May 23, 2022

Lok Saakshya

Jan Jan Ki Awaj

विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम के खुले कपाट, पहली पूजा पीएम मोदी के नाम, चारधाम यात्रा के लिए पढ़िए नियम

1 min read
बारह ज्योतिर्लिंगों में शामिल भगवान केदारनाथ धाम के कपाट शुक्रवार सुबह 6:25 बजे खोल दिए गए। वेदपाठियों, हकहकूक धारकों, तीर्थ पुरोहितों ने इस दौरान विधि विधान से पूजा अर्चना की।

बारह ज्योतिर्लिंगों में शामिल भगवान केदारनाथ धाम के कपाट शुक्रवार सुबह 6:25 बजे खोल दिए गए। वेदपाठियों, हकहकूक धारकों, तीर्थ पुरोहितों ने इस दौरान विधि विधान से पूजा अर्चना की। सेना के बैंड की धुन के बीच भगवान के मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही अब आगामी छह माह तक भगवान भोले की पूजा रुद्रप्रयाग जिले में स्थित केदारनाथ धाम में ही की जाएगी। कपाट खुलने के दौरान उत्तराखंड में मुख्‍यमंत्री पुष्‍कर सिंह धामी भी मौजूद रहे। पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से की गई। मंदिर को 15 कुंतल फूलों से सजाया गया। साथ ही लाइटिंग से भव्य सजावट की गई है। पहले दिन दर्शनों के लिए 15 हजार से अधिक यात्री केदारनाथ धाम व यात्रा पड़ावों पर पहुंच चुके हैं। कपाट खुलने के मौके पर सात हजार से अधिक भक्त मौजूद थे। इससे पहले अक्षय तृतीया के दिन तीन मई को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खोले गए थे। साथ ही उसी दिन से चारधाम यात्रा का श्रीगणेश हो गया था।
सेना की मराठा रेजीमेंट के बैंड की भक्तिमय धुनों के साथ देश-विदेश से आये 10 हजार से अधिक श्रद्धालुजन कपाट खुलने के गवाह बने। आज प्रात साढ़े चार बजे से श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति ने कपाटोद्घाटन की तैयारी शुरू कर दी थी। श्री केदारनाथ -केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय सहित धाम के रावल भीमाशंकर लिंग, केदारनाथ धाम के पुजारी टी गंगाधर लिंग, आयुक्त गढवाल सुशील कुमार, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित सहित मंदिर समिति मुख्य कार्याधिकारी बी.डी. सिंह, वेदपाठी आचार्यगणों ने मंदिर के पूरब द्वार से मंदिर के सभामंडप में प्रवेश किया। पांच बजे से मंदिर के गर्भगृह के द्वार का पूजन शुरू हुआ। श्री केदारनाथ धाम के रक्षक क्षेत्रपाल श्री भकुंट भैरव के आव्हान के साथ ठीक प्रात: 6 बजकर 25 मिनट पर श्री केदारनाथ धाम के मुख्य द्वार के कपाट खोल दिये गये।
कपाट खुलते ही श्री केदारनाथ भगवान के स्वयंभू शिवलिंग को समाधि रूप से जागृत किया। कुछ ही पल बाद बाबा के निर्वाण दर्शन हुए कुछ अंतराल में बाबा का श्रृंगार दर्शन शुरू हुए तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नाम से पहला रूद्राभिषेक किया गया। दानीदाताओं ने भंडारे आयोजित किये हेली सेवा एवं पैदल मार्ग से श्रद्धालुओं का आने का सिलसिला जारी है। प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित पर्यटन धर्मस्व संस्कति मंत्री सतपाल महाराज ने श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के अवसर पर देश-विदेश के तीर्थयात्रियों को शुभकामनाएं दी है कहा कि श्री केदारनाथ भगवान की कृपा जनमानस पर बनी रहे। प्रदेश के मुख्यमंत्री पष्कर सिंह धामी इस अवसर पर विशेष रूप से केदारनाथ धाम दर्शन को पहुंचे है।
उल्लेखनीय है कि कपाट खुलने की प्रक्रिया के अंतर्गत श्री केदारनाथ भगवान की पंचमुखी डोली 2 मई को शीतकालीन गद्दीस्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ से पैदल मार्ग से चलकर गुप्तकाशी, फाटा, गौरीकुंड होते हुए 5 मई शाम को श्री केदारनाथ धाम पहुंची थी। आज 6 मई को प्रात: श्री केदारनाथ धाम के कपाट यात्राकाल ग्रीष्मकाल 6 माह के लिए खुल गये। शनिवार को भैरवनाथ जी की पूजा के पश्चात भगवान केदारनाथ जी की आरती शुरू हो जायेगी। श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के अवसर पर श्री केदारनाथ मंदिर परिसर भक्तिमय भजनों से गुंजायमान हो रहा था।
इस अवसर पर प़कज मोदी पूर्व विधायक मनोज रावत,मंदिर समिति सदस्य क्रमश श्री निवास पोस्ती, आशुतोष डिमरी,सज्जन जिंदल वीरेंद्र असवाल अतिरिक्त मुख्य सचिव आनंद वर्धन, सचिव धर्मस्व हरिचंद सेमवाल, केदार सभा अध्यक्ष विनोद शुक्ला, पुलिस अधीक्षक आयुष अग्रवाल, एसडीएम जितेंद्र वर्मा, कृष्णनाथ गोस्वामी सहित मंदिर समिति प्रभारी अधिकारी आर. सी. तिवारी, गिरीश देवली, आरके नौटियाल, आचार्य ओंकार शुक्ला, यदुवीर पुष्पवान, प्रदीप सेमवाल, अरविंद शुक्ला डा. हरीश गौड़, अमित शुक्ला, विपिन तिवारी राजकुमार तिवारी आदि मौजूद रहे।
आठ मई को सुबह 6:15 बजे खुलेंगे बदरीनाथ धाम के कपाट
जोशीमठ स्थित नृसिंह मंदिर से आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी सहित तिलों के तेल की कलश यात्रा आज पांडुकेश्वर स्थित योग-ध्यान बदरी मंदिर के लिए रवाना होगी। रात्रि प्रवास इसी मंदिर में होगा। 7 मई शनिवार प्रात: योग बदरी पांडुकेश्वर से आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी, रावल जी सहित देवताओं के खजांची श्री कुबेर जी एवं भगवान के सखा उद्धव जी, तेल कलश गाडू घड़ा के साथ प्रात: 9 बजे श्री बदरीनाथ धाम को प्रस्थान करेंगे। 8 मई प्रात: 6 बजकर 15 मिनट पर शीतकाल के लिए श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे। उधर, पवित्र गुरूद्वारा श्री हेमकुंड साहिब जी एवं लोकपाल तीर्थ के कपाट रविवार 22 मई को खुलेंगे।

