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February 22, 2024

देश के 88 प्रतिशत बहुसंख्यकों को 12 प्रतिशत अल्पसंख्यकों का भय दिखा रहे हैं बीजेपी और आरएसएस: समर भंडारी

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सांप्रदायिक उन्माद के खिलाफ संविधान और लोकतंत्र के लिए तीन वामपंथी पार्टियों के संयुक्त जन अभियान के तहत हरिद्वार में जन सम्मेलन का आयोजन किया। इस जन सम्मेलन में तीन कम्युनिस्ट पार्टियों में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी – लेनिनवादी) के कार्यकर्ताओं सहित अनेक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस मौके पर भाकपा की राष्ट्रीय परिषद के सदस्य समर भंडारी ने कहा कि संघ और भाजपा देश के 88 प्रतिशत बहुसंख्यकों को 14 प्रतिशत अल्पसंख्यकों का भय दिखा कर 100 प्रतिशत भारतीयों के हक अधिकार, जीवन जीविका लूटने का काम कर रहे हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

समर भंडारी ने कहा कि 2014 में दिया गया “सबका साथ, सबका विकास” का नारा, एक का विकास, सबका विनाश में तब्दील हो चुका है। जो भाजपा भ्रष्टाचार के विरुद्ध लड़ने का दावा करके सत्तासीन हुई थी, आज उसके भ्रष्टाचार की कलई कैग ने खोल दी है। द्वारका एक्स्प्रेस वे 18 करोड़ प्रति किलोमीटर में बनना था, जो 250 करोड़ रुपए प्रति किलोमीटर में बन रहा है। आयुष्मान भारत योजना के साढ़े सात लाख लाभार्थी एक ही नंबर से लिंक हैं। अयोध्या विकास परियोजना में ठेकेदारों को करोड़ों रुपए का अनुचित लाभ पहुंचाया गया। विभिन्न पेंशन योजनाओं का करोड़ों रुपया प्रचार में खर्च किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

माकपा के राज्य सचिव राजेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामले में भाजपा की कलई खुल चुकी है। मंहगाई, बेरोजगारी के मोर्चे पर सरकार पूरी तरह विफल रही है। इसलिए वह सत्ता में बने रहने के लिए धार्मिक विभाजन के एजेंडे को आगे बढ़ा रही है। उत्तराखंड में अतिक्रमण हटाने के अभियान को सांप्रदायिक घृणा फैलाने के अभियान के तौर पर राज्य सरकार ने चलाया। आज यह अभियान पहाड़ में छोटे छोटे बाजारों में भी लोगों की आजीविका छीनने का साधन बन गया है। यही भाजपा की असलियत है कि धार्मिक घृणा फैला कर वह गरीबों का सब कुछ छीन लेना चाहती है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक उन्माद के साथ ही जातीय भेदभाव और हिंसा की घटनाएं भी बढ़ी बीते बरस जगदीश हत्याकांड से लेकर हाल में बागेश्वर में हुई दलित युवक की हत्या तक, सब इस बात की गवाही दे रहे हैं कि समाज के कमजोर तबकों का जीवन नफरत की राजनीति छीन रही है। जो संविधान आजादी के आंदोलन के समानता और एकजुटता जैसे मूल्यों का प्रतिनिधित्व करता है, उसे उलट कर देश को धार्मिक वर्चस्व वाले कट्टरपंथी फासिस्ट देश में बदलने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

जन सम्मेलन में भाकपा (माले) के राज्य सचिव इन्द्रेश मैखुरी कहा कि ऐसा लगता है कि एक सुनियोजित तरीके से प्रदेश को सांप्रदायिक नफरत की आग में झोंका जा रहा है। यह सिलसिला 2021 में हरिद्वार में “धर्म संसद” नाम के आयोजन से तेज हुआ और विभिन्न स्थानों पर इसी तरह के आयोजनों से आगे बढ़ाया जा रहा है। ऐसे आयोजनों में जम कर नफरत भरे भाषण दिये जाते हैं और उन्माद पैदा किया जाता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में लव जेहाद और लैंड जेहाद के नाम पर नफरत का माहौल तैयार किया जा रहा है। अफसोस की बात यह है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इन शब्दों का धड़ल्ले से उपयोग कर रहे हैं। अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाने वाले उक्त शब्द पूरी तरह से असंवैधानिक हैं, लेकिन मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति इनका इस्तेमाल करके नफरत को हवा दे रहा है। यह लव जेहाद का हव्वा न केवल अल्पसंख्यक विरोधी है, बल्कि महिला विरोधी भी है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

जन सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए एम एस त्यागी ने कहा कि सांप्रदायिकता के खिलाफ लड़ने के लिए व्यापक एकता और गोलबंदी की आवश्यकता है। इप्टा के धर्मानंद लखेड़ा ने सांस्कृतिक संगठनों द्वारा चलाए जा रहे ” ढाई आखर प्रेम” का अभियान का ब्योरा देते हुए बताया कि उत्तराखंड में यह अभियान 31 अक्टूबर से 03 नवंबर तक चलेगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि आज जिस तरह की परिस्थितियों से हमारा देश और राज्य जूझ रहा है ऐसे में लोकतंत्र, संविधान, बहुलतावादी सांस्कृतिक विरासत, आजादी आन्दोलन के मूल्य में विश्वास रखने वाले लोगों का सांप्रदायिक उन्माद के खिलाफ खड़ा होना बेहद जरूरी है। जन सम्मेलन में सांप्रदायिक उन्माद के खिलाफ सभी गांव-शहरों में अभियान चलाने का संकल्प लिया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस मौके पर जन सम्मेलन में मुख्य रूप से महेंद्र जखमोला, एम एस वर्मा, आर पी जखमोला, मदन सिंह खालसा, विजय पाल सिंह, भगवान जोशी, कालूराम जयपुरिया, के के लाल आदि उपस्थित थे। संचालन मुनीरिका यादव ने किया।
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भानु बंगवाल
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।

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