May 23, 2022

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अधिकारी, कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति ने श्रम विभाग में किया प्रदर्शन, हड़ताल के लिए तैयार रहने की अपील

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उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति के मांग पत्र को लेकर चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के तहत आज मंगलवार को समन्वय समिति के संयोजक मंडल ने देहरादून स्थित श्रम विभाग के कर्मचारियों के साथ गेट मीटिंग की और जोरदार प्रदर्शन किया।

उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति के मांग पत्र को लेकर चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के तहत आज मंगलवार को समन्वय समिति के संयोजक मंडल ने देहरादून स्थित श्रम विभाग के कर्मचारियों के साथ गेट मीटिंग की और जोरदार प्रदर्शन किया।
अब तक का आंदोलन
गौरतलब है कि 18 सूत्रीय मांगों को लेकर उत्तराखंड के कर्मचारियों, शिक्षकों और अधाकारियों ने साझा मंच का गठन किया है। उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति के बैनर तले ही सिलसिलेवार आंदोलन किए जा रहे हैं। आंदोलन के तहत अभी तक गेट मीटिंग, जिला स्तरीय धरने, जिला स्तरीय रैली का आयोजन किया गया है। आंदोलन के चौथे चरण में छह अक्टूबर को देहरादून में प्रदेश स्तरीय हुंकार रैली निकाली गई।
पहले शासन की वेतन विसंगति समिति की बैठक समिति के साथ 29 सितंबर को हुई थी। इसमें समिति के प्रतिनिधिमंडल ने विभिन्न समस्याओं को वेतन विसंगति समिति के अध्यक्ष शत्रुघ्न सिंह के समक्ष बिंदुवार रखा। बैठक में अध्यक्ष की ओर से सार्थक प्रयास का आश्वासन दिया गया। इसके बाद एक अक्टूबर को समन्वय समिति के प्रतिनिधिमंडल की अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी के साथ सचिवालय में मांग पत्र पर विस्तार से वार्ता हुई। इस दौरान अपर मुख्य सचिव ने बिंदुवार चर्चा के दौरान ही कार्मिक विभाग को आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान अपर सचिव ने आंदोलन स्थगित करने का अनुरोध किया था, लेकिन समन्वय समिति ने मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बैठक आयोजित कर समस्त प्रकरणों पर ठोस निर्णय लेने की मांग की। बैठक तय नहीं हुई और इस पर पांच अक्टूबर को हुंकार रैली निकाली गई । कर्मियों ने तय किया है कि 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।
कार्यबहिष्कार कर की गेट मीटिंग
आज दिनांक 16 अक्टूबर 2021 को उत्तराखंड अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षक समन्वय समिति द्वारा पूर्व घोषित आन्दोलन कार्यक्रम के तहत श्रम विभाग, अजबपुर खुर्द, देहरादून कार्यालय में दो घंटे का कार्य बहिष्कार कर गेट मीटिंग की गई। साथ ही जोरदार प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रम विभाग, कर्मचारी संगठन गढ़वाल क्षेत्र के अध्यक्ष आनन्द ने की और संचालन राजकीय वाहन महासंघ के प्रांतीय महामंत्री संदीप कुमार मौर्य ने किया।
