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February 20, 2024

राजमा बनाते समय रखें ये ध्यान, आपके बच्चे हर दिन बनाने की करने लगेंगे जिद, इसके गुण गिनते थक जाएंगे आप

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राजमा ऐसी दाल या सब्जी है, जिसे बच्चे से लेकर बड़े तक पसंद करते हैं। हालांकि, ज्यादा उम्र वालों को राजमा से गैस की दिक्कत हो सकती है, लेकिन फिर भी हर घर में राजमा बनाई जाती है। मेहमान घर आए तो खाने में राजमा की दाल बनाने में ही प्राथमिकता दी जाती है। कई लोग कढ़ी चावल को भी राजमा की तरह ही बड़े चाव से खाते हैं। वहीं, ये बात भी सही है कि दोनों का अपना अपना मजा है। राजमा को चाहे दाल के रूप में बनाएं या फिर सब्जी के रूप में। इसे रोटी के साथ खाएं या फिर चावल के साथ। दोनों ही सूरत में ये लाजवाब लगती है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

पंजाब और दिल्ली के आसपास के इलाकों में तो राजमा काफी लोकप्रिय है। राजमा में पोषक तत्वों का खजाना छुपा हुआ है जो शरीर के लिए बेहद लाभकारी होता है। आप राजमा मसाला की सब्जी को लंच या डिनर किसी भी वक्त बनाकर खा सकते हैं। राजमा का अपना कोई स्वाद हो या ना हो, लेकिन ये स्वादिष्ट उन मसालों की वजह से बनती है, जो हम इसे तैयार करने में प्रयोग में लाते हैं। ऐसे में हम राजमा मसाला तैयार करने और इसे पकाने की विधि बताने जा रहे हैं। साथ ही राजमा के फायदे और नुकसान पर भी चर्चा करेंगे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

राजमा मसाला बनाने के लिए सामग्री
राजमा – 1/2 किलो
प्याज बारीक कटे – 2
टमाटर कटे – 5-6
अदरक-लहसुन पेस्ट – 2 टेबलस्पून
हल्दी – 1 टी स्पून
लाल मिर्च पाउडर – 2 टी स्पून
धनिया पाउडर – 1 टेबलस्पून
गरम मसाला – 1 टेबलस्पून
मीट मसाला – 1 टेबलस्पून ( ये मसाला चना मसाला की तरह होता है, इसमें मीट नहीं मिला होता)
बड़ी इलायची – 2
देसी घी – 2 टेबलस्पून
नमक – स्वादानुसार (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

राजमा मसाला बनाने का तरीका
राजमा तैयार करने के लिए सबसे पहले राजमा को रातभर के लिए पानी में भिगोकर रख दें। अगले दिन एक बर्तन में पानी गर्म करें और उसमें राजमा डालकर उबाल लें। राजमा को लगभग 10 मिनट तक उबालें, जिससे नरम हो जाएं। अब राजमा को पानी से निकालें और उन्हें कुकर में शिफ्ट करें। कुकर में काली इलायची, जरूरत के मुताबिक पानी और थोड़ा सा नमक डालें। इसके बाद कुकर में 2 सीटी आने का इंतजार करें। जब दो सीटी आ जाएं तो गैस की फ्लेम धीमी कर दें और 20-25 मिनट तक राजमा पकने दें। दरअसल राजमा को ठीक ढंग से नरम करने के लिए इसे सही तरीके से पकाना बेहद जरूरी होता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

तैयार करें ग्रेवी
अब एक कड़ाही में देसी घी डालकर गर्म करें। घी पिघलने के बाद कड़ाही में अदरक-लहसुन का पेस्ट और बारीक कटी प्याज डालकर चलाते हुए भूनें। जब प्याज का पेस्ट लाइट ब्राउन हो जाए तो उसमें टमाटर की प्यूरी और लाल मिर्च पाउडर डालकर मिक्स करें। अब गरम मसाला, धनिया पाउडर, मीट मसाला समेत अन्य सभी मसाले और थोड़ा सा नमक डालकर अच्छी तरह से मिला लें और 2 मिनट तक और पकाएं। अब तैयार मसाले में उबली राजमा डालें और थोड़ा सा पानी डालकर उबलने दें। 5 मिनट तक पकाने के बाद इसमें हरी धनिया पत्ती डालें और गैस बंद कर दें। टेस्टी राजमा मसाला की सब्जी बनकर तैयार है. इसे चावल या रोटी के साथ सर्व करें। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

