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December 1, 2022

सशक्त उत्तराखंड @25 चिंतन शिविर का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया शुभारंभ, मेले मे किया प्रतिभाग

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लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय अकादमी मसूरी में आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तीन दिवसीय सशक्त उत्तराखंड @25 चिंतन शिविर के प्रथम सत्र का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस चिंतन शिविर के आयोजन को लेकर हम बहुत दिनों से सोच रहे थे। उन्होंने कहा कि इन तीन दिनों तक हमें चिंतन के साथ चिंता भी करनी है कि प्रदेश का विकास कैसे हो?मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान ने आप सभी को बहुत विशिष्ट बनाया है। आईएएस हमारे देश की सबसे बड़ी प्रशासनिक सेवा है और आप देश-प्रदेश की नीतियों को तय करते हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें चीजों को नोट करने की आदत डालनी चाहिए। एक दिन में हमारे अंदर हजारों विचार आते हैं। ऐसे में हर चीज याद नहीं रखी जा सकती। उन्होंने कहा कि आप के लिए कोई काम मुश्किल नहीं है। उन्होंने कहा कि मैंने महसूस किया है कि विभाग अपनी जिम्मेदारी एक दूसरे पर डालने की कोशिश करते हैं, इस प्रवृत्ति को हमें त्यागना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने सरलीकरण का मंत्र दिया है। हमें यहां सोचना होगा कि कितने विभागों ने कार्य का सरलीकरण किया।प्रक्रियाओं सरलीकरण कर के समाधान का रास्ता निकलना है ।उन्होंने कहा कि आज पूरी सरकार यहां है। इन तीन दिनों में यहां मन से चिंतन करना होगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के सभी अधिकारी अच्छा काम करते हैं और फीडबैक भी आते रहते हैं। उन्होंने कहा कि मैं ज्यादा से ज्यादा जनता के बीच रहने की कोशिश करता हूं। अभी कुछ दिनों से आदत बनाई है कि जिलों में भ्रमण के दौरान सुबह 6 से 8 बजे तक लोगों से बात करता हूँ और फीडबैक लेता रहता हूं। इस दौरान सबके बारे में पता चलता रहता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देखने में आता है कि कई अधिकारी फ़ाइल को ठीक से आगे नहीं बढ़ाते। ये आदर्श स्थिति नहीं है। कई दफा हम अपने स्तर से फैसले नहीं लेते। फाइल नीचे से चलते हुए कई बार मेरे पास तक आ जाती है, जिस पर सभी की एक ही टिप्पणी होती है कि उच्च अनुमोदन हेतु प्रेषित, जबकि जरूरत यह है कि हम अपना निर्णय भी उस पर लिखें। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने कहा कि हमारी जो काम करने की प्रणाली है। इसमें बदलाव की जरूरत है। हमें बेस्ट प्रैक्टिस करने की आदत डालनी होगी और 10 से 5 वाले कल्चर से बाहर आना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें सरलीकरण, समाधान और संतुष्टिकरण के मंत्र पर कार्य करना होगा। हमारा फ़ोकस समाधान पर होना चाहिए। एसीआर भरे जाने के समय यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि जो टास्क दिया गया था वो हुआ या नहीं।हम इस कार्य को इसी वर्ष से प्रारम्भ करेंगे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने कहा कि अभी यह आम धारणा है कि जो योजना हम बनाते हैं वो योजनाएं देहरादून बेस्ड बन रही हैं। हमें पर्वतीय जिलों को विकास के खाके में शामिल करना ही होगा। राज्य की gdp में जिन ज़िलों योगदान कम है,उनकेलिए योजनाएँ बनाई जानी चाहिए।वर्तमान में भारत सरकार-नीति आयोग आदि सब हमें सहयोग करने को तैयार हैं। हिमाचल और हमारी जलवायु बहुत मिलती जुलती है। लेकिन हमें यह मंथन करना होगा कि कैसे वे बागवानी के क्षेत्र में हमसे बेहतर कर रहे हैं । हमारी स्थिति हिमाचल से बेहतर है। हम बाग़वानी को कैसे बढ़ायें। इस पर कार्यवाही होनी चाहिए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में देहरादून और आसपास के इलाके पहले से कहीं ज्यादा कंज्स्टेड हो जाएंगे। हमें उसके अनूरूप सुविधाओं को विकसित करना होगा।स्मार्ट सिटी को लेकर शिकायतें आती हैं।इसको ठीक करना है। हम यह नहीं कह सकते यह काम हमारे। समय का नहीं है। अच्छा ख़राब जो भी है, अब यह हमारी ज़िम्मेदारी है। इसको ठीक करना है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने कहा कि हमारा चिंतन व्यवहारिक होना चाहिए। प्रदेश के हित में होना चाहिए। वर्ष 2025 तक केवल श्रेष्ठ राज्य की बात कहकर कुछ नहीं होने वाला बल्कि इसे हमको करकर दिखाना है। हमें 2025 तक एक सशक्त उत्तराखंड बनाना है। हमें विकास की योजनाएं अपने भूगोल के अनुसार बनानी होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें कहाँ जाना है?हम कहाँ पर हैं?रुकावटें क्या हैं? अगर हम यह समझ पाए तो समस्या का समाधान आसान हो जाता है। उन्होंने कहा कि घोषणाएँ सुनियोजित होनी चाहिए। यह धारणा बदलनी चाहिए कि सरकार में काम नहीं होते। काम करने का रास्ता निकाला जाना चाहिए। हम नहीं बल्कि हमारा काम बोलना चाहिए। हमें अपने काम को मन-वचन-कर्म से करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी का काल खंड उसके द्वारा किए गए कामों के लिए जाना जाएगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

