July 4, 2022

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लो आ गए अच्छे दिन, डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर आया रुपया, इतिहास पढ़ाया नहीं जाता-खुद पढ़ा जाता है

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डॉलर के मुकाबले यदि हम रुपये की बात करें तो कुछ इतिहास में जाना पड़ेगा। क्योंकि इतिहास पढ़ाया नहीं जाता है-खुद पढ़ा जाता है। 2014 में क़रीब तीन दशक बाद पूर्ण बहुमत वाली सरकार केंद्र में आई तो कहा गया कि मज़बूत अर्थव्यवस्था के लिए मज़बूत सरकार का होना ज़रूरी होता है।

डॉलर के मुकाबले यदि हम रुपये की बात करें तो कुछ इतिहास में जाना पड़ेगा। क्योंकि इतिहास पढ़ाया नहीं जाता है-खुद पढ़ा जाता है। 2014 में क़रीब तीन दशक बाद पूर्ण बहुमत वाली सरकार केंद्र में आई तो कहा गया कि मज़बूत अर्थव्यवस्था के लिए मज़बूत सरकार का होना ज़रूरी होता है। नरेंद्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तो केंद्र की तत्कालीन मनमोहन सिंह सरकार पर अर्थव्यवस्था और नीतियों को लेकर तीखे हमले बोलते थे। मोदी कहते थे कि इस सरकार में अनिर्णय की स्थिति है। वो भारतीय मुद्रा रुपए में डॉलर की तुलना में गिरावट को भी सरकार की कमज़ोरी बताते थे। तब भारत में अच्छे दिन लाने की बात कही गई थी। अब जब केंद्र में मोदी की मजबूत सरकार है तो रुपया डॉलर के मुकाबले अपने निचले स्तर पर पहुंचकर हर दिन रिकॉर्ड बना रहा है।
आज की स्थिति
विदेश में अमेरिकी मुद्रा की मजबूती और जोखिम से बचने की भावना के चलते रुपया सोमवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 36 पैसे टूटकर अपने सबसे निचले स्तर 78.29 पर आ गया। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि कमजोर एशियाई मुद्राएं, घरेलू शेयर बाजार में गिरावट और विदेशी पूंजी के लगातार बाहर जाने से भी निवेशकों की भावनाएं प्रभावित हुईं। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 78.20 पर खुला और फिर जमीन खोते हुए 78.29 तक गिर गया, जो पिछले बंद भाव के मुकाबले 36 पैसे की गिरावट दर्शाता है।
बता दें कि विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में शुक्रवार को अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 19 पैसे की भारी गिरावट के साथ 77.93 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। इसे रुपये का सबसे निचला स्तर माना गया था, लेकिन सोमवार को स्थिति और खराब हो ग।. कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और विदेशी संस्थागत निवेशकों की बाजार से पूंजी की निरंतर निकासी से यह गिरावट आई है।
बाजार सूत्रों ने कहा कि शेयर बाजार में भारी बिकवाली तथा विदेशों में डॉलर के मजबूत होने से भी रुपये की धारणा प्रभावित हुई। शुक्रवार को अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपया 77.81 पर खुला था। दिन के कारोबार में यह 77.79 के उच्च स्तर और नीचे में 77.93 तक गया था। वहीं, कारोबार के अंत में रुपया अपने पिछले बंद भाव 77.74 रुपये के मुकाबले 19 पैसे की गिरावट के साथ 77.93 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। एक डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में आई गिरावट पर एचडीएफसी सिक्योरिटीज के शोध विश्लेषक, दिलीप परमार ने कहा था-जोखिम से बचने की भावना, कमजोर वृहद आर्थिक आंकड़े और मजबूत डॉलर सूचकांक के बीच भारतीय रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया।

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