May 23, 2022

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चार साल पहले इस स्कूल में हुआ था गैंगरेप, अब मिली सैनिक स्कूल की मान्यता, प्रबंधन सहित छह को मिली थी सजा

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उत्तराखंड के जीआरडी वर्ल्ड स्कूल को सैनिक स्कूल की मान्यता मिल गई। यहां ये भी बताना जरूरी है कि ये स्कूल चार साल पहले गैंगरेप को लेकर चर्चा में आया था।

उत्तराखंड के जीआरडी वर्ल्ड स्कूल को सैनिक स्कूल की मान्यता मिल गई। यहां ये भी बताना जरूरी है कि ये स्कूल चार साल पहले गैंगरेप को लेकर चर्चा में आया था। चार साल पहले इस स्कूल में नाबालिग छात्रा से गैंगरेप हुआ था। इस मामले में प्रबंधन सहित छह लोगों को कारावास की सजा भी कोर्ट ने सुनाई थी। अब उसी स्कूल को केंद्र सरकार के रक्षा मंत्रालय से सैनिक स्कूल के रूप में मान्यता मिलनो से सोशल मीडिया से लेकर आम लोगों के बीच सवाल उठने लगे हैं। से में स्कूल को पीपीपी मोड़ पर सैनिक स्कूल जैसी प्रतिष्ठित जिम्मेदारी सौंपने से रक्षा मंत्रालय के निर्णय पर ही सवाल खड़े होने लगे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में 100 सैनिक स्कूल खोलने की घोषणा की थी। इस पर रक्षा मंत्रालय ने त्वरित कार्यवाही करते हुए नए स्कूल ‘साझेदारी मोड’ में देश भर में स्थापित करने का निर्णय किया है। गत दिवस, रक्षा मंत्रालय ने गैर सरकारी संगठनों, निजी विद्यालयों, राज्य सरकारों के साथ साझेदारी में 21 नए सैनिक स्कूल की स्थापना को मंजूरी दी है। इस आदेश में उत्तराखंड के जीआरडी वर्ल्ड स्कूल भाऊवाला (देहरादून) को पीपीपी मोड़ में सैनिक स्कूल संचालन की मान्यता दी गई।
इसकी जानकारी सार्वजनिक होते ही रक्षा मंत्रालय के इस निर्णय पर सवाल उठने लगे हैं। खासकर जिस जीआरडी वर्ल्ड स्कूल में 2018 में 10वीं की छात्रा से गैंगरेप हुआ था तथा पूरे मामले में स्टाफ के साथ प्रबंधन की भूमिका सार्वजनिक हुई थी। इसके बाद कोर्ट ने 6 आरोपियों को कठोर कारावास की सजा भी 2020 में सुनाई। यही नहीं गैंगरेप के साथ ही पीड़ित छात्रा का गर्भपात तक स्टाफ और प्रबन्धन ने कराया था। इसके बाद स्कूल की मान्यता तक सीबीएसई ने रद्द कर दी थी। 2 साल बाद गुपचुप तरीके से विवादित स्कूल को रक्षा जैसे प्रतिष्ठित मंत्रालय ने सैनिक स्कूल संचालन की जिम्मेदारी सौंपना किसी के गले नहीं उतर रहा है।
अब सैनिक स्कूल की मान्यता पर रक्षा मंत्रालय की भूमिका भी सवालों में घिर गई है। अब इस मामले में सामाजिक संगठन भी रक्षा मंत्रालय के निर्णय को गलत बता रहे हैं। इस सम्बन्ध में विभिन्न समाजिक संगठन और समाजसेवी प्रधानमंत्री, केंद्रीय रक्षा मंत्री, राज्य रक्षा मंत्री समेत जिम्मेदारी अधिकारियों को पत्र भेज रहे हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि जल्द मामले में मंत्रालय ने निर्णय पर पुनर्विचार न किया तो विभिन्न संगठन आंदोलन को बाध्य होंगे। इसके साथ ही कुछ लोग न्यायालय जाने की भी तैयारी कर रहे हैं।
उत्तराखंड के हिस्से में आया एक स्कूल
रक्षा मंत्रालय ने शैक्षणिक सत्र 2022-23 के लिए देशभर में 21 नए सैनिक स्कूल खोलने को मंजूरी दी है। मंत्रालय संबंधित प्रदेश की सरकार अथवा निजी स्कूल या एनजीओ के साथ पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड में इन स्कूलों का संचालन करेगा। उत्तराखंड के हिस्से भी एक सैनिक स्कूल आया है। देहरादून के भाऊवाला स्थित जीआरडी वर्ल्‍ड स्कूल को इसके लिए चयनित किया गया है।
कक्षा छह में मिलेगा प्रवेश
अखिल भारतीय स्तर पर आयोजित होने वाली प्रवेश परीक्षा में सफल रहने वाले छात्र-छात्राओं को इन स्कूलों में कक्षा छह में प्रवेश मिलेगा। इस परीक्षा से 40 प्रतिशत छात्रों का चयन किया जाएगा। जबकि 60 प्रतिशत छात्र संबंधित स्कूल के ही रहेंगे, यदि वह सैनिक स्कूल सोसायटी पैटर्न में प्रवेश लेना चाहते हैं। आगामी मई के पहले सप्ताह से इन नए सैनिक स्कूलों में शैक्षणिक सत्र शुरू होगा।
राज्य में था एक मात्र सैनिक स्कूल घोड़ाखाल
बता दें, राज्य में इससे पहले एक मात्र सैनिक स्कूल घोड़ाखाल था। जिसका पूरा संचालन रक्षा मंत्रालय करता है। हालांकि रुद्रप्रयाग जिले में भी सैनिक स्कूल खोलने की कवायद पिछले कई साल से चल रही है। इसको स्वीकृति भी मिल गई थी, पर कुछ कारणों से मामला अब भी अधर में लटका हुआ है।
अधिकांश छात्रों का चयन होता एनडीए के लिए
12वीं उत्तीर्ण करने वाले अधिकांश छात्रों का चयन एनडीए के लिए होता है। जिसके बाद वह सेना, नौसेना व वायुसेना में बतौर अधिकारी सैन्य पारी की शुरुआत करते हैं। आरआइएमसी की तरह सैनिक स्कूल में भी अपने बच्चों का दाखिला करने के लिए अभिभावकों की दिली इच्छा रहती है। लेकिन अखिल भारतीय स्तर पर आयोजित होने वाली प्रवेश परीक्षा और सीमित सीट के चलते चुनिंदा छात्रों का ही चयन हो पाता है।

1 thought on “चार साल पहले इस स्कूल में हुआ था गैंगरेप, अब मिली सैनिक स्कूल की मान्यता, प्रबंधन सहित छह को मिली थी सजा

  1. भारत सरकार रक्षा मंत्रालय से प्रबल मांग है कि उत्तराखंड में सैनिक स्कूल संचालन की मान्यता प्रदेश के किसी ऐसी सामाजिक, शैक्षिक प्रतिष्ठित शिक्षा संस्थान को दी जाय
    जोकि रक्षा मंत्रालय के प्रतिष्ठा के अनुकूल हो । जीआर डी वर्ल्ड पब्लिक स्कूल देहरादून की पृष्ठभूमि के मध्यनजर इसे दी गयी मान्यता पर शीघ्र पुनर्विचार कर इसे दी गयी मान्यता को शीघ्र निरस्त किया जाय । राजेन्द्र बहुगुणा , उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी ।

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