July 4, 2022

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भाजपा ने बलिदान दिवस के रूप में मनाई डॉ. मुखर्जी की पुण्यतिथि, प्रदेश में 252 मंडलों में हुए श्रद्धांजलि कार्यक्रम

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भारतीय जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष एवं महान विचारक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी पुण्यतिथि को उत्तराखंड में भाजपा मुख्यालय में मनाया गया। इसके साथ ही प्रदेश के 252 मंडलों में भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए।

भारतीय जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष एवं महान विचारक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी पुण्यतिथि को उत्तराखंड में भाजपा मुख्यालय में मनाया गया। इसके साथ ही प्रदेश के 252 मंडलों में भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस मौके पर डॉ. मुखर्जी को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके बलिदान और कार्यों को याद किया गया।
इस अवसर पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने डॉ मुखर्जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि राष्ट्र विरोधी ताकतों ने देश से जम्मू-कश्मीर को अलग करने की साजिश रची थी, मगर डॉ. मुखर्जी ने अपना बलिदान देकर उनकी साजिश को नाकाम कर दिया।  उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी के विरोध और बहादुरी की वजह से ही जम्मू-कश्मीर में प्रवेश के लिए लगाए गए परमिट सिस्टम को हटाया गया।
उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी आधुनिक विश्व संत थे। वह कोलकाता विश्वविद्यालय के युवा कुलपति नियुक्त हुए। उन्होंने ब्रिटिश शासन से देश को मुक्त करने के लिए आंदोलनों में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। मुखर्जी नेहरू के मंत्रिमंडल में उद्योग मंत्री रहे, लेकिन उन्होंने जनविरोधी नीतियों की वजह से कांग्रेस को छोड़ दिया और 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना की, जिसकी मौजूदा दौर में भाजपा के रूप में देश के कोने-कोने में पहुंच है।
इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय ने डा. मुखर्जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने एक देश में दो विधान-दो निशान नहीं चलेंगे। इसका विरोध किया इसके लिए आंदोलन का सूत्रपात कर धारा 370 को हटाने के लिए कई प्रयास किए और अपने जीवन का बलिदान दिया। अजेय ने कहा कि उनके महान आदर्श, समृद्ध विचार और लोगों की सेवा करने की प्रतिबद्धता हमें प्रेरित करती रहेगी। राष्ट्रीय एकता के उनके प्रयासों को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा।
उन्होंने मुखर्जी को सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का शिल्पी बताया और कहा कि वह ना सिर्फ मातृभाषा को शिक्षा का माध्यम बनाने के पक्षधर थे बल्कि मानते थे कि विकास में जनभागीदारी के बिना कोई भी देश प्रगति नहीं कर सकता। उन्होंने सत्ता की लालसा के लिए नहीं बल्कि राष्ट्र पुनर्निर्माण के ध्येय को लेकर जनसंघ की स्थापना की। इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री सुरेश भट्ट, राजेंद्र भंडारी, कुलदीप कुमार, कोषाध्यक्ष पुनीत मित्तल, प्रदेश कार्यालय सचिव कौस्तुभ आनंद जोशी, प्रदेश प्रवक्ता विनय गोयल, नवीन ठाकुर, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष युवा मोर्चा सौरभ थपलियाल आदि ने श्रद्धांजलि अर्पित की।

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन हमारा प्रेरणा स्रोतः सुरेश भट्ट
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन हम भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्त्रोत है जो, हमें राष्ट्र के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने की प्रेरणा देता है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री सुरेश भट्ट ने आज देहरादून में धर्मपुर नगर मंडल मे रीठामंडी स्थित शिव मंदिर में डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि कश्मीर के लिए बलिदान देने वाले मुखर्जी ने आजादी के बाद नेहरू सरकार से इस्तीफा देकर भारतीय जनसंघ की स्थापना की। ताकि भारत में राष्ट्रवादी मूल्यों की स्थापना की जा सके। उन्हीं के कारण भारत से पहले दो संविधान दो प्रधान दो निशान समाप्त हुए और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धारा 370 एवं 35ए समाप्त कर सही मायनों में कश्मीर को भारत की मुख्य धारा से जोड़ा है।

भाजपा महानगर मीडिया प्रभारी राजीव उनियाल ने डॉक्टर मुखर्जी पंडित दीनदयाल उपाध्याय और स्वामी विवेकानंद जैसे व्यक्तित्वौ का उदाहरण देते हुए इन्हें युग दृष्टा एवं समाज की प्राणवायु बताया। कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष संदीप मुखर्जी महामंत्री दिनेश सती मुकेश सिंघल पूर्व पार्षद सुशील गुप्ता पार्षद राजपाल प्याल आलोक कुमार किसान मोर्चा के सुभाष बालियान मंडल उपाध्यक्ष वैजयंती माला कार्यक्रम संयोजक अजय शर्मा सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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