Loksaakshya Social

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

February 22, 2024

चंडीगढ़ मेयर चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त, सीजेआई बोले-मत पत्र खराब करने वाले अधिकारी पर चले केस, जरूरत पड़ी तो फिर से चुनाव

1 min read

चंडीगढ़ मेयर चुनाव में निर्वाचन अधिकारी की तरफ से धांधली का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। इसमें वह खुद ही हर बैलेट पेपर पर हाथ से कुछ लिखते हुए या फिर निशान लगाते हुए दिख रहे हैं। वहीं, नियम ये है कि मतपत्र पर कुछ भी लिखा नहीं जा सकता है। चुनाव अधिकारी ने आप और कांग्रेस के संयुक्त उम्मीदवार के पक्ष में आठ मतपत्र निरस्त कर दिए थे। साथ ही बीजेपी के प्रत्याशी को विजयी घोषित कर दिया था। ऐसा आरोप आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने लगया। इन आरोपों को लेकर आम आदमी पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इस मामले पर सोमवार पांच फरवरी को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान चंडीगढ़ मेयर चुनाव में धांधली के आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

मेयर चुनाव का वीडियो देखने के बाद चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि अधिकारी मतपत्र को कैसे खराब कर सकता है? ऐसी हरकत के लिए तो उस पर मुकदमा चलना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जरूरत लगी तो नए सिरे से चुनाव करवाए जाएंगे। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने बैलट पेपर और मतदान का वीडियो हाई कोर्ट को सौंपने का आदेश दिया। इस मामले पर अगले हफ्ते फिर सुनवाई होगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

चंडीगढ़ मेयर चुनाव में कांग्रेस और AAP के संयुक्त प्रत्याशी रहे कुलदीप कुमार ने याचिका दाखिल की है। उन्होंने कहा है कि चुनाव में पीठासीन अधिकारी ने दुर्भावना से काम किया। इसी के चलते उनकी हार हुई है। याचिका में कुलदीप कुमार ने यह भी बताया है कि उन्होंने नए सिरे से चुनाव के लिए हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर रखी है, लेकिन हाई कोर्ट ने कोई अंतरिम आदेश देने से मना कर दिया है। हाई कोर्ट ने 3 हफ्ते बाद सुनवाई की बात कही है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

चंडीगढ़ महापौर चुनाव में बीजेपी को जीत हासिल हुई थी। मतगणना के दौरान 8 वोट अमान्य घोषित किए गए थे। इसी वजह से कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के संयुक्त प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा था। बीजेपी ने मेयर चुनाव में जीत हासिल कर सभी तीन पदों पर अपना कब्जा बरकरार रखा था। चंडीगढ़ महापौर चुनाव को कांग्रेस-AAP गठबंधन के लिए बड़ा झटका माना गया। क्योंकि दोनों पार्टियों के वोट मिलाकर वो बहुमत में थीं। AAP और कांग्रेस ने पीठासीन अधिकारी पर मतपत्रों के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाया था।
नोटः सच का साथ देने में हमारा साथी बनिए। यदि आप लोकसाक्ष्य की खबरों को नियमित रूप से पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दिए गए आप्शन से हमारे फेसबुक पेज या व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ सकते हैं, बस आपको एक क्लिक करना है। यदि खबर अच्छी लगे तो आप फेसबुक या व्हाट्सएप में शेयर भी कर सकते हो।

+ posts

लोकसाक्ष्य पोर्टल पाठकों के सहयोग से चलाया जा रहा है। इसमें लेख, रचनाएं आमंत्रित हैं। शर्त है कि आपकी भेजी सामग्री पहले किसी सोशल मीडिया में न लगी हो। आप विज्ञापन व अन्य आर्थिक सहयोग भी कर सकते हैं।
भानु बंगवाल
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page