बदलती परिस्थितियों के हिसाब से हमें परिवर्तन लाने होंगे : मुख्य सचिव
सशक्त उत्तराखंड@25 चिंतन शिविर के उदघाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव डॉ एसएस संधू ने कहा कि आगामी तीन दिनों तक हम राज्य को लेकर महत्वपूर्ण मंथन करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें मंथन केवल तीन दिन नहीं बल्कि समय-समय पर करते रहने चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया अब तेजी से बदल रही है। बदलती परिस्थितियों के हिसाब से हमें परिवर्तन लाने होंगे। पहले पंच वर्षीय योजना बनती थी लेकिन समय के साथ हमें इस मॉडल से बाहर आना पड़ा है। यही वजह है कि पंच वर्षीय कार्यक्रम की जगह नीति आयोग की जरूरत पड़ी है। उन्होंने कहा कि हमें नियमित चिंतन शिविरों की बहुत आवश्यकता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

मुख्य सचिव ने कहा कि कई बार देखने में आता है कि अफसर फैसले लेने से डरते हैं और यस के बजाए नो कहने में अधिक दिलचस्पी लेते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी सोच रखने वाले नौकरशाहों को स्वैच्छिक रिटायरमेंट ले लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी काम के प्रति बेहद सकारात्मक हैं। अगर कोई शासनादेश या नियम किसी विकास योजना या अच्छे कार्य में आड़े आ रहा है तो उसको बदलना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारी आदेशों को आम भाषा उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति क़ानून को मिसयूज न कर पाए इस सोच के चलते 99 लोगों को फायदा न होने देने की सोच गलत है। उन्होंने कहा कि नौकरशाह एक मुद्दा रोज लें कर फिर उसको सुलझाएं। उन्होंने कहा कि कायर नौकरशाह ही ज्यादा आपत्ति लगाते हैं। किसी चीज पर फैसला न लेना जनता को परेशान करने के समान है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

मुख्य सचिव ने कहा कि पर्यटन, योगा, हाइड्रो पावर, हॉर्टिकल्चर वो तमाम क्षेत्र हैं जिनमें अभी बहुत कुछ करने की गुंजाइश है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण से लोग भाग रहे हैं। जिस तरह से सड़कों का जाल बिछ रहा है हम दिल्ली एनसीआर का हिस्सा होंगे। इस लिहाज से हमें अपने देहरादून व अन्य शहरों में सुविधाओं को विकसित करना होगा। उन्होंने कहा कि चिंतन हमें केवल तीन दिन नहीं बल्कि हर रोज करना है। उन्होंने कहा कि काम करने का एटीट्यूड बहुत महत्वपूर्ण है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