इस मौके पर समिति के जिला मुख्य संयोजक चौधरी ओमवीर सिंह, सचिव संयोजक दीप बुढलाकोटी, समिति के प्रांतीय प्रवक्ता अरूण पाण्डेय, प्रांतीय संयोजक पंचम सिंह बिष्ट एवं शक्ति प्रसाद भट्ट विशेष रूप से आन्दोलन कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। आज के आन्दोलन कार्यक्रम में श्रम विभाग के अश्वनी कुमार हलवर, जितेश थपलियाल, मुकेश कुलाश्री, बन्दना महार, राजेश जुनेजा, राजेन्द्र, राजेश कुमार, मदन, वीरेन्द्र कुगाई, विजय कैराले, असलम, लीलावती, अनुराधा आदि उपस्थित रहे।
आंदोलन की दी जानकारी
आन्दोलन कार्यक्रम में प्रांतीय प्रवक्ता अरूण पांडेय ने सभी कार्मिकों को आज तक के आंदोलन की जानकारी दी। साथ ही बताया कि समिति के 18 सूत्रीय मांग पत्र पर कार्यवाही नहीं की जा रही है, जबकि शासन स्तर पर कई दौर की वार्ता हो चुकी है। शासन के उच्च अधिकारी कर्मचारियों के पक्ष में निर्णय नहीं ले पा रहे हैं। इसका सबसे बड़ा कारण शासन के अधिकारियों तथा राज्य सरकार गय आपसी तालमेल की कमी है। इसलिए समिति ने यह निर्णय लिया गया है कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में त्रिपक्षीय बैठक के माध्यम से समस्याओं के समाधान के लिए वार्ता हो। यदि समस्याओं का समाधान शीघ्र नहीं किया तो दिनांक 26 अक्टूबर, 2021 से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार को पूर्ण हड़ताल आन्दोलन कार्यक्रम में परिवर्तित कर दिया जायेगा। इसके लिए समिति ने पूर्ण तैयारी कर ली है। आज की गेट मीटिंग कार्यक्रम में जिला संयोजक ओमवीर सिंह ने जनपद देहरादून में चल रहे आन्दोलन के विषय में अवगत कराया तथा आगामी कार्य दिवस 18 अक्टूबर 2021 को पूर्वान्ह 10:30 आइटीआइ निरंजनपुर देहरादून में कार्य बहिष्कार गेट मीटिंग आन्दोलन कार्यक्रम होगा।
विभागीय समस्याओं से कराया अगवत
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आनन्द ने अवगत कराया कि श्रम विभाग कर्मचारी सेवा नियमावली जो कि आज दिनांक तक शासन स्तर पर लम्बित है। उन्होंने समिति के प्रतिनिधिमंडल को विभागीय कर्मचारियों की समस्याओं से अवगत कराया। बताया कि उत्तराखंड के विभागीय ढांचे में उच्च अधिकारियों के पद स्वीकृत किये गये। दो मंडलीय कार्यालय गढ़वाल क्षेत्र में बनाए गए, लेकिन उन कार्यालय में कार्य करने वाले कर्मचारियों के पद को आवश्यकता के अनुसार कांचे में शामिल करते हुए कर्मचारी सेवा नियमावली उत्तराखण्ड शारान से स्वीकृत नहीं करायी गयी है। जिस कारण विभाग में कार्यरत कर्मचारियों के पदोन्नति के अवसर समय पर प्राप्त नहीं हो रहे है तथा सभी संवर्ग के रिक्त पदों पर आवश्यकतानुसार नई भर्ती नहीं हो पा रही है। संदीप कुमार मौर्य ने आगामी आन्दोलन में श्रम विभाग,
ओर से समिति को पूर्ण आश्वस्त किया कि आगामी अनिश्चितकालीन आन्दोलन में पूर्ण सहभागिता निभायी जायेगी।
ये हैं मांगे
1-प्रदेश के समस्त राज्य कार्मिकों, शिक्षकों, निगम, निकाय, पुलिस कार्मिकों को पूर्व की भांति 10, 16, व 26 वर्ष की सेवा पर पदोन्नति न होने की दशा में पदोन्नति वेतनमान अनुमन्य किया जाये।