राजमा के प्रकार
बाजार में राजमा के विभिन्न प्रकार उपलब्ध है। यह अलग-अलग रंगों और आकार में मिलता है, जिसके बारे में हम नीचे बता रहे हैं।
काली राजमा – यह मीडियम आकार में काले रंग का होता है। यह खाने में थोड़ा मीठा होता है।
गहरी लाल राजमा – यह आकार में थोड़ा बड़ा होता है। इसका उपयोग अधिकतर सूप और सलाद में किया जाता है।
हल्की लाल राजमा – यह भी आकार में बढ़ा होता है, इसे पकने में 90 से 120 मिनट का समय लगता है
नेवी बीन्स – यह राजमा छोटे आकार में होता है। इसे पकने में लगभग 90 से 120 मिनट का समय लगता है।
गुलाबी रंग की राजमा – यह राजमा छोटे आकार का होता है। इसे पकने में लगभग 60 मिनट का समय लगता है।
पिंटो राजमा – यह राजमा मुख्य रूप से संयुक्त राष्ट्र में पाया जाता है। यह मीडियम आकार में पाया जाता है।
ग्रेट नॉर्दर्न बीन्स – इस राजमा की ऊपरी सतह सफेद रंग की होती है। इसका उपयोग अधिकतर फ्रांस में होता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

राजमा के उपयोग
राजमा करी सबसे प्रचलित तरीका है। इसे पकाने की विधि हम ऊपर बता चुके हैं। वहीं राजमा सलाद के लिए एक कप राजमा, एक टमाटर, एक प्याज, आधा नींबू का रस और स्वाद के मुताबिक, नमक का उपयोग होता है। सबसे पहले राजमा को उबाल लें।टमाटर और प्याज को बारीक काट लें। अब एक बाउल लें, जिसमें राजमा और कटे हुए टमाटर व प्याज को मिला लें। स्वाद के लिए ऊपर से नमक और नींबू का छिड़काव करें। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

राजमा सूप
एक कटोरी राजमा, आधी कटोरी पुदीने की पत्तियां, एक चम्मच घी, एक चम्मच भुना जीरा, नमक (स्वादानुसार, दो चम्मच मसला हुआ अदरक, आधा चम्मच काली मिर्च पाउडर ले लें। सबसे पहले राजमा को भिगो देना चाहिए। इसके बाद राजमा ,अदरक और पुदीने को एक साथ उबाल लेना चाहिए। फिर तीनों को मिक्सी में अच्छी तरह ग्राइंड कर लेना चाहिए। इसके बाद कढ़ाई में घी डालकर उसे गर्म करें और ऊपर से ग्राइंड किए गए मिक्सर को दो कप पानी के साथ डाल दें। अंत में मसाले डालकर एक उबाला दिला दें। लीजिए, आपका सूप तैयार है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

वजन घटाने के लिए फायदेमंद है राजमा
राजमा के गुण वजन घटाने में सहायक माने जाते हैं। राजमा में फाइबर पर्याप्त मात्रा में होता है। फाइबर वजन को नियंत्रित करने का काम करता है। रिपोर्ट के अनुसार, फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ शरीर में अतिरिक्त कैलोरी बढ़ाए बिना पेट को भरने का काम करते हैं। इसके साथ ही इसमें रेसिस्टेंट स्टार्च होता है जो मोटापे से निजात पाने में आपकी मदद कर सकता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

