good Samaritans पुरस्कार योजना प्रारम्भ की गयी है। इसके अन्तर्गत दुर्घटना के वक्त मदद करने वाले को उत्तराखंड पुलिस से नगद ईनाम और प्रशंसा पत्र प्रदान किया जाता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

इन मदद कार्यों में सड़क दुर्घटना में किसी व्यक्ति को प्राथमिक चिकित्सा प्रदान करना। सड़क दुर्घटना के शिकार व्यक्ति, व्यक्तियों का राहत एवं बचाव कार्य कर समय से अस्पताल पहुँचाना। सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को एम्बुलेंस की उपलब्धता न होने की स्थिति में निजी वाहन से अस्पताल पहुँचाना। सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को आवश्यकता पड़ने पर रक्तदान करना या रक्तदान का प्रचार-प्रसार कर सम्बन्धित ब्लड ग्रुप वाले रक्तदाता (क्वदवत) की व्यवस्था करना है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

इसके साथ ही दुर्घटना में घायल व्यक्ति की आर्थिक रूप से सहायता करना, सड़क दुर्घटना की रोकथाम के प्रयास में प्रभावी सहायता योगदान उपलब्ध कराने वाले को भी ईनाम देने की योजना है। बैठक में पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार, प्रमुख सचिव रमेश कुमार सुधांशु , सचिव अरविन्द सिंह हयाकी, वी षणमुगम सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी मौजूद रहे।
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