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September 30, 2022

पंजाब में आप सरकार के विशेष सत्र की अनुमति को राज्यपाल ने लिया वापस, केजरीवाल बोले-जनतंत्र खत्म, मान ने बुलाई विधायकों की बैठक

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पंजाब के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने विश्वास प्रस्ताव पेश करने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र आहूत करने की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की योजना को बुधवार को विफल कर दिया। दरअसल राज्यपाल ने बृहस्पतिवार को विशेष सत्र आहूत करने के पिछले आदेश को वापस लेते हुए कहा कि कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राजभवन से संपर्क करने के बाद कानूनी राय मांगी गई और सदन के नियमों के अनुसार इसकी अनुमति नहीं है। राजभवन के ताजा आदेश में कहा गया है कि विधानसभा के नियम सिर्फ सरकार के पक्ष में विश्वास मत पारित करने के लिए सत्र बुलाने की अनुमति नहीं देते हैं। राज्यपाल ने मंगलवार को 22 सितंबर के लिए विशेष सत्र आहूत करने की अनुमति दी थी। उनके ताजा आदेश के बाद वह अनुमति वापस ले ली गई है। इस मामले पर अरविंद केजरीवाल और पंजाब सीएम की प्रतिक्रिया आई है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

केजरीवाल ने ट्वीट कर लिखा कि राज्यपाल कैबिनेट द्वारा बुलाए सत्र को कैसे मना कर सकते हैं? फिर तो जनतंत्र खत्म है। दो दिन पहले राज्यपाल ने सत्र की इजाजत दी। जब ऑपरेशन लोटस फेल होता लगा और संख्या पूरी नहीं हुई तो ऊपर से फोन आया कि इजाजत वापिस ले लो। आज देश में एक तरफ संविधान है और दूसरी तरफ ऑपरेशन लोटस। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

राज्यपाल के इस कदम की आलोचना करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ट्वीट किया- राज्यपाल द्वारा विधानसभा ना चलने देना देश के लोकतंत्र पर बड़े सवाल पैदा करता है। अब लोकतंत्र को करोड़ों लोगों द्वारा चुने हुए जनप्रतिनिधि चलाएंगे या केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त किया हुआ एक व्यक्ति। एक तरफ भीमराव जी का संविधान और दूसरी तरफ ऑपरेशन लोटस। जनता सब देख रही है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

राज्यपाल के फैसले के बाद, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आगे की कार्रवाई तय करने के लिए बृहस्पतिवार सुबह विधानसभा परिसर में आप विधायकों की बैठक बुलाई है। आप पार्टी ने हाल ही में दावा किया था कि भाजपा ने उसकी छह महीने पुरानी सरकार को गिराने के लिए अपने ऑपरेशन लोटस चलाया। ऑपरेशन लोटस के तहत उसके कम से कम 10 विधायकों से संपर्क करके उन्हें 25-25 करोड़ रुपये की पेशकश थी। पंजाब की 117 सदस्यीय विधानसभा में आप के पास भारी बहुमत है। विधानसभा में आप के 92, कांग्रेस के 18, शिअद के तीन, भाजपा के दो और बसपा का एक सदस्य है. विधानसभा में एक निर्दलीय सदस्य भी है।

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