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September 30, 2022

हेट स्पीच को लेकर सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख, कहा-सबसे ज्यादा टीवी एंकरों की जिम्मेदारी, क्यों चुप है केंद्र

हेट स्पीच को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अख्तियार किया। साथ ही मीडिया की भूमिका पर सवाल उठाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सबसे ज्यादा हेट स्पीच मीडिया और सोशल मीडिया पर है। हमारा देश किधर जा रहा है। टीवी एंकरों की बड़ी जिम्मेदारी है। टीवी एंकर गेस्ट को टाइम तक नहीं देते। अपनी बातों से वे सवालों को ही कुचल देते हैं। ऐसे माहौल में केंद्र चुप क्यों है ? एक सख्त नियामक तंत्र स्थापित करने की जरूरत है। सु्प्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार से दो सप्‍ताह में जवाब मांगा है। अब इस मामले में अब 23 नवंबर को सुनवाई होगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

हेट स्पीच को लेकर दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए जस्टिस केएम जोसेफ ने बड़ी टिप्पणियां की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल इससे पूंजी बनाते हैं और टीवी चैनल एक मंच के रूप में काम कर रहे हैं। एंकर किसी को जवाब नहीं देने देते। लंबे लंबे सवाल पूछते हैं, लेकिन जब  कोई जवाब देता है तो उसके जवाब को कुचलने का प्रयास करते हैं। सबसे ज्यादा नफरत भरे भाषण टीवी, सोशल मीडिया पर हो रहे हैं। दुर्भाग्य से हमारे पास टीवी के संबंध में कोई नियामक तंत्र नहीं है। इंग्लैंड में एक टीवी चैनल पर भारी जुर्माना लगाया गया था। दुर्भाग्य से वह प्रणाली भारत में नहीं है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने कहा कि एंकरों को यह बताना चाहिए कि अगर आप गलत करते हैं तो परिणाम भुगतने होंगे। समस्या तब होती है जब आप किसी कार्यक्रम के दौरान किसी व्यक्ति को कुचलते हैं। जब आप टीवी चालू करते हैं तो हमें यही मिलता है। हम इससे जुड़ जाते हैं। हर कोई इस गणतंत्र का है। यह राजनेता हैं जो लाभ उठा रहे हैं। लोकतंत्र के स्तंभ स्वतंत्र माने जाते हैं। टीवी चैनलों को इन सबका शिकार नहीं होना चाहिए।

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