May 23, 2022

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आंगनवाड़ियों का सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप, तेज करेंगी आंदोलन, 21 अक्टूबर को धरना और 22 को रैली

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आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों ने भी उत्तराखंड सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। तय किया कि मांगों को लेकर आंगनवाड़ी यूनियनें आन्दोलन तेज करेंगी।

आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों ने भी उत्तराखंड सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। तय किया कि मांगों को लेकर आंगनवाड़ी यूनियनें आन्दोलन तेज करेंगी। आंगनबाड़ी से सम्बंधित विभिन्न यूनियनों की एक आवश्यक बैठक शनिवार को गांधी पार्क में सम्पन्न हुई। इसमें सरकार के हवाले से मिली सूचना में 500 रूपये की मानदेय बढ़ोत्तरी का कड़ा विरोध किया गया। साथ ही तय किया गया कि आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के लिए 21हजार तथा सहायिकाओं के लिए 18हजार न्यूनतम वेतन घोषित किया जाए। साथ ही मिनी आंगनवाड़ियों के लिये समान कार्य के लिये समान वेतन घोषित किया जाए। बैठक में गौराधन योजना का लाभ भी आंगनवाड़ियों को देने की मांग की गई। साथ ही सर्वसम्मति से सरकार के ढुलमुल रवैये पर रोष व्यक्त करते हुए आन्दोलन तेज करने का निर्णय लिया गया।
आज बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अपनी मांगों के समर्थन में 21 अक्टूबर को प्रातः 10 बजे से गांधी पार्क के समक्ष धरना दिया जाएगा। इसके बाद 22अक्टूबर को सचिवालय के समक्ष प्रदर्शन किया जाऐगा। इसके तहत 11बजे गांधी पार्क से सचिवालय तक जुलूस निकाला जाएगा। यदि सरकार ने फिर भी मांगों पर कार्यवाही नहीं की तो अनिश्चितकालीन आन्दोलन चलाया जाऐगा। बैठक निर्णय लिया गया आंगनवाड़ी कार्यकत्री चुनाव संबंधी किसी भी कार्यवाही का बहिष्कार करेंगी।
बैठक में सीटू से सम्बद्ध आंगनवाड़ी कार्यकत्री एवं सेविका कर्मचारी यूनियन की प्रान्तीय कार्यकारी अध्यक्ष जानकी चौहान, चित्रकला, लक्ष्मी पन्त, ज्योतिका पांडेय, सुशीला खत्री, ज्योति बाला, उमा प्रधान, रजनी गुलेरिया, रंजीता अरोड़ा, उमा बहुगुणा, दीपा पाण्डेय, विमला गैरोला, पूजा जोशी, शमा परवीन आदि ने विचार व्यक्त किए।
कैबिनेट में नहीं हुआ था फैसला
गौरतलब है कि 12 अक्टूबर को हुई कैबिनेट की बैठक में आंगनबाड़ी कार्यकर्तियों के मानदेय को लेकर कोई फैसला नहीं किया गया। इनके समबंध में फैसला लेने के लिए मंत्रिमंडल ने सीएम को अधिकृत किया। वहीं, शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आंगनवाड़ी यूनियन के एक गुट की प्रदेश अध्यक्षा रेखा नेगी, महामंत्री श्रीमती सुमति थपलियाल एवं श्रीमती मीनाक्षी रावत ने भेंट की। उन्होंने सीएम को मांग पत्र सौंपा। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के हित में निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा की आंगनवाड़ी की बहनों की समस्याओं के समाधान के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा की राज्य में सीमित संसाधन होने के बावजूद भी राज्य सरकार द्वारा सबके हितों को ध्यान में रखते हुए कार्य किए जा रहे है।
आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों की मांगे
1- आंगनवाड़ी /हेल्पर को कर्मचारी घोषित करने तथा कार्यकत्री को ग्रेड 3 तथा हेल्पर को ग्रेड 4 का दर्जा दिया जाए।
2- आंगनवाड़ी कार्यकत्री को 21000 रूपये, हैल्पर को 18000 रूपये दिया जाए।
3-मिनी आंगनवाड़ी को समान कार्य का समान वेतन दिया जाए।
4-आंगनवाड़ी कार्यकत्री/सेविकाओं को 100 प्रतिशत पदोन्नति मिले तथा आयु सीमा हटायी जाए।
5- महाराष्ट्र की तरह ईएसआई /ग्रेज्युटी दी जाए।
6-आंगनवाड़ी केंद्रों को प्री प्राईमरी घोषित किया जाए।
7-सभी बकाया राशि का भुगतान किया जाए।
8-आंगनवाडियों की बेटियों को नन्दादेवी /गौरादेवी योजनाओं का लाभ दिया जाए।
9-कटा हुआ अशंदान का भुगतान दिया जाए।
10-पोषण ट्रेकर ऐप से सूचनाएं एवम डेटा लीकेज हो रहा है। इसलिए इस ऐप को बन्द किया जाए।

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