Loksaakshya Social

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

September 30, 2022

युवा कवयित्री अंजली चंद की कविता-एक सफ़र ही तो है

1 min read

एक सफ़र ही तो है,
अनजानी सी राहों का,
किसी की यादों का,
किसी की बातों का,
किसी की आँखों में रह जाने का।
एक सफ़र ही तो है,
समाज के रस्मों का,
अपनों के कसमों का,
फिर इन्हीं को सुलझाकर खुद को उलझाने का।
एक सफ़र ही तो है,
तेरी खामोशी की चुभन का,
मेरी अनकही बातें बोलती कलम का,
फिर भी ताउम्र तलाश की व्याकुलता का।
एक सफ़र ही तो है,
तेरी उस जंग का,
मेरी इस हार का,
कुछ अधूरेपन के ख्वाबों का,
एक सफ़र ही तो है।
कवयित्री का परिचय
नाम – अंजली चन्द
निवासी – बिरिया मझौला, खटीमा, जिला उधम सिंह नगर, उत्तराखंड।
लेखिका gov job की तैयारी कर रही हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published.