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September 30, 2022

आरएसएस के प्रांत प्रचारक पर लगे रिश्तेदारों को नौकरी दिलाने के आोरोप, सूची वायरल, आरएसएस की आपत्ति, मुकदमा दर्ज

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उत्तराखंड में जब से अधिनस्थ चयन सेवा आयोग की भर्ती परीक्षाओं का घोटाला सामने आया, तब से अब राजनीतिक दलों और उससे जुड़े संगठनों के लोगों पर अपने रिश्तेदारों को सरकारी विभाग में नौकरी दिलाने के आरोप लग रहे हैं। साथ ही ऐसे नेताओं और उनके रिश्तेदारों की सूची सोशल मीडिया में वायरल हो रही है। अब आरएसएस के प्रांत प्रचारक युद्धवीर यादव के संबंध में ऐसी ही दो सूची सोशल मीडिया में वायरल की जा रही है। इनमें एक 52 नाम हैं, जिनको सरकारी नौकरी दिलाने का आरोप है। वहीं, दूसरी सूची में 17 नाम हैं और उन्हें सरकारी विभागों में ठेके दिलाने का आरोप है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

सीएम से मिला आरएसएस का प्रतिनिधिमंडल
इस मामले में शनिवार को सीएम आवास मे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट की। उन्होंने मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि संघ के पदाधिकारियों को बदनाम करने के लिए एक फेक लिस्ट सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से इसकी उच्च स्तरीय जांच करवाए जाने का अनुरोध किया। इस पर मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक को मामले की पूरी जांच कर समुचित कार्रवाई करने के निर्देश दिये हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दी तहरीर
आरएसएस के प्रांत कार्यवाह दिनेश सेमवाल ने इस संबंध में एक लिखित तहरीर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन पर दी। इसमे कहा गया है कि उत्तराखंड प्रांत प्रचारक युद्धवीर यादव के नाम से भ्रामक सूची बनाकर फेक आईडी के माध्यम से सोशल मीडिया में प्रसारित किया जा रहा है। बताया कि इसमें वर्ष 2017 से 2022 के मध्य पद का दुरुपयोग कर सरकारी नौकरी लगाने का आरोप लगाया गया है। जो कि फर्जी, कूटरचित दस्तावेज हैं। तहरीर में कहा गया है की उपरोक्त फर्जी कूट रचित लिस्ट में उल्लेखनीय लोग न तो उक्त स्थान पर नियुक्त हैं और न ही कार्यरत है। उपरोक्त भ्रमित खबर को फैला कर समाज में घृणा और वैमनस्य फैलाया जा रहा है। इस तहरीर के आधार पर सीसीपीएस देहरादून में धारा 501/505 आईपीसी व 66 सी आईटी एक्ट में मुकदमा पंजीकृत किया गया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

पुलिस ने की अपील
उत्तराखंड पुलिस ने अपील की है कि सोशल मीडिया पर कुछ लोगो द्वारा फेक न्यूज और फर्जी आईडी द्वारा भ्रामक खबरे प्रसारित की जा रही है। ऐसे लोगो को चिह्नित कर आवश्यक कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी और किसी भी ऐसे अपराधियो को बक्शा नही जायेगा, जो लोक शांति और कानून का उलंघन करेंगे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

नौकरी के संबंध में ये बताई जा रही है फर्जी सूची-


ठेके देने के संबंध में ये बताई जा रही है फर्जी सूची-

ये है प्रकरण
गौरतलब है कि बेरोजगार संघ के प्रतिनिधिमंडल की ओर से सीएम को शिकायत की गई थी। उन्होंने उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से चार और पांच दिसंबर 2021 को आयोजित स्नातक स्तर की परीक्षा में अनियमितता के संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन सौंप कर कार्रवाई की मांग की थी। इस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश के बाद डीजीपी अशोक कुमार ने भर्ती परीक्षा में हुई गड़बड़ी को लेकर जांच एसटीएफ को सौंपी थी। परीक्षा में गड़बड़ी के मामले में सबसे पहले उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने छह युवकों को गिरफ्तार किया था। इस मामले में एक आरोपी से 37.10 लाख रूपये कैश बरामद हुआ। जो उसके द्वारा विभिन्न छात्रों से लिया गया था। इस मामले में अब तक कुल 41 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इसमें बीजेपी नेता भी शामिल है, जिसे पार्टी ने छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है। इसके बाद अब हर दिन किसी ना किसी विभाग में भर्ती घोटाला उजागर हो रहा है। साथ ही पूर्व विधानसभा अध्यक्षों पर भी बैकडोर से नियुक्ति करने के आरोप लगे। वहीं, पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री पर भी ऐसे ही आरोप लग रहे हैं। ऐसे में अब मांग उठ रही है कि पूरे प्रकरणों की सीबीआइ से जांच कराई जाए, या फिर उच्च न्यायालय के सीटिंग जज की अध्यक्षता में गठित समिति से जांच हो। उधर, विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने विधानसभाओं में हुई भर्तियों की जांच को कमेटी गठित कर दी है। ये कमेटी एक माह में रिपोर्ट देगी।

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