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December 1, 2022

अंकिता हत्याकांडः शनिवार की रात प्रदेशभर में निकाले गए मशाल जुलूस, घरों में जलाए दीये, आज उत्तराखंड बंद

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चर्चित अंकिता हत्याकांड की जांच में देरी और आरोपियों को बचाने के आरोप विभिन्न संगठनों ने पुलिस व सरकार पर लगाए हैं। इसे लेकर रविवार को विभिन्न संगठनों व राजनीतिक दलों ने उत्तराखंड बंद का एलान किया है। इससे एक दिन पहले शनिवार की रात को प्रदेशभर में मशाल जुलूस निकाले गए। साथ ही दीपक जलाकर अंकिता को श्रद्धांजलि दी गई। बंद और जुलूस का आह्वाहन संयुक्त संघर्ष के प्रायोजकों की ओर से किया गया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

बंद को उत्तराखंड महिला मंच, उत्तराखंड क्रांति दल, सीपीआइ (एम), कांग्रेस, सहित तमाम राजनीतिक दल, सामाजिक संगठन, व्यापारिक संगठनों ने समर्थन दिया है। वहीं, बीजेपी ने इससे खुद को अलग किया है। वहीं, दो दिन पहले बीजेपी ने भी प्रदेशभर में मशाल जुलूस निकाला था और दीये जलाकर अंकिता को श्रद्धांजलि दी थी। वहीं, बीजेपी के बैनरों में जस्टिस फॉर अंकिता लिखा होने से कई सवाल भी उठ खड़े हो गए हैं। क्या अपनी सरकार, अपना प्रशासन होने के बाद भी सत्ताधारी दल खुद से ही ऐसी मांग करता है, या फिर विपक्ष के लोग ही ऐसी मांग करते हैं। प्रदेश में सरकार बीजेपी की है। न्याय तो बीजेपी को दिलाना है। ऐसे में अंकिता के साथ न्याय करो के बैनर किसके लिए लिखे गए हैं, ये सवाल भी बड़ा है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

प्रदेशभर में निकाले गए मशाल जुलूस
उत्तराखंड की बेटी अंकिता को न्याय दिलाने की मांग को लेकर प्रदेशभर में मशाल जुलूस निकाले गए। उत्तरकाशी हो या फिर अन्य सीमांत जनपद। आंदोलन से जुड़े लोगों ने मशाल जुलूस के साथ ही दीये जलाकर अंकिता को श्रद्धांजलि अर्पित की। राजधानी देहरादून में शनिवार की रात को विभिन्न जनसंगठनों ने गाँधी पार्क से मशाल जुलूस निकाला। ये जुलूस प्रारम्भ होकर पल्टन बाजार, राजा रॉड होते हए कचहरी स्थित शहीद स्थल पर सम्पन्न हुआ। इसमें आंदोलनकारी मंच, महिला मंच, यूकेडी, सीपीएम सहित कई राजनीतिक व सामाजिक संगठनों ने भाग लिया। इसल मौके पर सभी सामाजिक संगठनों, बंद सफल बनाने में सहयोग मांगा गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

पुलिस प्रशासन ने की तैयारी
वहीं अंकिता हत्याकांड को लेकर कुछ संगठनों की ओर से दी गई देहरादून बंद की कॉल को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दलीप सिंह कुंवर ने शहरवासियों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।
उन्होंने बताया कि बंद के आह्वान को देखते हुए कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए नौ सुपर जोन, 21 जोन और 43 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

तमाम संगठनों ने दिया समर्थन
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर राज्यभर के तमाम जन संगठनों, व्यापार संघों ने रविवार को उत्तराखंड बंद का ऐलान किया है। कांग्रेस पार्टी उत्तराखंड बंद का समर्थन करती है। अंकिता हत्याकांड के विरोध, अंकिता के परिवार को न्याय दिलाने व अभियुक्तों को सख्त से सख्त सजा दिलाने की मांग को लेकर देहरादून, मसूरी सहित राज्य के अन्य स्थानों पर व्यापारियों ने दो अक्टूबर को दोपहर बारह तक अपने प्रतिष्ठान बंद रखने का निर्णय लिया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

ये है प्रकरण
बता दें कि पौड़ी जिले के यमकेश्वर प्रखंड के अंतर्गत गंगा भोगपुर स्थित रिसोर्ट से 18 सितंबर की रात से संदिग्ध परिस्थितियों में रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी लापता हो गई थी। पुलिस ने जब जांच की तो पता चला कि हत्या कर उसका शव चीला नहर में फेंक दिया गया था। इस मामले में रिसोर्ट मालिक पुलकित आर्य, प्रबंधक सौरभ भास्कर और सहायक प्रबंधक अंकित गुप्ता को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी पुलकित आर्य पूर्व बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री विनोद आर्य का बेटा पुलकित आर्य है। पुलकित आर्य रिजॉर्ट का मालिक है। विनोद आर्य और उनके दूसरे बेटे अंकित आर्य को बीजेपी ने निष्कासित कर दिया है।

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