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February 22, 2024

पहले पिता पाल पोसकर बेटी को करता है जवान, फिर रचाता है उससे शादी, सुहागरात समेत मनाते हैं सारी रस्में

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आज दुनिया पहले के मुकाबले काफी एडवांस हो चुकी है। वहीं, आज भी कुछ ऐसे लोग हैं, जो कुप्रथाओं को सीने से लगाकर रखे हुए हैं। उनके मुताबिक़, इन रिवाजों की वजह से ही उनकी पहचान है। भले ही इसके लिए उन्हें खून के रिश्ते ही शर्मसार करने क्यों नहीं पड़ जाते। बात यदि पिता और बेटी के रिश्ते की हो तो उस रिश्ते को काफी पवित्र माना है। बाप अपनी बेटी को पालने और पढ़ाने से लेकर हर चीज में उसका साथ देता है। भारत में तो बेटी को घर की लक्ष्मी माना जाता है। वहीं, दुनिया में एक जगह ऐसी भी है, जहां बेटियों की शादी उसके पिता से ही करवा दी जाती है। ये बात सुनने में अजीब लग रही होगी, लेकिन ये बिल्कुल सच है। दुनिया में कई अजीबोगरीब प्रथाएं हैं, ये भी उन्हीं में से एक है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

बेटी के जवान होने पर पिता ही बन जाता है शोहर
पहले जहां कई तरह की भ्रांतियां दुनिया को पिछड़ा बनाकर रखती थी, वहीं समय के साथ लोग पढ़े-लिखे बनते गए और उन्होंने कई कुप्रथाओं को मानने से इंकार कर दिया। इसके बावजूद बांग्लादेश के एक समुदाय में बाप-बेटी के रिश्ते को कलंकित किया जाता है। इसके पीछे वजह भी बेहद डरावनी है। दरअसल, बांग्लादेश के एक समुदाय में जैसे ही बेटी जवान होती है, उसका बाप ही उसका शौहर बन जाता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

पहले पिता, फिर शौहर
बांग्लादेश के मंडी जनजाति में बेहद अजीबोगरीब प्रथा सदियों से चली आ रही है। यहां अगर कोई महिला कम उम्र में विधवा हो जाती है तो मर्द उससे दूसरा निकाह कर लेता है। इस निकाह में वो उसे पत्नी के सारे अधिकार देता है। उसका भरण-पोषण करता है, लेकिन अगर महिला की पहली शादी से कोई बेटी है तो उसके जवान होते ही वो उससे भी निकाह कर लेता है। इसी शर्त पर वो विधवा को सुहागन बनाने को तैयार होता है। यानी जिस बच्ची को कम उम्र में अब्बा जान बुलवाता है, बाद में वो मर्द उसी का शौहर बन जाता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

अंग्रेजी वेबसाइट द गार्डियन के मुताबिक, बांग्लादेश में रहने वाली मंडी जनजाति में लड़कियों की शादी उनके पिता से ही कर दी जाती है। उस जनजाति की रहने वाली एक 30 साल की महिला ओरोला का कहना है की जब वह बहुत छोटी थी तब उसके पिता की मृत्यु हो गयी थी। तब उसकी मां की शादी नॉटेन नाम के किसी दूसरे आदमी से कर दी गई थी। अपने दूसरे पिता को देखकर वह हमेशा सोचती थी की वो कितने अच्छे हैं। एक तरह से लड़की को उसका दूसरा पिता पसंद था। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

जवान होते ही लगा बड़ा झटका
ओरोला का कहना है की जब उसने जवानी की तरफ अपना पहला कदम बढ़ाया था, तब उसे ये बात पता चली कि उनके दूसरे पिता नॉटेन ही उनके पति हैं। ये खबर सुनते ही ओरोला को जैसे लगा की वह कोई सपना देख रही है। मगर ये बात सच थी। दरअसल, ओरोला की शादी उसके पिता के साथ तब कर दी गई थी, जब वो केवल 3 साल की थी। इस तरह से ओरोला का पिता ही उसका पति भी था। हालांकि ये रिपोर्ट थोड़ी पुरानी है, लेकिन आज भी इस कुप्रथा का चलन है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

खुद को मानता है मसीहा
मंडी जनजाति एक मर्द इस कुप्रथा को सदियों से मानते आ रहे हैं। उनका तर्क है कि इस रिवाज की वजह से वो दो महिलाओं का जीवन सवार देते हैं। पहले विधवा मां की और बाद में उसकी बेटी की। वहीं, इस कुप्रथा ने आजतक कई बच्चियों की जिंदगी तबाह कर दी है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

ऐसे निभाई जाती है कुप्रथा
ये एक ऐसी प्रथा है जहां कम उम्र में विधवा हुई लड़कियों की शादी दूसरे व्यक्ति से करवा दी जाती है और जब वो महिला किसी बेटी को जन्म देती है तो उसकी शादी भी उसी व्यक्ति से करवाई जाती है। बेटी के जवान होने पर सुहागरात समेत सारी रस्म मनाई जाती है। माना जाता है कि कम-उम्र का पति नई पत्नी और उसकी बेटी का भी पति बनकर दोनों की सुरक्षा लंबे वक्त तक कर सकता है। ये बड़ी ही अजीब प्रथा होती है। ताज्जुब की बात तो ये है कि आज भी इस कुप्रथा को अपनाया जा रहा है।
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भानु बंगवाल
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।

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