ह्रदय संबंधी रोग दूर करने के लिए
राजमा के फायदे ह्रदय रोग में भी देखे जा सकते हैं। राजमा एलडीएल कोलेस्ट्रॉल (खराब कोलेस्ट्रॉल) को कम करता है। इसमें मौजूद मैग्नीशियम रक्तचाप को स्थिर रखता है। राजमा के लाभ से ह्रदय रोग को कम किया जा सकता है।
हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए कैल्शियम की आवश्यकता होती है। राजमा में कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो हड्डियों को मजबूत करने में काफी मदद करते हैं। राजमा खाने के तरीके को सही से अपने दैनिक जीवन में शामिल किया जाए, तो यह बहुत लाभकारी होता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

कैंसर की रोकथाम के लिए
राजमा के फायदे कैंसर की बीमारी में भी उपयोगी होते हैं। राजमा खाने से शरीर के अंदर बायोएक्टिव यौगिक की पूर्ति होती है, जो कैंसर से बचाने में मदद करता है। साथ ही इससे कई पुरानी बीमारियां भी अपने आप ठीक हो सकती हैं। अगर राजमा के साथ एंटीऑक्सीडेंट युक्त अन्य कोई खाद्य पदार्थ लिया जाए, तो यह शरीर में होने वाली ऑक्सीडेशन की प्रक्रिया को कम कर देता है और कैंसर जैसे बीमारी को धीरे-धीरे कम कर देता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

मधुमेह का उपचार
राजमा के गुण मधुमेह को ठीक करने में भी काम आते हैं। राजमा सिर्फ मधुमेह से ही नहीं बचाता, बल्कि ब्लड शुगर को भी नियंत्रित करता है। राजमा में कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है, जो मधुमेह को नियंत्रित करता है। राजमा में अघुलनशील फाइबर कोलेस्ट्रॉल को कम करता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

कोलेस्ट्रॉल
शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ने से रक्त का संचार सही से नहीं हो पाता। ऐसे में राजमा आपकी मदद कर सकता है। राजमा में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा नहीं होती है। इसलिए, राजमा खाने से शरीर के अंदर का अच्छा कोलेस्ट्रॉल प्रभावित नहीं होता है। इससे उल्ट राजमा के सेवन से खराब कोलेस्ट्रॉल की मात्रा (LDL) घटती है और शरीर के अंदर अच्छे कोलेस्ट्रॉल की मात्रा प्रभावित नहीं होती है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

मस्तिष्क विकास में लाभकारी
राजमा में कोलीन (choline) नामक जरूरी पोषक तत्व पाया जाता है, जिससे एसिटाइलकोलाइन (acetylcholine) का निर्माण होता है। एसिटाइलकोलाइन एक प्रकार का न्यूरोट्रांसमीटर होता है, जो मस्तिष्क विकास और नर्वस सिस्टम को नियंत्रित करता है। राजमा मस्तिष्क के प्रारंभिक विकास में भी कारगर साबित हो सकता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

कब्ज को दूर करने में लाभकारी
राजमा में पर्याप्त मात्रा में फाइबर होता है, जो खाने को पचाने में सहायक होता है। शरीर के लिए कितने फाइबर की आवश्यकता होती है, यह आपकी उम्र के हिसाब से निर्भर करता है। फाइबर की पूर्ति के लिए राजमा एक बेहतर विकल्प हो सकता है। इस प्रकार कब्ज को ठीक करने के लिए राजमा के गुण देख सकते हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

रोग प्रतिरोधक क्षमता
राजमा विभिन्न प्रकार के विटामिन से युक्त पदार्थ है, जिससे प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती हैं। प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए शरीर को विटामिन-B6, जिंक, आयरन, फोलिक और एंटीऑक्सीडेंट जैसे चीजों की जरूरत होती है। राजमा का सेवन आपके लिए लाभकारी सिद्ध हो सकता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में उपयोगी
ब्लड प्रेशर बढ़ने से शरीर के तंत्र प्रभावित होते हैं। सबसे ज्यादा इसका प्रभाव ह्रदय पर पड़ता है। इससे ह्रदय की कार्यप्रणाली प्रभावित होती है। रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए कम फैट वाले आहार का सेवन करना चाहिए। इसके लिए आप अपनी डायट में राजमा को शामिल कर सकते हैं, क्योंकि इसमें फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जो फैट को कम करता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

