Loksaakshya Social

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

March 4, 2024

यूसर्क का महिला वैज्ञानिक कॉनक्लेव, 13 युवा महिला वैज्ञानिकों को किया सम्मानित

1 min read

उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केन्द्र (यूसर्क) की ओर से महिला वैज्ञानिक कॉनक्लेव-2023 का आयोजन देहरादून स्थित आईआरडीटी सभागार में किया गया। इस मौके पर 13 युवा महिला वैज्ञानिकों को सम्मानित किया गया। ये सम्मान राज्य स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अप्लाइड साइंस, स्टेम, सामाजिक विज्ञान, परम्परागत विज्ञान आदि में दिया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

यंग वुमेन साइटिस्ट एक्सीलेंस अवार्ड
1.डा. कंचन भारद्वाज, असिस्टेंट प्रोफेसर, एसजीआरआर विश्वविद्यालय, देहरादून।
2.सुप्रिया दुबे, शोधार्थी, गुरूकुल कांगड़ी डीम्ड विश्वविद्यालय हरिद्वार।
3.तरनुम्म जहाँ, शोधार्थी गोविंद बल्लभ पन्त कृषि एवं तकनीकी विश्वविद्यालय पंतनगर।
4.डा सरिश्मा डांगी, असिस्टेंट प्रोफेसर, ग्राफिक ऐरा डीम्ड विश्वविद्यालय, देहरादून।
5.सुकन्या, शोधार्थी, यूपीईएस देहरादून।
6.सुषमा खोलिया, शोधार्थी, एमबी पीजी कॉलेज हल्द्वानी नैनीताल। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

यंग वुमेन साइटिस्ट अचिवमेंट अवार्ड
1.डा सुधा पाल, अतिथि संकाय एमबी पीजी कॉलेज, हल्द्वानी नैनीताल।
2.डा अमिता तिवारी, असिस्टेंट प्रोफेसर एमबी पीजी कालेज, हल्द्वानी नैनीताल।
3.डा जय लक्ष्मी रावत, असिस्टेंट प्रोफेसर आरसीयू पीजी कालेज उत्तरकाशी।
4. डा मिथलेश सिंह, वैज्ञानिक ‘डी’ गोविन्द बल्लभ पंत राष्ट्रीय हिमालय पर्यावरण संस्थान कोसी कटारमल, अल्मोड़ा।
5.डा अंशु भाटिया, असिस्टेंट प्रोफेसर कोर विश्वविद्यालय रूड़की।
6.डा निक्की नौटियाल, असिस्टेंट प्रोफेसर, सरदार भगवान सिंह विश्वविद्यालय, देहरादून।
7.डा भुपेन्द्र ओलख, असिस्टेंट प्रोफेसर, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चंपावत। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

विकास में महिलाओं की भागीदारी आवश्यक
कार्यक्रम के यूसर्क की निदेशक प्रो. डा. अनीता रावत ने अतिथियों का स्वागत करते हुए महिला वैज्ञानिक कॉन्क्लेव के आयोजन के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज के सतत् समग्र और समन्वित विकास के लिए महिलाओं की भागीदारी आवश्यक है। आज का हमारा ये प्रयास है कि जिसके द्वारा विज्ञान का सामाजिक सरोकरों से सामंजस्य एवं परम्परागत ज्ञान का समावेश हो। उन्होंने कहा कि यूसर्क द्वारा एक ऐसा प्लेटफार्म देने का प्रयास किया गया है, जहां पर महिलायें विचार करें, नवाचार करें, प्रदर्शित करें, एडवांसमेंट और संस्टेनेबल समाधान की ओर बढ़े। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

संस्कारित शिक्षा की जरूरत
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं को लैंगिक समानता के अधिकार प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज महिलाओं के माध्यम से संस्कारित शिक्षा को आने वाली पीढ़ियों में संचारित करने की आवश्यकता है, जिससे समाज जीवन की बुराईयों को दूर किया जा सकेगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

विज्ञान से समस्याओं का समाधान
कार्यक्रम में अति विशिष्ट अतिथि एवं उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष एवं भौतिक शास्त्री प्रो जेएमएस राणा ने कहा कि आधुनिक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के साथ परम्परागत भारतीय विज्ञान का समावेश करके हम अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करते हुये विभिन्न समस्याओं का समाधान कर सकते हैं। उन्होंने प्रसिद्व भारतीय भौतिक शास्त्री सर सीवी रमन, सर जगदीश चन्द्र बसु आदि वैज्ञानिकों के द्वारा किये गये कार्यों से शिक्षा प्राप्त करते हुये आगे बढ़ने को कहा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

सामाजिक और आर्तिक क्षेत्र में महिलाएं अहम
कार्यक्रम में अति विशिष्ट अतिथि उत्तराखण्ड पलायन आयोग के उपाध्यक्ष डा एसएस नेगी ने कहा कि महिलाओं की भूमिका सामाजिक एवं आर्थिक दोनों क्षेत्रों में बहुत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य की महिलायें राज्य के सतत् विकास एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

अति विशिष्ट अतिथि भारतीय पेट्रोलियम संस्थान (आईआईपी) के निदेशक डा हरेन्द्र सिंह बिष्ट ने कहा कि आज भारतीय महिलायें विज्ञान के क्षेत्र में बहुत अच्छे परिणामों के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि आज महिलायें बायोफ्यूल्स एवं कार्बन फुटप्रिंट के क्षेत्र में हो रहे शोध, अनुसंधान एवं नवचार में विशेष कार्य करते हुये आगे बढ़ रही है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

लगाई गई प्रदर्शनी
कार्यक्रम में यूसर्क की गतिविधियों, डालफिन संस्था व हार्क संस्था के स्वदेशी आजीविका उत्पादों एवं औषधीय उत्पादों तथा लर्निग ट्री संस्था द्वारा अपने-अपने प्रदर्शनी भी लगायी गयी। कार्यक्रम का संचालन वैज्ञानिक डा ओम प्रकाश नौटियाल एवं धन्यवाद ज्ञापन डा मन्जू सुन्दरियाल ने किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम में डा भवतोष शर्मा, डा राजेन्द्र राणा, ई. उमेश चन्द्र, ओम जोशी, राजदीप जंग, हरीश प्रसाद ममगांई, शिवानी पोखरियाल, रमेश रावत, राजीव मोहन बहुगुणा आदि ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम में विभिन्न शिक्षण संस्थानों की शिक्षिकाओं, छात्राओं, सहित 360 से अधिक लोगों ने प्रतिभाग किया।
नोटः सच का साथ देने में हमारा साथी बनिए। यदि आप लोकसाक्ष्य की खबरों को नियमित रूप से पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दिए गए आप्शन से हमारे फेसबुक पेज या व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ सकते हैं, बस आपको एक क्लिक करना है। यदि खबर अच्छी लगे तो आप फेसबुक या व्हाट्सएप में शेयर भी कर सकते हो।

+ posts

लोकसाक्ष्य पोर्टल पाठकों के सहयोग से चलाया जा रहा है। इसमें लेख, रचनाएं आमंत्रित हैं। शर्त है कि आपकी भेजी सामग्री पहले किसी सोशल मीडिया में न लगी हो। आप विज्ञापन व अन्य आर्थिक सहयोग भी कर सकते हैं।
भानु बंगवाल
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page