सभी होटलों की बुकिंग 15 जून तक लगभग फुल
पिछले दो वर्ष कोरोना संक्रमण के चलते यात्रा पर प्रतिबंध रहा, जबकि बाद में भी प्रतिबंध के साथ यात्रा शुरू हुई, जिससे काफी कम संख्या में यात्री दर्शनों को पहुंचे। इस बार उम्मीद की जा रही अब तक के सभी रिकार्ड चारधाम यात्रा में आने वाले भक्तों की संख्या के टूट जाएंगे। केदारनाथ धाम समेत यात्रा पड़ावों में सभी होटलों की बुकिंग 15 जून तक लगभग फुल हो चुकी है। हेली टिकट की बुकिंग भी फुल हो चुकी है, जिससे अनुमान लगाया जा सकता है कि भारी संख्या में दर्शनों के लिए भक्त पहुंचेंगे।
इस बार भी यात्रा के लिए पंजीकरण किया अनिवार्य
चारधाम यात्रा के लिए श्रद्धालुओं को इस बार भी पंजीकरण कराना अनिवार्य है। श्रद्धालु पर्यटन विभाग की वेबसाइट https://registrationandtouristcare.uk.gov.in पर आनलाइन पंजीकरण करा सकते हैं। इसके साथ ही आफलाइन पंजीकरण के लिए 15 केंद्र खोले जाने हैं। फिलहाल ऋषिकेश, हरिद्वार, सोनप्रयाग और पाखी में आफलाइन पंजीकरण की व्यवस्था की गई है।
कोविड के नियमों का होगा पालन
यात्रा के दौरान कोविड सम्यक व्यवहार आवश्यक है। इसके तहत मास्क व सैनिटाइजर का उपयोग अनिवार्य है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से समय-समय पर जारी कोविड प्रोटोकाल का अनिवार्य रूप से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा। साथ ही दर्शन के दौरान भी कोविड के नियम बनाए गए हैं।
रात में छह घंटे बंद रहेगा आवागमन
यात्रा के दौरान राज्य में आने वाले तीर्थ यात्रियों की जान-माल की सुरक्षा के मद्देनजर यात्रा मार्गों पर रात्रि 10 बजे से सुबह चार बजे तक वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। शासन द्वारा जारी आदेश में भी यह प्रविधान किया गया है।
कोरोना रिपोर्ट की नहीं है अनिवार्यता
सरकार ने अन्य राज्यों से आने वाले चारधाम तीर्थ यात्रियों को फिलहाल राहत देने का प्रयास किया है। फोकस यात्रा का सफल संचालन है। अग्रिम आदेशों तक यात्रियों एवं श्रद्धालुओं को राज्य की सीमा पर होने वाली असुविधा एवं भीड़ से बचाव करने के दृष्टिगत कोविड-19 टेस्टिंग, वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट एवं अन्य किसी भी प्रकार की चेकिंग की अनिवार्यता नहीं है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page