July 4, 2022

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शिक्षक राजेंद्र प्रसाद जोशी की कविता-सच के साथ खड़ा है कौन

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शिक्षक राजेंद्र प्रसाद जोशी की कविता-सच के साथ खड़ा है कौन।

सच के साथ खड़ा है कौन
सच के साथ खड़ा है कौन, जिसको देखो वह है मौन ।
झूठों का है यह संसार, ढूढो एक तो मिलें हजार,
नफरत करते सच्चे से, यहां, झूठ को मिलता प्यार ही प्यार ।
झूठी है ये सारी माया, झूठा जग है झूठी काया,
जिसने सच का साथ निभाया, जग में उसने कष्ट ही पाया ।
सच्चाई की राह जो चलते, लोग उसी से हैं अब जलते,
कांटों की राह चले यहां कौन, जिसको देखो वह है मौन ।
कड़वा सच है मीठा झूठ, सुनकर अपने जाते रूठ,
कांपते सच से ऐसे लोग, जैसे देख लिया हो भूत ।
बड़ी बड़ी हैं बातें सबकी, बहुत बजाते सच का ढोल,
सच की डगर पड़े जब चलना, खुल जाती है सबकी पोल ।
सच के साथ खड़ा है कौन, जिसको देखो वह है मौन ।।

कवि का परिचय
राजेंद्र प्रसाद जोशी
अनुदेशक (Instructor)
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (महिला) देहरादून, उत्तराखंड।

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