May 24, 2022

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चीन ने पैंगोंग झील पर किया पुल निर्माण तेज, अब तक बना चुका है 400 मीटर लंबा पुल, सैटलाइट तस्वीरों में हुआ खुलासा

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चीनी ड्रैगन ने भारत पर सामरिक बढ़त हासिल करने के लिए पूर्वी लद्दाख के पैंगोंग झील पर बनाए जा रहे अवैध पुल का निर्माण कार्य काफी तेज कर दिया है। ताजा सैटलाइट तस्‍वीरों से खुलासा हुआ है कि यह चीनी पुल अब 400 मीटर लंबा बन चुका है।

चीनी ड्रैगन ने भारत पर सामरिक बढ़त हासिल करने के लिए पूर्वी लद्दाख के पैंगोंग झील पर बनाए जा रहे अवैध पुल का निर्माण कार्य काफी तेज कर दिया है। ताजा सैटलाइट तस्‍वीरों से खुलासा हुआ है कि यह चीनी पुल अब 400 मीटर लंबा बन चुका है। यह पुल करीब 8 मीटर चौड़ा है और चीनी सैन्‍य ठिकाने के दक्षिण में स्थित है। विशेषज्ञों के मुताबिक चीन जब यह पुल बना लेगा तब इस इलाके में उसे काफी सामरिक बढ़त हासिल हो जाएगी।
एनडीटीवी की रिपोर्ट में इसका खुलासा किया है। साथ ही सैटलाइट तस्वीरें भी साझा की गई हैं। इसके मुताबिक गत 16 जनवरी की सैटलाइट तस्‍वीर में इशारा मिलता है कि चीनी निर्माण कर्मचारी भारी क्रेन का इस्‍तेमाल पिलर को जोड़ने के लिए कर रहे हैं। पुल निर्माण की गति को देखते हुए माना जा रहा है कि कुछ महीने में इसका निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। हालांकि अभी रुटोग तक सड़क बनाने में अभी लंबा समय लगेगा। इससे पहले खुलासा हुआ था कि चीन पैंगोंग झील पर पुल का निर्माण कर रहा है। इससे चीनी सेना पैंगोंग झील के दूसरी तरफ बहुत तेजी से अपने सैनिकों को भेज सकेगी।
इससे पुल के बनने से अब चीनी सैनिकों को रुटोग अड्डे तक पहुंचने के लिए 200 किमी तक पैंगोंग झील का चक्‍कर नहीं लगाना पड़ेगा। द इंटेल लैब में शोधकर्ता दमिएन सयमोन ने कहा कि भारी मशीनों (क्रेन) को पुल का निर्माण करने के लिए लगाया गया है। भीषण बर्फबारी और खराब मौसम के बाद भी इस पुल का निर्माण कार्य जारी है। इसके अलावा पुल तक जाने के लिए एक नया रास्‍ता उत्‍तरी किनारे पर खुर्नाक फोर्ट के पास दिखाई दिया है जो एक चीनी सड़क से जोड़ेगा।’
चीन जिस इलाके में यह पुल बना रहा है, उस पर साल 1958 से ड्रैगन का कब्‍जा है। भारत का मानना है कि यह उसके वास्‍तविक नियंत्रण रेखा के अंदर आता है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि चीन जिस जगह पर यह पुल बना रहा है, वह साल 1960 से उसके अवैध कब्‍जे में है। जैसाकि आप भलीभांति जानते हैं कि भारत ने इस अवैध कब्‍जे को कभी स्‍वीकार नहीं किया है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने पिछले दिनों पैंगोंग सो पुल का प्रत्यक्ष उल्लेख किए बगैर पत्रकारों से कहा कि आपने जो बात कही, मुझे उसकी जानकारी नहीं है।
वांग ने कहा कि मैं यह बताना चाहता हूं कि चीन की ओर से अपनी सीमा में किया जा रहा बुनियादी ढांचे का निर्माण पूरी तरह से उसकी सम्प्रभुता में आता है और उसका लक्ष्य चीन की क्षेत्रीय सम्प्रभुता की रक्षा करना और चीन-भारत सीमा पर शांति तथा स्थिरता बनाए रखना है। भारत और चीन की सेनाओं के बीच पांच मई 2020 को पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में गतिरोध शुरू हुआ। पैंगोंग झील वाले इलाके में हिंसक टकराव के बाद दोनों देशों की सेनाओं ने काफी संख्या में सैनिकों और भारी हथियारों की तैनाती कर दी। पिछले वर्ष लगातार कई दौर की सैन्य और राजनयिक स्तर की वार्ता के बाद दोनों पक्षों ने पिछले साल पैंगोंग झील के उत्तरी और दक्षिणी किनारे तथा गोगरा क्षेत्र से सैनिकों को पीछे हटाने की प्रक्रिया पूरी की।

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