ऊर्जा में बढ़ोत्तरी
शरीर को आयरन की आवश्यकता होती है, जिससे शरीर के अंदर हीमोग्लोबीन बनता है। इसके लिए आप राजमा का सेवन कर सकते हैं। राजमा में आयरन की मात्रा पाई जाती है , जिससे हीमोग्लोबीन का स्तर बेहतर होता है और शरीर में ऊर्जा की मात्रा बढ़ती है। साथ ही राजमा में प्रोटीन पाया जाता है, जिससे कोशिकाओं का निर्माण होता है। ऐसे में अगर राजमा का सेवन नियमित रूप से किया जाता है, तो शरीर में ऊर्जा की मात्रा बनी रहती है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

बॉडी बिल्डिंग में सहायक
बॉडी बिल्डिंग के लिए शरीर में प्रोटीन का होना बहुत जरूरी होता है और राजमा प्रोटीन का अच्छा स्रोत है। राजमा में प्रोटीन के साथ-साथ फाइबर और आयरन भी पाया जाता है। राजमा को अपने भोजन में शामिल करने से सुडौल शरीर का निर्माण हो सकता है, लेकिन वर्कआउट के दौरान आपको और उपयुक्त सलाह लेनी चाहिए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

गर्भावस्था के दौरान राजमा का उपयोग
गर्भावस्था के दौरान राजमा खाने के फायदे देखे जा सकते हैं। राजमा में फोलेट जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। गर्भावस्था के दौरान इसका सेवन करने से गर्भवती महिला में फोलेट की कमी नहीं होती है। गर्भ में पल रहे शिशु के विकास के लिए भी फोलेट जरूरी है। प्रेग्नेंसी के दौरान रोज 400 माइक्रोग्राम फोलेट की आवश्यकता होती है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

बच्चों के लिए उपयोगी है राजमा
राजमा प्लांट-बेस्ड प्रोटीन का अच्छा स्रोत है, जो बच्चे के विकास के लिए जरूरी होता है। अगर आप अपने बच्चे को खाने में राजमा दे रहे हैं, तो राजमा के गुण बच्चे के विकास में कारगर साबित हो सकते हैं। ऐसा राजमा में मौजूद आयरन और विटामिन-सी की पर्याप्त मात्रा के कारण होता है। आयरन शरीर के विकास के लिए आवश्यक है। राजमा में कैल्शियम और पोटैशियम जैसे पोषक तत्व भी होते हैं, जिससे बच्चों की हड्डियों को मजबूती मिलती है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

त्वचा और बालों में सहायक
बालों को मजबूत बनाने के लिए विटामिन-सी की आवश्यकता होती है। विटामिन-सी से बाल मोटे, मजबूत और स्वस्थ्य होते हैं। अगर राजमा का सेवन किया जाता है, तो शरीर को पर्याप्त मात्रा में विटामिन-सी मिलता है, जिससे बाल मजबूत होते हैं। त्वचा के लिए भी विटामिन-सी का होना जरूरी है। विटामिन-सी सूरज से निकलने वाली पराबैंगनी किरणों से भी बचाता है। विटामिन-सी एक प्रकार का एंटीऑक्सीडेंट तत्व है, जो त्वचा के लिए लाभकारी होता है और त्वचा की सुंदरता को भी बढ़ाता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

राजमा के नुकसान
राजमा में फाइबर पाया जाता है, जिसकी मात्रा अधिक होने से पेट में गैस, सूजन और मांसपेशियों से संंबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। राजमा में फोलिक एसिड पाया जाता है, जिसकी मात्रा बढ़ने से कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। राजमा में आयरन पाया जाता है, जिसकी अत्यधिक मात्रा से कब्ज, उल्टी और पेट में दर्द जैसी समस्या हो सकती है। राजमा को उबालने से पहले 5 से 6 घंटे के लिए पानी में भिगोकर रखना चाहिए। कच्चा और अधपका राजमा नुकसान पहुंचा सकता है।
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भानु बंगवाल
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।

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