July 4, 2022

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पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश, घोडे और खच्चरों की मौत पर भी तय हो जिम्मेदारी

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उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा बैठक की। इस दौरान अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि घोडे और खच्चरों की मौत पर भी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा बैठक की। इस दौरान अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि घोडे और खच्चरों की मौत पर भी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा मार्गों पर तीर्थयात्रियों को त्वरित प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया जाए। रुद्रप्रयाग जिला मुख्यालय में आयोजित बैठक में शनिवार को पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने अधिकारियों को हिदायत दी कि सभी अधिकारी अपने फोन उठायें। यदि किसी कारणवश नहीं उठा पाते हैं तो वापस संबंधित नम्बर पर कॉल करें। तीर्थयात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा हुई तो कार्यवाही की जायेगी।
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि कोविड महामारी ने मनुष्य के फेफड़ों को सबसे अधिक प्रभावित किया है। ऐसे में तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यात्रा मार्गों में ऑक्सीजन और उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित होनी चाहिए। उन्होने चारधाम यात्रा पर आने वाले यात्रियों से अनुरोध किया कि वह यात्रा पर जाने से पहले डॉक्टर से जाँच करवाने के अलावा उनकी सलाह अवश्य लें। पर्यटन मंत्री ने चार धाम मार्गों पर घोड़े व खच्चरों की मौत को भी गंभीरता से लिया। पशुपालन विभाग को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि घोड़े-खच्चरों को उचित आराम और चारा दिया जाए। साथ ही उन्होंने घोड़े-खच्चरों की मौत के लिए उनके मालिकों पर भी जवाबदेही तय करने के अधिकारियों को निर्देश दिए।
पर्यटन मंत्री ने कहा कि चार धाम यात्रा अपने चरम चरण में प्रवेश कर चुकी है। ऐसे में संबंधित विभाग के प्रत्येक अधिकारी को फोन उठाना चाहिए और यदि वह कॉल लेने की स्थिति में नहीं है, तो उसे वापस कॉल करना होगा। उन्होंने उन तीर्थयात्रियों के आगमन पर प्राथमिकता देने का सुझाव दिया, जिन्होंने पहले ही चारधाम के लिए होटल और अन्य बुकिंग कर ली है। उन्होंने यह भी स्पष्ट रूप से कहा कि यात्रा के दौरान किसी भी असुविधा से बचने के लिए यात्रा मार्ग के बीच में रोकने के बजाए तीर्थयात्रियों को पहले ही पड़ाव पर रोका जाना चाहिए।
इसके अलावा उन्होंने लोक निर्माण विभाग के सचिव से फोन पर वार्ता कर निर्देश दिए कि केदारनाथ यात्रा मार्गो पर पर्याप्त संख्या में जेई और अन्य अधिकारी तेनात किये जायें। उन्होने यात्रा मार्ग पर बने वैकल्पिक मार्ग और निर्माणाधीन पुलों का कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश देने के साथ ट्रेक रूटों की रेलिंगों को भी जल्द सही करने के निर्देश दिए।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने ने ऑनलाइन माध्यम से बैठक में जुड़े पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर से बात कर पंजीकरण प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। जिससे तीर्थयात्रियों को पंजीकरण कराने साथ ही अन्य जानकारी भी मैसेज में प्राप्त हो जाए। इसके अलावा उन्होने यात्रा ट्रेक और केदारनाथ मंदिर के आसपास शीघ्रता से तीर्थयात्रियों के लिए टीन शेड भी बनाए जाने के निर्देश दिए। जिससे बारिश के दिनों में श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना ना करना पड़ेगा।
पर्यटन मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि यात्रा के दौरान होने वाली तीर्थयात्रियों की मौत के बाद शव को उनके परिजनों तक पहुंचाने के लिए एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध कराने में आ रही दिक्कतों का समाधान किया जाए। उन्होंने यात्रा मार्गों पर साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने पर भी जोर दिया। बैठक में रुद्रप्रयाग विधायक भरत सिंह चौधरी, बदरी केदार समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय, जिला पंचायत अमरदेई शाह, डीएम रुद्रप्रयाग मयूर दीक्षित, भाजपा जिलाध्यक्ष दिनेश उनियाल, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य महावीर पंवार, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य महिला मोर्चा उमा आर्य, भाजपा जिला मीडिया प्रभारी सतेन्द्र बर्त्वाल, जिला सह मीडिया प्रभारी बुद्धि बल्लभ थपलियाल, जिला सोशल मीडिया प्रभारी पंकज कपरवान, रुद्रप्रयाग नगर मंडल अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह रावत, रुद्रप्रयाग ग्रामीण मंडल अध्यक्ष सुरेंद्र जोशी, तलानागपुर मंडल अध्यक्ष शुभाष पुरोहित, जिला अध्यक्ष उद्योग व्यापार मंडल रुद्रप्रयाग अंकुर खन्ना, पूर्व प्रदेश कार्यसमिति सदस्य जयंती प्रसाद कुरवांचलि एवं पूर्व प्रदेश महिला मौर्चा सदस्य सरला खंडूड़ी सहित एनएचआई, पीडब्ल्यूडी, पंचा‌य‌ती राज, स्वास्थ्य, पशुपालन, बिजली और पेयजल सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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