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September 30, 2022

डॉलर के मुकाबले फिसला भारतीय रुपया, पहुंचा निम्नन स्तर पर, गोदी मीडिया का प्रचार- मोदी दोबारा पीएम बने तो डॉलर पहुंचेगा रसातल में

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एक बार फिर से भारतीय रुपये में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। गुरुवार के शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 42 पैसे गिरकर अब तक के सबसे निचले स्तर 80.38 पर आ गया है। बुधवार यानी 21 सितंबर को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 79.9750 के स्‍तर पर बंद हुआ था। वहीं, बुधवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 79.79 के स्‍तर पर खुला था और दिन के कारोबार के दौरान इसमें लगातार गिरावट देखी गई थी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

बुधवार को डॉलर इंडेक्‍स 2 दशकों के उच्‍च स्‍तर 110.87 पर पहुंच गया था। हालांकि, इस बात की संभावना काफी कम है कि महंगाई पर काबू पाने के लिए अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्‍याज दरों में 100 आधार अंकों की बढ़ोतरी करेगा। फिलहाल इन दिनों भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले लगातार गिर रहा है। वहीं, अब ये प्रचार किया जा रहा है कि अगर प्रधानमंत्री दोबारा सत्ता में आते हैं तो वह दिन दूर नहीं जब अमेरिकी डॉलर पूरी तरह से रसातल में पहुंच जाएगा और सम्पूर्ण विश्व डॉलर नहीं रुपये के पीछे भागेगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

ये है गोदी मीडिया का प्रचार
अब गोदी मीडिया की ओर से ये तर्क दिया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जहां विश्वपटल पर ठसक दिखने को तैयार है तो वहीं दूसरी ओर IMF के आधिकारिक विदेशी मुद्रा भंडार के आंकड़ो के अनुसार विभिन्न देश अपने आधिकारिक विदेशी मुद्रा भंडार में डॉलर मूल्य वर्ग की संपत्ति को कम कर रहे हैं। इसका समग्र परिणाम यह हुआ है कि वैश्विक आवंटित विदेशी मुद्रा भंडार में डॉलर का हिस्सा मार्च 2022 में घटकर 58.8 प्रतिशत रह गया है, जो 1995 के बाद सबसे कम है। वस्तुतः मोदी सरकार का शुरुआत से यह लक्ष्य रहा है कि भारत का गौरव विश्व पटल पर बढ़े, अब ऐसे में भारतीय रुपये का अंतरराष्ट्रीयकरण जिस स्तर पर हो रहा है, अगर प्रधानमंत्री दोबारा सत्ता में आते हैं तो वह दिन दूर नहीं जब अमेरिकी डॉलर पूरी तरह से रसातल में पहुंच जाएगा। इसके साथ ही सम्पूर्ण विश्व डॉलर नहीं रुपए के पीछे भागेगा।

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