2-राज्य कार्मिकों के लिए निर्धारित गोल्डन कार्ड की विसंगतियों का निराकरण करते हुए केन्द्रीय कर्मचारियों की भांति सीजीएसएस की व्यवस्था प्रदेश में लागू की जाय। प्रदेश एवं प्रदेश के बाहर उच्च कोटि के समस्त अस्पतालों को अधिकृत किया जाये। तथा सेवानिवृत्त कार्मिकों से निर्धारित धनराशि में 50 फीसद कटौती कम की जाए।
3-पदोन्नति के लिए पात्रता अवधि में पूर्व की भांति शिथिलीकरण की व्यवस्था बहाल की जाए।
4-प्रदेश में पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू की जाए।
5-मिनिस्टीरियल संवर्ग में कनिष्ठ सहायक के पद की शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट के स्थान पर स्नातक की जाए। तथा एक वर्षीय कम्प्यूटर ज्ञान अनिवार्य किया जाए।
6-वैयक्तिक सहायक संवर्ग में पदोन्नति के सोपान बढ़ाते हुए स्टाफिंग पैर्टन के अन्तर्गत ग्रेड वेतन रु0 4800.00 में वरिष्ठ वैयक्तिक अधिकारी का पद सृजित किया जाए।
7-राजकीय वाहन चालकों को ग्रेड वेतन रु0 2400.00 इग्नोर करते हुए स्टाफिंग पैर्टन के अन्तर्गत ग्रेड वेतन रु0 4800.00 तक अनुमन्य किया जाए।
8-चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों को भी वाहन चालकों की भांति स्टाफिंग पैर्टन लागू करते हुए ग्रेड वेतन रु0 4200.00 तक अनुमन्य किया जाए।
9-समस्त अभियन्त्रण विभागों में कनिष्ठ अभियन्ता (प्राविधिक)/संगणक के सेवा प्राविधान एक समान करते हुए इस विसंगति को दूर किया जाए।
10-विभिन्न विभागीय संवर्गो के वेतन विसंगति/स्टापिंग पैर्टड के प्रकरण जो शासन स्तर पर लम्बित हैं, उनका शीघ्र निस्तारण किया जाये।
11-जिन विभागों के ढांचे का पुर्नगठन/एकीकरण शासन स्तर पर किया जाना प्रस्तावित हैं, उन विभागों के पूर्व स्वीकृत पदों में कटौती न की जाये। ताकि कार्मिको के पदोंन्नति के अवसर बाधित न हों।
12-राज्य सरकार की ओर से लागू एसीपी/एमएसीपी के शासनादेश में उत्पन्न विसंगति को दूर करते हुए पदोन्नति के लिए निर्धारित मापदंडो के अनुसार सभी लेवल के कार्मिकों के लिये 10 वर्ष के स्थान पर 05 वर्ष की चरित्र पंजिका देखने तथा “अतिउत्तम” के स्थान पर “उत्तम” की प्रविष्टि को ही आधार मानकर संशोधित आदेश शीघ्र जारी किया जाए।
13-जिन विभागों का पुर्नगठन अभी तक शासन स्तर पर लम्बित है, उन विभागों का शीघ्र पुनर्गठन किया जाए।
14-31 दिसम्बर तथा 30 जून को सेवानिवृत्त होने वाले कार्मिकों को 06 माह की अवधि पूर्ण मानते हुये एक वेतन वृद्धि अनुमन्य कर सेवानिवृत्ति का लाभ प्रदान किया जाए।
15-स्थानान्तरण अधिनियम-2017 में उत्पन्न विसंगतियों का निराकरण किया जाए।
16-राज्य कार्मिकों की भांति निगम/निकाय कार्मिकों को भी समान रूप से समस्त लाभ प्रदान किये जाए।
17-तदर्थ रूप से नियुक्त कार्मिकों की विनियमितिकरण से पूर्व तदर्थ रूप से नियुक्ति की तिथि से सेवाओं को जोड़ते हुये वेतन/सैलेक्शन ग्रेड/एसीपी/पेंशन आदि समस्त लाभ प्रदान किया जाए।
18-समन्वय समिति से सम्बद्ध समस्त परिसंघों के साथ पूर्व में शासन स्तर पर हुई बैठकों में किये गये समझौते/निर्णयों के अनुरूप शीघ्र शासनादेश जारी कराया जाए।

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