May 23, 2022

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सुबह मंत्री ने दिया भाजपा को झटका, दोपहर में एक विधायक ने भी छोड़ दी पार्टी

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उत्तराखंड सहित पांच राज्यों में चुनाव की तिथि घोषित हो गई है। इसके साथ ही राजनीतिक दलों में पाला बदल की घटनाएं भी तेज हो गई हैं। चुनाव रैलियों में अभी रोक है, ऐसे में सोशल मीडिया प्लेटफार्म के जरिये राजनीतिक दलों ने प्रचार आरंभ कर दिया है।

उत्तराखंड सहित पांच राज्यों में चुनाव की तिथि घोषित हो गई है। इसके साथ ही राजनीतिक दलों में पाला बदल की घटनाएं भी तेज हो गई हैं। चुनाव रैलियों में अभी रोक है, ऐसे में सोशल मीडिया प्लेटफार्म के जरिये राजनीतिक दलों ने प्रचार आरंभ कर दिया है। अब गोवा में ही देखिए। सुबह के समय भाजपा सरकार के मंत्री ने पार्टी छोड़ी और दोपहर होते होते एक विधायक ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया।
पांचों राज्यों में सात चरण में विधानसभा चुनाव होंगे। उत्तर प्रदेश में पहले चरण का मतदान 10 फरवरी को होगा और अंतिम चरण की वोटिंग सात मार्च को होगी। पंजाब, उत्तराखंड और गोवा में 14 फरवरी को मतदान होगा। वहीं, मणिपुर में दो चरणों में मतदान होगा। यहां 27 फरवरी को पहले दौर और 3 मार्च को अंतिम दौर का मतदान होगा। सभी राज्यों में 10 मार्च को मतगणना होगी।
गोवा में विधानसभा चुनाव के पहले, बीजेपी में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा। गोवा के मंत्री माइकल लोबो के बाद अब राज्‍य से एक और विधायक ने पार्टी छोड़ दी है। विधायक प्रवीण जान्त्ये ने सोमवार को पार्टी और विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। राज्य में अगले माह विधानसभा चुनाव होने हैं, हालांकि बीजपी की गोवा इकाई ने कहा है कि ऐसे कदमों से 14 फरवरी को होने वाले राज्य विधानसभा चुनाव में पार्टी की संभावनाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि-कुछ दलबदलू सुशासन के एजेंडे को प्रभावित नहीं कर सकते। उन्होंने विश्वास जताया कि गोवा की जनता एक बार फिर उनकी पार्टी के लिए मतदान कर उसे एक और कार्यकाल के लिए सत्ता में लाएगी।
कलंगुट विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे और राज्य बंदरगाह तथा अपशिष्ट प्रबंधन विभागों का प्रभार संभाल रहे लोबो ने सोमवार सुबह अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) एवं गोवा विधानसभा के अध्यक्ष को भेज दिया। सूत्रों के अनुसार, वह कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने बाद में संवाददाताओं से कहा कि मैंने दोनों पद से इस्तीफा दे दिया है। मैं देखूंगा कि आगे मुझे क्या कदम उठाने हैं। मैंने भाजपा से भी इस्तीफा दे दिया है।
कांग्रेस में शामिल होने की संभावनाओं के बारे में पूछे जाने पर लोबो ने कहा कि उनकी अन्य राजनीतिक दलों से बातचीत चल रही है। उन्होंने दावा किया कि लोग इस तटीय राज्य में भाजपा के शासन से नाखुश हैं। उन्होंने कहा कि मतदाताओं ने मुझसे कहा कि भाजपा अब आम लोगों की पार्टी नहीं रही। लोबो ने यह भी दावा किया कि जमीनी स्तर के कार्यकर्ता महसूस कर रहे हैं कि पार्टी उनकी अनदेखी कर रही है।
लोबो के इस्‍तीफे के कुछ ही घंटे बाद माइम से विधायक जान्त्ये ने भी बीजेपी और राज्य विधानसभा से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि वह पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के कहने पर भाजपा में शामिल हुए थे और पर्रिकर के निधन के बाद उन्हें पार्टी में दरकिनार कर दिया गया था। उन्होंने यह दावा भी किया कि उनके विधानसभा क्षेत्र में बेरोजगारी की समस्या है और राज्य सरकार ने उस ओर ध्यान नहीं दिया।
इस बीच मुख्यमंत्री सावंत ने ट्वीट किया कि भारतीय जनता पार्टी एक बड़ा परिवार है जो पूरे समर्पण के साथ लगातार मातृभूमि की सेवा कर रहा है। लोभ और निजी स्वार्थ के एजेंडा को पूरा करने के लिए कुछ लोगों का छोड़कर जाना हमें सुशासन के एजेंडे से नहीं डिगा सकता। उन्होंने एक अन्य ट्वीट में लिखा कि गोवा के लोगों ने भाजपा के शासन और विकास के मॉडल को एक दशक से देखा है और मुझे विश्वास है कि वे हमें एक बार और अपनी सेवा का अवसर देंगे। जय हिंद, जय गोवा।
गोवा में इस बार मुकाबला प्रमुख रूप से भाजपा, कांग्रेस, गोवा फॉरवर्ड पार्टी (जीएफपी), महाराष्ट्रवादी गोमंतक पार्टी (एमजीपी), आम आदमी पार्टी (आप), तृणमूल कांग्रेस पार्टी (टीएमसी) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के बीच है। पिछले विधानसभा चुनाव में गोवा में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, लेकिन पूर्ण बहुमत से दूर रह गई थी और सरकार बनाने में विफल रही। तब भाजपा ने कुछ क्षेत्रीय दलों और निर्दलियों के साथ साझेदारी से सरकार बनाई थी। इस समय राज्य में कांग्रेस के केवल दो विधायक हैं।

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