इस अवसर लाल बहादुर प्रशाशनिक अकादमी के निदेशक श्रीनिवास आर कतीकीथला ने अकादमी में चलाई जा रही गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने कहा कि आधी आबादी को ध्यान में रखकर हमें योजनाएं बनानी होंगी। उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण पर बल दिया और समाज में होने वाली घटनाओं के अनूरूप नीतियों को बनाने पर बल दिया। नियोजन सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने राज्य की अर्थव्यवस्था पर अपना प्रेजेंटेशन दिया। इस अवसर पर सभी वरिष्ठ अधिकारी गण उपस्थित रहे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

चिंतन शिविर से निकलेगा अमृतरूपी विकासोन्मुख योजनाओं का खाका: भट्ट
उत्तराखंड भाजपा ने उत्तराखंड सरकार के चिंतन शिविर Uttrakhand@25 को विकास के शिखर की ओर अग्रसर करने वाला शानदार निर्णायक कदम बताया है। पार्टी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने उम्मीद जताई कि मंत्रियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवम शीर्षस्थ विशेषज्ञों के इस विचार मंथन से जो अमृतरूपी विकासोन्मुख योजनाओं का खाका तैयार होगा वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व मे वर्तमान दशक उत्तराखंड का दशक बनाने के लक्ष्य अवश्य पूरा करेगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की इस कोशिश की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रदेशवासियों की उम्मीदों एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन मे राज्य को 2025 तक अग्रणी राज्य मे शुमार करने की दिशा मे तेजी से कार्य चल रहे है और इसके लिए विकास का रोडमैप तैयार करना आवश्यक है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने कहा कि सरकार राज्य अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए विशेषज्ञ एजेंसियों की मदद लेने जा रही है , साथ ही विकास योजनाओं का लाभ शत प्रतिशत जरूरतमंदों तक पहुंचे इसकी चिंता करना भी आवश्यक है । लिहाजा इसके लिए जरूरी है कि विकास योजनाएं इस तरह बने कि राज्य की भौगौलिक विषमताओं को ध्यान में रखते हुए पर्यटन, उधोग, पर्यावरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन आदि तमाम क्षेत्र इसमें समाहित हों। भट्ट ने विश्वास जताया कि इस चिंतन शिविर में विकास का जो रोड मैप बनेगा वह आर्थिकी सुधार के क्षेत्र में काम करने वाली विशेषज्ञ संस्थाओं और प्रशासनिक इकाइयों के लिए गाइड लांइन का काम करेगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

कैंप्टी मे लगने वाले मेले के लिए दो लाख रुपये की घोषणा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को कैम्पटी में खेलकूद एवं सांस्कृतिक मेले में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कैम्पटी में लगने वाले इस मेले के लिए 02 लाख रुपए का अनुदान देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि कैम्पटी क्षेत्र के सुनियोजित विकास के लिए इसे नगर पालिका बनाने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि मेलों की सांस्कृतिक धरोहरों को बचाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उत्तराखण्ड में गौचर एवं जौलजीवी मेला अंतर्राष्ट्रीय महत्व के मेले हैं। कैम्पटी क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र है। राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। बागवानी एवं जल विद्युत परियोजनाओं के क्षेत्र में भी राज्य में अनेक संभावनाएं हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को 2025 तक देश के श्रेष्ठ राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए राज्य सरकार प्रयासरत है। सभी प्रदेशवासियों के सहयोग से उत्तराखंड को हर क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री अकादमी में आयोजित चिंतन शिविर में उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में मंथन चल रहा है। अधिकारियों को इसके लिए सुनियोजित योजना बनाने के लिए कहा गया है। अन्य राज्यों में जो अच्छे कार्य हो रहे हैं, अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि उत्तराखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियों के हिसाब से ऐसे कुछ कार्यों को राज्य में बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में अपनाया जाय। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। वैश्विक स्तर पर भारत का मान, सम्मान एवं स्वाभिमान बढ़ा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने बाबा केदार की भूमि से कहा कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा। इस बार चारधाम यात्रा में लगभग 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

इस अवसर पर विधायक प्रीतम सिंह पंवार, क्रीडा समारोह के अध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह पंवार, मसूरी के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मनमोहन सिंह मल, ब्लॉक प्रमुख जौनपुर श्रीमती सीता रावत, क्रीडा समिति के संयोजक राजेश नौटियाल, जिलाधिकारी टिहरी सौरभ गहरवार, एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर एवं अन्य उपस्थित थे।

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